Hardoi : रुपापुर में शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए किसान गोष्ठी का आयोजन

इकाई प्रमुख संजीव कुमार तोमर ने कहा कि शरदकालीन गन्ना बुवाई का समय सितंबर-अक्टूबर होता है, जिससे गन्ना आपूर्ति समय पर हो पाती है और किसानों की आ

Sep 24, 2025 - 23:55
 0  28
Hardoi : रुपापुर में शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए किसान गोष्ठी का आयोजन
रुपापुर में शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए किसान गोष्ठी का आयोजन

रुपापुर चीनी मिल में 24 सितंबर 2025 को एक वृहद किसान गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के कई किसानों ने हिस्सा लिया। गोष्ठी का उद्देश्य शरदकालीन गन्ना बुवाई के महत्व और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी देना था। इस दौरान चीनी मिल के इकाई प्रमुख, गन्ना प्रमुख और वैज्ञानिकों ने किसानों को संबोधित किया और उपयोगी सुझाव दिए।

इकाई प्रमुख संजीव कुमार तोमर ने कहा कि शरदकालीन गन्ना बुवाई का समय सितंबर-अक्टूबर होता है, जिससे गन्ना आपूर्ति समय पर हो पाती है और किसानों की आय बढ़ती है। इस समय बुवाई करने से पौधों की संख्या और जड़ों का विकास बेहतर होता है, जिससे पैदावार बढ़ती है। साथ ही, फसल में रोग और कीट का खतरा भी कम रहता है।गन्ना प्रमुख ए. सिद्दीकी ने बताया कि सितंबर में बुवाई के लिए खेत में नमी और मौसम अनुकूल होता है, जो पौधों के विकास के लिए जरूरी है। देर से बुवाई करने पर कल्ले अच्छे से विकसित नहीं हो पाते और पैदावार कम होती है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीके अपनाने और समय पर बुवाई शुरू करने की अपील की।कृषक परीक्षण संस्थान, शाहजहांपुर के सहायक निदेशक कपिल ने तकनीकी जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को उन्नत किस्मों जैसे को. 0118, कोसा. 13235, कोलख. 14201 और कोलख. 16202 का चयन करना चाहिए। कतारों के बीच 4 फुट की दूरी, 30 मिनट तक बीज उपचार, समय पर सिंचाई और जैविक उर्वरकों का उपयोग जरूरी है। सितंबर में बोया गया गन्ना लंबी अवधि की फसल देता है, जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों बेहतर रहती हैं। साथ ही, इसकी पेडी की क्षमता भी अधिक होती है।ब्लॉक प्रमुख संघ के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए पारदर्शी पर्ची व्यवस्था लागू की गई है। इसमें गन्ना आपूर्ति की समयबद्ध योजना बनाई जा रही है, ताकि सभी किसानों को उचित समय पर आपूर्ति का मौका मिले। शरदकालीन गन्ना बोने वाले किसानों को पर्ची में प्राथमिकता दी जाएगी।

गोष्ठी का संचालन चीनी मिल के सहायक महाप्रबंधक गन्ना सावरकर सिंह ने किया। अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि चीनी मिल और समिति उनके साथ है। समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि किसान आधुनिक तकनीकों से अधिक उपज और लाभ प्राप्त कर सकें। किसानों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे और विशेषज्ञों से जानकारी हासिल की।

Also Click : Sambhal : सम्भल में अबकी बार गंदगी के खिलाफ 156 घंटे का Non-Stop महाअभियान

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow