Maha Kumbh 2025: महिलाओं के वीडियो बनाकर बेचने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, प्रीमियम वीडियो को 500 रू. में बेंचते थे
अहमदाबाद साइबर अपराध पुलिस उपायुक्त लवीना सिन्हा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज निवासी चंद्र प्रकाश ने कुछ महीने पहले 'सीपी मोंडा' नाम से एक यूट्यूब (YouTube) चैनल शुरू किया था और ...
By INA News Maha Kumbh Nagar.
गुजरात पुलिस ने महाकुंभ (Maha Kumbh) में नहाती महिलाओं के वीडियो (Video) बनाकर बेचने के मामले में प्रयागराज के यूट्यूब (YouTube)र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर इस तरह के वीडियो (Video) यूट्यूब (YouTube) और टेलीग्राम पर अपलोड करने का आरोप है। छानबीन में इनके पास से महिलाओं के आपत्तिजनक फुटेज मिले हैं। इनमें प्रज्वल अशोक तैली मुख्य आरोपी है। यह महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला है। यह विदेशी हैकर्स के टच में था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी प्रज्वल तैली के पास 2000 से अधिक वीडियो (Video) हैं। वह सोशल मीडिया पर कई ग्रुप चलाता है। दरअसल, गुजरात पुलिस राजकोट स्थित एक अस्पताल में महिलाओं के चेकअप के वीडियो (Video) यूट्यूब (YouTube) पर अपलोड किए जाने के मामले की जांच कर रही थी।
इसी सिलसिले में उसने महाराष्ट्र के लातूर से प्रज्वल अशोक तेली और सांगली से राजेंद्र पाटिल को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के आधार पर प्रयागरात के यूट्यूब (YouTube)र चंद्रप्रकाश फूलचंद को गिरफ्तार किया। पुलिस खुलासे में बताया गया है कि प्रज्वल तैली के पास वीडियो (Video) के लिए एक मेनू कार्ड है, जिसमें लगभग 22 विषय हैं। इनमें अस्पतालों, गंगा नदी, मॉल और शादियों से जुड़ी महिलाओं के वीडियो (Video) हैं। आरोपी प्रज्वल तैली ने इस वीडियो (Video) को बेचकर 7 से 8 लाख रुपए कमाए हैं। पुलिस ने प्रयागराज से चंद्रप्रकाश को भी गिरफ्तार किया है, जो दो महीने से यह ‘गंदा काम’ कर रहा था। एक अन्य आरोपी चंद्रप्रकाश प्रयागराज का रहने वाला है।
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वह अपने यूट्यूब (YouTube) चैनल पर कुंभ की तस्वीरें और वीडियो (Video) पोस्ट करता था। चंद्रप्रकाश ने यूट्यूब (YouTube) से मुफ्त में वीडियो (Video) प्राप्त किया और उसे अपने चैनल पर अपलोड कर देता था। युवाओं में अश्लील वीडियो (Video) देखने की बढ़ती मांग के कारण आरोपी ने यूट्यूब (YouTube) चैनल शुरू किया था। पुलिस खुलासे के मुताबिक, हैकिंग के बाद सामान्य और प्रीमियम ग्रुप बनाए जाते हैं, जिसमें अलग-अलग वीडियो (Video) को पैसे लेकर बेचा जा रहा था। सामान्य समूह में वीडियो (Video) फ्री में उपलब्ध थे, जबकि प्रीमियम समूह में प्रति वीडियो (Video) 500 रुपये से शुरू होने वाली कीमत ली जाती थी।
अहमदाबाद साइबर अपराध पुलिस उपायुक्त लवीना सिन्हा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज निवासी चंद्र प्रकाश ने कुछ महीने पहले 'सीपी मोंडा' नाम से एक यूट्यूब (YouTube) चैनल शुरू किया था और जिस पर उसने महाकुंभ (Maha Kumbh) में स्नान कर रही महिला तीर्थयात्रियों के वीडियो (Video) अपलोड किए थे। चंद्र प्रकाश को बुधवार को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर टेलीग्राम एप पर सब्सक्राइबर्स से पैसे कमाने के उद्देश्य से महिला मरीजों के आपत्तिजनक वीडियो (Video) अपलोड करने का आरोप है। सिन्हा ने बताया कि जबकि तेली और पाटिल ने हैकर्स के जरिए महिला मरीजों के वीडियो (Video) हासिल किए थे। वहीं चंद्र प्रकाश ने अन्य यूट्यूब (YouTube) चैनलों से वीडियो (Video) डाउनलोड किए और हाल ही में उन्हें अपने चैनल पर अपलोड किया था।
हम जांच कर रहे हैं कि क्या उसका भी इन वीडियो (Video) को बेचने का इरादा था। महाराष्ट्र के दोनों लोगों का प्रकाश से कोई संबंध नहीं है। सिन्हा ने बताया, तेली और पाटिल एक-दूसरे को जानते है, क्योंकि वे लातूर में एक साथ नीट की तैयारी कर रहे थे। तीनों आरोपियों को 1 मार्च तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। पुलिस खुलासे में बताया गया कि आरोपी सीसीटीवी हैक करके उसके वीडियो (Video) फुटेज बेच रहे थे। पुलिस ने बताया कि विभिन्न अस्पतालों के सीसीटीवी भारत के हैकरों द्वारा हैक कर लिए गए थे। इसके बाद भारतीय हैकरों के विरुद्ध साइबर अपराध जांच शुरू की गई है। पुलिस ने इस बात का भी पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि इस तरह के कितने गिरोह काम कर रहे हैं।
पुलिस सोशल मीडिया पर पैनी नजर बनाए हुए है। पुलिस के अनुसार, कुछ हैकर्स ने अस्पताल के सीसीटीवी सिस्टम में सेंध लगाई और फुटेज हासिल की थी। बाद प्रज्वल अशोक तेली और राजेंद्र पाटिल ने इन फुटेज को हासिल कर लिया और उन्हें अपने यूट्यूब (YouTube) चैनल पर शेयर किया। जिसमें एक टेलीग्राम ग्रुप का लिंक दिया गया था। सिन्हा ने बताया कि, टेलीग्राम के जरिए दोनों इन क्लिपों को 800 रुपये से 2000 रुपये में बेचते थे। दोनों ने इस तरह की अश्लील क्लिपों को ऑनलाइन बेचकर 7-8 महीनों में 8 से 9 लाख रुपये कमाए थे। हमें उनके उपकरणों से सार्वजनिक स्थानों सहित लगभग 2,000 क्लिप मिलीं।
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