Lucknow News: IT-ITES सेक्टर में भी यूपी बन रहा देश का ‘मोस्ट फेवर्ड डेस्टिनेशन’

राज्य में IT-ITES के क्षेत्र के विकास की गति को और तेज करने के लिए योगी सरकार ने कई लक्षित नीतिगत उपाय किए हैं जो अब अपना सकारात्मक प्रभाव दिखा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में आईटी सेक्टर को 'उद्यो...

Apr 10, 2025 - 22:55
 0  45
Lucknow News: IT-ITES सेक्टर में भी यूपी बन रहा देश का ‘मोस्ट फेवर्ड डेस्टिनेशन’

सार-

  • उत्तर प्रदेश को एआई, सॉफ्टवेयर और आईटी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की CM योगी की कोशिश ला रही रंग
  • 2017 से जारी प्रयासों से बदली प्रदेश की तस्वीर, नोएडा के बाद लखनऊ-कानपुर भी देश के ‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजी हब’ के रूप में हो रहे विकसित
  • प्रदेश में आईटी क्षेत्र के 5600 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे,  नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट का अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर है इसका प्रमाण
  • लखनऊ की आईटी सिटी व आईबीएम के सॉफ्टवेयर लैब यूपी के आईटी निर्यात को बढ़ाने में होंगे मददगार, ‘फ्यूचरिस्टिक टेक्नोल़ॉजी’ के नए गढ़ के तौर पर करेंगे स्थापित

By INA News Lucknow.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को देश का उत्तम प्रदेश बनाने का CM योगी का विजन अब वास्तविकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यूपी को उसके असली पोटेंशियल के हिसाब से विकसित करने के योगी सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि वर्ष 2017 से IT-ITES सेक्टर के क्षेत्र में प्रदेश ने बड़ी तरक्की की है। उत्तर प्रदेश का आईटी/आईटीईएस क्षेत्र राज्य के आर्थिक परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में तेजी से उभर रहा है, जो उत्तर प्रदेश सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था प्राप्त करने के दृष्टिकोण के साथ से जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश का नोएडा न केवल देश के बड़े आईटी हब के रूप में स्थापित है बल्कि लखनऊ-कानपुर जैसे शहर भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में IT-ITES के क्षेत्र में कुल 27 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 5600 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है, जबकि अन्य परियोजनाओं पर भी कार्य तेजी से जारी है। 

  • प्रदेश की GSDP में वृद्धि का बन रहा जरिया

डिलॉयट द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में IT-ITES सेक्टर में प्रदेश के उल्लेखनीय योगदान का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, IT-ITES क्षेत्र वर्तमान में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 3.2% का योगदान देता है, और अनुमान है कि आने वाले वर्षों में यह 5% से अधिक की वृद्धि करेगा।

Also Read: Hardoi News: रात के अंधेरे में कुएं में गिरा सियार, वन विभाग की टीम ने सफल रेस्क्यू किया

राज्य के निर्यात को बढ़ाने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही जो कुल मिलाकर आईटी निर्यात ₹75,000 करोड़ से अधिक रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अकेले वित्त वर्ष 202324 में, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के माध्यम से निर्यात ने ₹43,000 करोड़ से अधिक का योगदान दिया, जो हाल के वर्षों में 16% की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर को दर्शाता है। 

  • नोएडा ही नहीं, लखनऊ-कानपुर में भी हो रहा सेवाओं में विस्तार

पिछले कुछ वर्षों में नोएडा ने खुद को एक प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में तेजी से स्थापित किया है और देश के कई अन्य स्थापित आईटी गंतव्यों से आगे निकलने के लिए तैयार है। नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट का अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर इसका प्रमाण है। यहां 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा और 15 एकड़ में फैला यह कैंपस अमेरिका के बाहर माइक्रोसॉफ्ट का सबसे बड़ा कैम्पस है।वहीं, नैसकॉम ने लखनऊ और कानपुर को उभरते प्रौद्योगिकी केंद्रों के रूप में मान्यता दी है। लखनऊ में ही 258 एकड़ में फैली आईटी सिटी का विकास किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य आईटी पारिस्थितिकी तंत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक वॉक टू वर्क इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है। वहीं, आईबीएम भी लखनऊ में अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर लैब की स्थापना करने जा रहा है जो कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत सॉफ्टवेयर व आईटी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम कर न केवल देशप्रदेश बल्कि वैश्विक पटल पर भी ग्लोबल लीडर के तौर पर प्रोजेक्ट करेगा।    

  • नीतिगत उपाय बदल रहे उत्तर प्रदेश की तस्वीर

राज्य में IT-ITES के क्षेत्र के विकास की गति को और तेज करने के लिए योगी सरकार ने कई लक्षित नीतिगत उपाय किए हैं जो अब अपना सकारात्मक प्रभाव दिखा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में आईटी सेक्टर को 'उद्योग का दर्जा' दिया गया है, जिससे आईटी इकाइयों को कम बिजली दरों और औद्योगिक भूमि बैंकों तक पहुंच का लाभ मिल रहा है।

इतना ही नहीं, राज्य एक जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी पोषण कर रहा है, जिसमें अब 14,000 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप शामिल हैं। योगी सरकार ने मेडटेक, ब्लॉकचेन, टेलीकॉम (5G/6G), AI, ड्रोन व एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 70 इनक्यूबेटर व 7 उत्कृष्टता केंद्रों को मान्यता दी है। इन पहलों को लागू करने के साथ ही प्रतिभा विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है जो आगे चलकर प्रदेश की अग्रणी भूमिका का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow