सीतापुर में थम गया प्रशासन और विकास हिंदू के बीच का विवाद: जेई की माफी के बाद संगठन ने वापस ली भूख हड़ताल की चेतावनी

सीतापुर में विकास हिंदू और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद सुलझ गया है। जेई के लिखित माफीनामे के बाद संगठन ने भूख हड़ताल और आंदोलन का फैसला वापस ले लिया।

Jul 13, 2026 - 22:41
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सीतापुर में थम गया प्रशासन और विकास हिंदू के बीच का विवाद: जेई की माफी के बाद संगठन ने वापस ली भूख हड़ताल की चेतावनी

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

जेई के माफीनामे के साथ खत्म हुआ बड़ा विवाद, राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना ने भूख हड़ताल का फैसला वापस लिया

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मीरदही टोला इलाके में प्लाटिंग गिराए जाने की कार्रवाई से शुरू हुआ एक बड़ा विवाद अब पूरी तरह सुलझ गया है। राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना और जिला प्रशासन के बीच पिछले कई दिनों से तनातनी का माहौल बना हुआ था, जो सोमवार को बातचीत के बाद खत्म हो गया। अपर जिलाधिकारी आयुष चौधरी की कोर्ट में हुई एक अहम सुनवाई के दौरान तहसील के अवर अभियंता (जेई) एम.के. मिश्रा ने मीडिया में दिए अपने पुराने बयान पर खेद जताते हुए माफी मांग ली। जेई के इस कदम के बाद संगठन ने प्रशासन के खिलाफ प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और अपने सभी आंदोलन वापस लेने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब मीरदही टोला में पप्पू जायसवाल नाम के व्यक्ति की अवैध प्लाटिंग को गिराने के लिए प्रशासनिक टीम पहुंची थी। इस कार्रवाई के दौरान जेई एम.के. मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में इस प्लाटिंग का संबंध पप्पू जायसवाल के साथ-साथ विकास चतुर्वेदी नाम के व्यक्ति से भी जोड़ दिया था। इस बयान पर राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिंदू ने कड़ा ऐतराज जताया था। उनका कहना था कि इस पूरे मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया था कि बिना किसी पक्के सबूत के उनका नाम इस मामले में घसीटा गया, जिससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

मामला बढ़ता देखकर संगठन ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दे दी थी। इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने संगठन के पदाधिकारियों से खुद बात की थी और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारी को नोटिस देने की बात कही थी। इसी कड़ी में सोमवार को एडीएम कोर्ट में सुनवाई रखी गई, जहां जेई एम.के. मिश्रा ने लिखित रूप से साफ किया कि बयान में जिस विकास चतुर्वेदी का नाम लिया गया था, उससे उनका मतलब राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिंदू से बिल्कुल नहीं था।

जेई ने अपने लिखित स्पष्टीकरण में कहा कि यदि उनके कहे शब्दों से विकास हिंदू के सम्मान को ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए क्षमा मांगते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि बयान में शामिल असली विकास चतुर्वेदी कौन है, यह अब तहसील प्रशासन की जांच के बाद ही पता चल सकेगा। जेई के इस रुख और माफीनामे के बाद संगठन के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप शुक्ला ने इस गतिरोध को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा की। संगठन की तरफ से यह भी भरोसा दिया गया है कि वे आने वाले समय में जनता की भलाई और विकास से जुड़े कामों में जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे।

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