दिल्ली के व्यस्त ITO इलाके में स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की इमारत में भड़की भीषण आग, पूरे परिसर में मचा हड़कंप।
देश की राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त और प्रशासनिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले ITO क्षेत्र से आज सुबह एक बेहद
- शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय की दूसरी मंजिल से उठती लपटों ने धारण किया विकराल रूप, दमकल की आठ गाड़ियां राहत कार्य में जुटीं
- विकास मार्ग पर यातायात की रफ्तार थमी, बहुमंजिला भवन से सुरक्षित निकाले गए सभी कर्मचारी, एयर कंडीशनर में ब्लास्ट होने की शुरुआती आशंका
देश की राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त और प्रशासनिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले ITO क्षेत्र से आज सुबह एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। विकास मार्ग पर स्थित देश के प्रतिष्ठित संस्थान, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के परिसर में अचानक भीषण आग लग जाने से पूरे प्रशासनिक महकमे और वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। यह संस्थान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक बेहद महत्वपूर्ण 'इंसटीट्यूट ऑफ नेशनल इंपोर्टेंस' है, जिसकी बहुमंजिला इमारत की एक मंजिल पर सुबह के समय अचानक आग की लपटें दिखाई देने लगीं। कार्यालयी समय की शुरुआत होने के ठीक बाद हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से चौकन्ना कर दिया है।
प्रारंभिक घटनाक्रम और आधिकारिक नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारियों के अनुसार, यह हादसा सोमवार 1 जून 2026 की सुबह करीब साढ़े नौ बजे के आसपास का है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के मुख्यालय को सुबह ठीक 9 बजकर 37 मिनट पर इस अग्निकांड के संबंध में एक आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया था कि स्कूल ऑफ प्लानिंग की इमारत से काले धुएं का एक बड़ा गुबार आसमान की तरफ उठ रहा है। घटना की गंभीरता और वीआईपी इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए दमकल विभाग ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल प्रभाव से आठ आधुनिक दमकल वाहनों को घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का मोर्चा संभाला।
राहत और बचाव कार्य में लगी टीमों के अनुसार, आग की शुरुआत मुख्य रूप से भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित कार्यालयी क्षेत्र से हुई थी, जहां शिक्षा मंत्रालय से जुड़े कुछ प्रशासनिक अनुभाग संचालित होते हैं। सुबह का समय होने के कारण कार्यालय में कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ का आना शुरू ही हुआ था कि अचानक वहां लगे एक बड़े एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के बाद जोरदार ब्लास्ट होने की बात सामने आई। इस धमाके के साथ ही वहां रखे दस्तावेजों, कंप्यूटर प्रणालियों और लकड़ी के पार्टीशन ने तेजी से आग पकड़ ली, जिससे कुछ ही मिनटों के भीतर पूरी मंजिल घने और जहरीले काले धुएं की चपेट में आ गई और वहां काम कर रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण अग्निकांड के दौरान सबसे बड़ी और सांत्वना देने वाली बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या गंभीर रूप से झुलसने की कोई अप्रिय खबर सामने नहीं आई है। जैसे ही भवन के भीतर स्वचालित स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म बजने शुरू हुए, वैसे ही सुरक्षा कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इमारत में मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपातकालीन निकास द्वारों के जरिए बेहद सुरक्षित तरीके से समय रहते बाहर निकाल लिया।
दमकल कर्मियों को इस अभियान के दौरान भारी धुएं के कारण शुरुआती दौर में भवन के भीतर दाखिल होने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि सिंथेटिक सामग्री और तारों के जलने से पूरी मंजिल पर सांस लेना बेहद दूभर हो गया था। दमकल की टीमों ने आधुनिक वेंटिलेशन उपकरणों और वॉटर कैनन का उपयोग करते हुए आग को तीसरी मंजिल और आसपास की अन्य इमारतों में फैलने से पूरी तरह रोक दिया। एहतियात के तौर पर पूरे बिजली कनेक्शन को काट दिया गया था और एम्बुलेंस के साथ-साथ आपदा प्रबंधन की टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया था ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
चूंकि यह पूरी घटना दिल्ली के सबसे व्यस्त मुख्य मार्गों में से एक, विकास मार्ग के बिल्कुल किनारे घटित हुई, इसलिए इसका सीधा और व्यापक असर सोमवार की सुबह होने वाले ट्रैफिक पर भी देखने को मिला। ITO और लक्ष्मी नगर को जोड़ने वाले इस मार्ग पर दमकल की गाड़ियों के खड़े होने और तमाशबीनों की भीड़ जुटने के कारण वाहनों की कतारें कई किलोमीटर लंबी हो गईं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों को स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा और कनाट प्लेस तथा डीडीयू मार्ग की तरफ जाने वाले यातायात को अस्थाई रूप से डायवर्ट किया गया ताकि दमकल और राहत वाहनों को बिना किसी बाधा के रास्ता मिल सके।
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