Bajpur : कर्णप्रयाग मामले में एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ बाजपुर में सिख समाज की बैठक, आंदोलन की चेतावनी
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में कुछ तत्वों द्वारा जातिवाद को बढ़ावा देकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिख समाज किसी भी तरह के जातिवाद का समर्थन नहीं करता और राज्य के सभी समुदायों को अ
ब्यूरो चीफ : आमिर हुसैन
कर्णप्रयाग में हुई घटना को लेकर सिख समाज में गहरा रोष व्याप्त है। बाजपुर के गुरुद्वारा सिंह सभा में आयोजित एक बैठक के दौरान सिख संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर असंतोष जताया। गुरुद्वारा प्रबंधक कुलविंदर सिंह किंदा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि मामले में दूसरी तरफ से भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो सिख समाज एकजुट होकर कर्णप्रयाग के लिए कूच करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में कुछ तत्वों द्वारा जातिवाद को बढ़ावा देकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिख समाज किसी भी तरह के जातिवाद का समर्थन नहीं करता और राज्य के सभी समुदायों को अपना भाई मानता है। किसान नेता हरप्रीत सिंह निज्जर और पूर्व किसान नेता सारन सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान में तीर्थयात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, उन पर पत्थरबाजी की खबरें आ रही हैं और उनकी धार्मिक आस्था के प्रतीकों को लेकर भी भेदभाव किया जा रहा है।
सिख समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि प्रशासन को पूरी तरह निष्पक्ष होकर कार्य करना चाहिए और घटना में शामिल सभी पक्षों के खिलाफ उचित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करना चाहिए। यदि इस मामले में जल्द ही न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में विक्की रंधावा, विक्रम सिंह गोराया, गगन सरना, पलविंदर सिंह, मंगा सिंह, प्रताप सिंह संधू, संदीप विर्क, सिमरन सिंह, सुरेंद्र सिंह, मलकीत सिंह, नवजोत सिंह और उपकार सिंह सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।
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