Lucknow : गोआश्रय स्थलों को एक महीने की अग्रिम राशि, भूसा-साइलेज टेंडर नियमों से होंगे

धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों

Nov 3, 2025 - 22:19
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Lucknow : गोआश्रय स्थलों को एक महीने की अग्रिम राशि, भूसा-साइलेज टेंडर नियमों से होंगे
Lucknow : गोआश्रय स्थलों को एक महीने की अग्रिम राशि, भूसा-साइलेज टेंडर नियमों से होंगे

लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि भूसा और साइलेज के टेंडर पूरी तरह नियमों के अनुसार होंगे। जहां दरों में अंतर की शिकायत आएगी, वहां जांच कर कार्रवाई की जाएगी। गोआश्रय स्थलों में सभी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों को भरण-पोषण के लिए एक महीने की अग्रिम राशि दी जाएगी। गोवंश के पालन-पोषण में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। गोशालाओं में चारा, भूसा, पानी, दवा और प्रकाश की पूरी व्यवस्था हो। गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर लगातार काम हो और इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। किसानों व पशुपालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने पर जोर दिया जाए।

धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए और समय पर काम पूरा हो। बड़े गोआश्रय स्थलों की जमीन को पीपीपी मोड में गो पर्यटन के रूप में विकसित किया जाए। खेतों से पराली उठाने के लिए अभियान चलाकर 15 दिसंबर तक व्यवस्था की जाए। गोआश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। पशु चिकित्सक नियमित गोशालाओं का निरीक्षण करें। हाईवे जैसे मुख्य स्थानों पर गोवंश को रेडियम बेल्ट पहनाई जाए। निराश्रित गोवंश का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।दुग्ध विकास के लिए मंत्री ने कहा कि दुग्ध समितियों की संख्या बढ़ाई जाए। सदस्यों को कम से कम दो पशु पालने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। किसानों व पशुपालकों को प्रशिक्षण दिया जाए। हर गांव में समिति बनाने के लिए अधिकारी तत्परता से काम करें। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन की योजनाओं का गांव स्तर पर प्रचार किया जाए। पराग के उत्पादों की मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। पराग के उत्पाद गुणवत्ता और पोषण में बेहतर हैं। अच्छी मार्केटिंग से इन्हें और लोकप्रिय बनाया जाए और हर जगह उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने मंत्री को आश्वासन दिया कि सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पराली संग्रहण की रोज समीक्षा करने, साइलेज निर्माताओं से बात कर टेंडर के मानक तैयार करने, पराली को बिछावन और चारे के रूप में इस्तेमाल करने, हरा चारा खरीदने, नैपियर घास पर ध्यान देने और गोशालाओं में पराग पशु आहार की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में दुग्ध विकास के विशेष सचिव राम सहाय यादव, पशुपालन के निदेशक प्रशासन एवं विकास योगेन्द्र पवार, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र मेमपाल सिंह, यूपीएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.के. सिंह, अपर निदेशक संगीता तिवारी, संयुक्त निदेशक पी.के. सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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