Sambhal : 140 साल पुराने मनोकामना बांके बिहारी मंदिर के जीर्णोद्धार की तैयारी, डीएम की पहल से जगी नई उम्मीद
हालांकि पहले कोई ठोस पहल नहीं हो सकी थी, लेकिन अब जिलाधिकारी की सक्रियता से मंदिर के विकास और संरक्षण की उम्मीदें बढ़ गई हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मंदिर की भूमि का सीमांकन कराने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए एक समिति गठित करने
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल जनपद के गणेशपुर गांव स्थित करीब 140 वर्ष पुराने मनोकामना बांके बिहारी मंदिर के पुनरोद्धार की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने शनिवार को मंदिर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं, संपत्तियों तथा ऐतिहासिक महत्व की जानकारी स्थानीय लोगों से प्राप्त की।
बताया जाता है कि मंदिर के पास लगभग 100 बीघा भूमि और एक प्राचीन स्नान कुंड मौजूद है। इतनी बड़ी संपत्ति होने के बावजूद वर्तमान समय में मंदिर के संचालन और रखरखाव के लिए कोई प्रभावी प्रबंधन समिति या जिम्मेदार संस्था नहीं है। इसी कारण मंदिर की स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही है और इसके संरक्षण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। सम्भल हिंसा के बाद जिले में शुरू हुए प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण अभियान के तहत यह मंदिर भी चर्चा में आया था।
हालांकि पहले कोई ठोस पहल नहीं हो सकी थी, लेकिन अब जिलाधिकारी की सक्रियता से मंदिर के विकास और संरक्षण की उम्मीदें बढ़ गई हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मंदिर की भूमि का सीमांकन कराने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए एक समिति गठित करने की बात कही।
उनका कहना है कि मंदिर की संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित करते हुए धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखा जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि वर्षों से उपेक्षित पड़े इस प्राचीन मंदिर को अब नया स्वरूप मिलेगा तथा इसकी ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित किया जा सकेगा।
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