संगम क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर में शनिवार रात चार आतंकी घुस गए। उन्होंने मंदिर के महंत को बंधक बना लिया। इसकी सूचना मिलने पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) व एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीसी) ने मंदिर में पहुंचकर मोर्चा संभाला। दोनों टीमों ने सबसे पहले मंदिर परिसर को अपने घेरे में ले लिया। इसके बाद एनएसजी के जवानों की एक टीम भीतर घुसी। उधर, दूसरी ओर से एटीएस के कमांडो भी मुस्तैद हो गए। एक टीम ने सामने जबकि दूसरी टीम ने निकास द्वार की ओर से मंदिर में प्रवेश किया। भीतर पहुंचने पर चार आतंकी महंत को बंधक बनाए नजर आए। वह कुछ कर पाते, इससे पहले ही कमांडोज ने एक आतंकी को दबोच लिया। तीन आतंकियों ने फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।
इस पर कमांडोज ने तीनों को मौके पर ही ढेर कर दिया। 27 मिनट तक चला ऑपरेशन रात 10:33 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ का आगाज होने जा रहे है। 45 दिन तक चलने वाले महापर्व में करीब 45 करोड़ भक्तों के पहुंचेंगे। ऐसे में पूरे जनपद की सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद है। एनएसजी, एटीएस, यूपी एसटीएफ के अलावा 15 हजार के करीब पुलिसबल के जवान चप्पे में तैनात किए गए हैं। शनिवार की रात एनएसजी व एटीएस ने मेला क्षेत्र में मॉकड्रिल की संयुक्त कार्रवाई की। दोनों के कमांडो ने पहली काउंटर टेररिज्म एक्सरसाइज किया। इस मौके पर एनएसजी व एटीएस को सूचना मिली कि हनुमान मंदिर में चार आतंकी घुस गए और महंत को बंधक बना लिया है। तत्काल कमांडो एक्टिव हुए और तीन आतंकियों को मारने के साथ चौथे को अरेस्ट कर लिया।
NSG की है चप्पे चप्पे पर नजर
महाकुंभ में 200 एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडों की तैनाती होनी है। 100 एनएसजी कमांडों ने मोर्चा संभाल लिया है। चार टीमें तैनात की जाएंगी। हर टीम में 50 कमांडो शामिल हैं। अभी दो टीम महाकुंभ में पहुंच गई है। ये टीमें अत्याधुनिक हथियारों के साथ सोमवार को हेलीकॉप्टर के जरिए कुंभ क्षेत्र में पहुंची। बाकी दो टीमों को भी जल्द ही महाकुंभ की सुरक्षा के लिए प्रयागराज में तैनात किया जाएगा।
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एनएसजी कमाडों के साथ महाकुंभ में संदिग्धों की पहचान के लिए स्पार्ट्स की 30 टीमें लगाई गई है जो हर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखेंगी। इनमें से 18 टीम अभी से एक्टिव हो गई है। बाकी टीम को भी जल्द ही तैनात किया जाएगा। ये टीमें महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर समेत कई अन्य राज्यों से बुलाई गई हैं।
संगीनों के साये में महाकुंभ
महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ताकत लगाई हुई है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। महाकुंभ में एनएसजी कमांडो के अलावा यूपी पुलिस के 15 हजार जवानों को तैनात किया गया है, जो यूपी के 70 जिलों से आए हैं। मेला क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर भी खास इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के जवाब आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में काम कर रहे हैं। दिन में तीन शिफ्ट लगती है। इस बार महाकुंभ क्षेत्र भी पहले की तुलना में लगभग दोगुना है। जिसे देखते हुए महाकुंभ क्षेत्र में थानों की संख्या से लेकर चौकी, फायर स्टेशन और पार्किंग की व्यवस्था भी पहले से ज्यादा की गई है।
उधर काउंटर टेररिज्म एक्सरसाइज के दौरान अचानक मंदिर परिसर में दर्जनों कमांडोज को देखकर दर्शनार्थी स्तब्ध रह गए। अगले ही पल यह एनाउंसमेंट हुई कि दर्शनार्थी जल्दी से जल्दी मंदिर परिसर खाली कर दें तो वह सहम गए। हालांकि, कुछ देर बाद जब सच्चाई पता चली तो उन्होंने राहत की सांस ली। काउंटर टेररिज्म एक्सरसाइज के दौरान वायरलेस पर मैसेज प्रसारित हुआ कि हनुमान मंदिर में चार आतंकी घुस गए हैं और उन्होंने महंत को बंधक बना लिया है। सूचना पर कुछ ही देर में वहां एनएसजी व एटीएस के कमांडो पहुंच गए।
दोनों टीमों ने सबसे पहले मंदिर परिसर को अपने घेरे में ले लिया। एनएसजी के जवानों की एक टीम भीतर घुसी। दूसरी ओर से एटीएस के कमांडो भी मुस्तैद हो गए। एक टीम ने सामने जबकि दूसरी टीम ने निकास द्वार की ओर से मंदिर में प्रवेश किया। भीतर पहुंचने पर चार आतंकी महंत को बंधक बनाए नजर आए। तभी कमांडोज ने एक आतंकी को दबोच लिया। तीन आतंकियों ने फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। इस पर कमांडोज ने तीनों को मौके पर ही ढेर कर दिया। 27 मिनट तक चला ऑपरेशन रात 10ः33 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एसएसपी कुंभ राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए हनुमान मंदिर में शनिवार रात मॉकड्रिल की गई। इसमें जवानों ने आतंकी वारदात से निपटने का पूर्वाभ्यास किया।