Madhya Pradesh: 3 साल के मासूम के साथ टीचर की मारपीट, स्कूल की मान्यता पर सवाल, BEO ने जांच दल बनाया, FIR दर्ज।

जिले में जगह–जगह किराए के मकानों में खुल रही निजी स्कूलों की “शिक्षा की दुकानों” पर बड़ा सवाल फिर खड़ा हुआ है। नियमों को ताक

Nov 19, 2025 - 20:50
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Madhya Pradesh: 3 साल के मासूम के साथ टीचर की मारपीट, स्कूल की मान्यता पर सवाल, BEO ने जांच दल बनाया, FIR दर्ज।
3 साल के मासूम के साथ टीचर की मारपीट, स्कूल की मान्यता पर सवाल, BEO ने जांच दल बनाया, FIR दर्ज।

बैतूल/मुलताई। जिले में जगह–जगह किराए के मकानों में खुल रही निजी स्कूलों की “शिक्षा की दुकानों” पर बड़ा सवाल फिर खड़ा हुआ है। नियमों को ताक पर रखकर चल रहे इन संस्थानों में न तो बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएँ हैं, न सुरक्षा व्यवस्था। ताज़ा मामला मुलताई से सामने आया है, जहाँ एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में नर्सरी के 3 वर्षीय मासूम के साथ शिक्षक द्वारा मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप लगा है।

  • 3 साल के बच्चे को दो दिनों तक प्रताड़ित करने का आरोप

मामला ॐ साईं पब्लिक स्कूल, मुलताई का है, जहाँ नर्सरी में पढ़ने वाले शिवांश देशमुख (पिता–अजीत देशमुख) को 17 और 18 नवंबर को शिक्षक द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किया गया।

परिजनों का आरोप:

  • बच्चे को क्लास से बाहर खड़ा रखा गया
  • सिर पर चोट पहुँचाई गई
  • कई बार घुटने टेककर खड़ा करा दिया गया
  • दो दिनों तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई

घर पहुँचने के बाद बच्चा सदमे में था और लगभग दो घंटे तक किसी से बात भी नहीं कर पाया।
परिजनों ने कहा— “हमारे 3 साल के बच्चे पर अत्याचार हुआ है। ऐसे स्कूलों की मान्यता तुरंत रद्द की जाए।”

बच्चे के चेहरे और सिर पर नीले निशान साफ दिखाई दिए, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया।

  • FIR दर्ज, स्कूल प्रशासन पर भी सवाल

शिकायत के बाद मुलताई थाने में आरोपी शिक्षक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
इधर परिजन और स्थानीय नागरिकों ने स्कूल प्रबंधन पर भी गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

लोगों का कहना है कि—

“निजी स्कूल शिक्षा नहीं, टॉर्चर सेंटर बना रहे हैं।
कैसे मिल जाती है ऐसे स्कूलों को मान्यता?”

BEO ने बनाया जांच दल

मामले की गंभीरता देखते हुए BEO (मुलताई) ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है, जो स्कूल प्रशासन, शिक्षक और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगा।

विभाग ने कहा है कि— यदि जांच में दोष सिद्ध होता है तो टीचर पर कड़ी कार्रवाई होगी स्कूल प्रबंधन की मान्यता निलंबन तक की कार्रवाई संभव है। 

बच्चों को मारना कानूनन अपराध: क्या कहते हैं नियम?

भारत में किसी भी बच्चे को शारीरिक दंड देना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
निम्न कानून लागू हो सकते हैं:

1. RTE Act 2009 (धारा 17)

शारीरिक दंड और मानसिक प्रताड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित।
कड़ी विभागीय कार्रवाई का प्रावधान।

2. Juvenile Justice Act 2015

बच्चे को चोट या प्रताड़ना संज्ञेय अपराध।
6 महीने से 3 साल तक सजा और जुर्माना संभव।

3. IPC की धाराएँ

IPC 323: चोट पहुँचाने पर सजा

IPC 325: सिर पर गंभीर चोट की कड़ी सजा

IPC 506: धमकाने का अपराध

IPC 75 (JJ Act): बार–बार प्रताड़ित करने पर सख्त दंड

परिवार की मांग – “स्कूल की मान्यता रद्द हो”

बच्चे के पिता अजीत देशमुख ने कहा— “3 साल के मासूम को प्रताड़ित किया गया। हम न्याय चाहते हैं। स्कूल की मान्यता तुरंत रद्द होनी चाहिए।” घटना के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल तेज हो गई है।

समाज में बड़ा सवाल

3 साल के छोटे बच्चे पर हाथ उठाना न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
जहाँ बच्चे सुरक्षित माहौल में सीखने जाते हैं, वही स्कूल यदि प्रताड़ना के केंद्र बन जाएँ, तो यह शिक्षा व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा करता है।

आखिर कब होगी ऐसे ‘शिक्षा व्यवसायियों’ पर सख्त कार्रवाई? कैसे मिल जाती है नियमों के बिना चलने वाले स्कूलों को मान्यता? जनता अब जवाब मांग रही है।

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