Ayodhya News: जिस पार्टी ने सरयू को खून से लाल कर दिया, उसके सांसद न आएं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर संत समाज भड़का

अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दोपोत्सव कार्यक्रम से पूरी तरह से खुद को दूर रखा है। अब इसे लेकर साधु-संतों का उनके प्रति गुस्सा फूटा है। संतों ने कहा है, खुद को 'अयोध्या का राजा' बताने वाले अवधेश प्रसाद कहां हैं।

Oct 30, 2024 - 22:14
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Ayodhya News: जिस पार्टी ने सरयू को खून से लाल कर दिया, उसके सांसद न आएं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर संत समाज भड़का

Ayodhya News INA.

30 अक्टूबर 2024 को आयोजित होने वाले दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण पर पहुंच चुकी हैं। इस भव्य आयोजन के लिए पूरे शहर को दीपों से सजाया गया है और राम की पैड़ी पर लाखों दीयों की पंक्तियां बिछाई जा रही हैं। इस बीच साधु-संतों का सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ गुस्सा फूटा है।

अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दोपोत्सव कार्यक्रम से पूरी तरह से खुद को दूर रखा है। अब इसे लेकर साधु-संतों का उनके प्रति गुस्सा फूटा है। संतों ने कहा है, खुद को 'अयोध्या का राजा' बताने वाले अवधेश प्रसाद कहां हैं।

संतों का कहना है की समाजवादी पार्टी से सांसद का हाल यह है कि जिस दीपोत्सव जैसे महाआयोजन की तारीफ वैश्विक स्तर पर हो रही हो, सांसद महोदय का उससे कोई लेना-देना नहीं है। एक तरफ योगी सरकार अयोध्या में अबतक का सबसे विराट और भव्य दीपोत्सव मनाने की तैयारी में दिन रात जुटी हुई है, वहीं सांसद ने खुद को इस महाआयोजन से दूर रखा है।

महंत स्वामी करपात्री ने सपा सांसद को दी धमकी

महंत स्वामी करपात्री महाराज ने सांसद अवधेश के प्रति अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि दीपोत्सव में उनके आने की आवश्यकता नहीं है, जो व्यक्ति खुद को 'अयोध्या का राजा' बताता हो, जो राम का विरोधी हो ऐसा व्यक्ति अगर दीपोत्सव में आ जाए तो ये अपशकुन ही होगा। 

पूरे भारत वर्ष के राजा केवल श्रीराम हैं और ये तो जनप्रतिनिधि हैं जो कि जनता के सेवक होते हैं। जिस पार्टी के लोगों ने हमारे कारसेवकों पर गोलियां चलवाई हों, सरयू नदी को खून से लाल कर दिया हो, ऐसी पार्टी के लोग दीपोत्सव में बिल्कुल न आएं।

अवधेश प्रसाद राम विरोधी हैं- देवेशाचार्य महाराज 

वहीं रामेष्ट आश्रम, पट्टी सागरीया के देवेशाचार्य महाराज ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है, चूंकि अयोध्या की जनता ने उन्हें सांसद बनाया है। मगर वो हमेशा से रामविरोधी रहे हैं। अबतक उन्होंने राम मंदिर में दर्शन भी नहीं किया है। किसी ने जब उन्हें एक कार्यक्रम में रामनाम का पट्टा भी पहनाया था तो उन्होंने इसका विरोध किया था। उनके इन आचरणों को देखकर संत समाज और अयोध्या की जनता काफी दु:खी है। आने वाले वक्त में उन्हें अपने किये की सजा जरूर मिलेगी।
दीपावली पर अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव की चर्चा हर ओर रही है। इस बार दीपोत्सव कई माइनों में खाख है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद अयोध्या में पहली दीपावली है।

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30 अक्टूबर 2024 को आयोजित होने वाले दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण पर पहुंच चुकी हैं। इस भव्य आयोजन के लिए पूरे शहर को दीपों से सजाया गया है और राम की पैड़ी पर लाखों दीयों की पंक्तियां बिछाई जा रही हैं। इस बीच साधु-संतों का सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ गुस्सा फूटा है।

अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दोपोत्सव कार्यक्रम से पूरी तरह से खुद को दूर रखा है। अब इसे लेकर साधु-संतों का उनके प्रति गुस्सा फूटा है। संतों ने कहा है, खुद को 'अयोध्या का राजा' बताने वाले अवधेश प्रसाद कहां हैं। 

संतों का कहना है की समाजवादी पार्टी से सांसद का हाल यह है कि जिस दीपोत्सव जैसे महाआयोजन की तारीफ वैश्विक स्तर पर हो रही हो, सांसद महोदय का उससे कोई लेना-देना नहीं है। एक तरफ योगी सरकार अयोध्या में अबतक का सबसे विराट और भव्य दीपोत्सव मनाने की तैयारी में दिन रात जुटी हुई है, वहीं सांसद ने खुद को इस महाआयोजन से दूर रखा है।

महंत स्वामी करपात्री ने सपा सांसद को दी धमकी

महंत स्वामी करपात्री महाराज ने सांसद अवधेश के प्रति अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि दीपोत्सव में उनके आने की आवश्यकता नहीं है, जो व्यक्ति खुद को 'अयोध्या का राजा' बताता हो, जो राम का विरोधी हो ऐसा व्यक्ति अगर दीपोत्सव में आ जाए तो ये अपशकुन ही होगा। पूरे भारत वर्ष के राजा केवल श्रीराम हैं और ये तो जनप्रतिनिधि हैं जो कि जनता के सेवक होते हैं। जिस पार्टी के लोगों ने हमारे कारसेवकों पर गोलियां चलवाई हों, सरयू नदी को खून से लाल कर दिया हो, ऐसी पार्टी के लोग दीपोत्सव में बिल्कुल न आएं।

अवधेश प्रसाद राम विरोधी हैं- देवेशाचार्य महाराज 

वहीं रामेष्ट आश्रम, पट्टी सागरीया के देवेशाचार्य महाराज ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है, चूंकि अयोध्या की जनता ने उन्हें सांसद बनाया है। मगर वो हमेशा से रामविरोधी रहे हैं। अबतक उन्होंने राम मंदिर में दर्शन भी नहीं किया है। किसी ने जब उन्हें एक कार्यक्रम में रामनाम का पट्टा भी पहनाया था तो उन्होंने इसका विरोध किया था। उनके इन आचरणों को देखकर संत समाज और अयोध्या की जनता काफी दु:खी है। आने वाले वक्त में उन्हें अपने किये की सजा जरूर मिलेगी।

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