Viral News: शाहजहांपुर के राजकीय बाल गृह में मासूमों पर अत्याचार, केयरटेकर की पिटाई का वीडियो वायरल। 

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां राजकीय बाल शिशु गृह में तैनात एक केयरटेकर द्वारा ....

By INA News Desk
Jun 11, 2025 - 14:50
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Viral News: शाहजहांपुर के राजकीय बाल गृह में मासूमों पर अत्याचार, केयरटेकर की पिटाई का वीडियो वायरल। 

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां राजकीय बाल शिशु गृह में तैनात एक केयरटेकर द्वारा मासूम बच्चों पर बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह घटना मंगलौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय बाल गृह की है, जहां केयरटेकर पूनम गंगवार को बच्चों को डंडों और थप्पड़ों से पीटते हुए देखा गया। वीडियो में बच्चे डरे और सहमे हुए नजर आ रहे हैं, कुछ रोते हुए रहम की गुहार लगाते दिख रहे हैं। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

घटना का खुलासा तब हुआ जब एक वीडियो X सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ। इस वीडियो में केयरटेकर पूनम गंगवार को राजकीय बाल गृह में रहने वाले अनाथ और बेसहारा बच्चों पर डंडे और थप्पड़ बरसබच-আদি।
सते हुए देखा गया। कुछ बच्चे चीख रहे थे, जबकि कुछ दर्द से कराह रहे थे। वीडियो में पूनम गंगवार बच्चों को अनुशासन के नाम पर बेरहमी से पीटती नजर आईं। यह दृश्य इतना हृदय विदारक था कि इसे देखने वालों का गुस्सा भड़क उठा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना राजकीय बाल गृह के अंदर हुई, जहां 5 से 12 साल की उम्र के बच्चे रहते हैं। वीडियो में बच्चों को एक कमरे में लाइन में खड़ा करके पीटा जा रहा था। केयरटेकर पूनम गंगवार ने बच्चों पर डंडे और थप्पड़ों से हमला किया, जिसे किसी ने चुपके से रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो कथित तौर पर छह महीने पुराना है, लेकिन इसके हाल ही में वायरल होने के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

  • प्रशासन की कार्रवाई:

वीडियो के वायरल होने के बाद शाहजहांपुर के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने तत्काल इस मामले की जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, केयरटेकर पूनम गंगवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि इस तरह की क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाल गृह की व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है।

मंगलौर थाना पुलिस ने भी इस मामले में अपनी जांच शुरू की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है, और पूनम गंगवार से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पुलिस ने यह भी बताया कि बच्चों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। बच्चों को तत्काल मनोवैज्ञानिक सहायता और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

  • बच्चों की स्थिति:

राजकीय बाल शिशु गृह में रहने वाले ये बच्चे अनाथ या बेसहारा हैं, जिन्हें राज्य सरकार की देखरेख में रखा गया है। इन बच्चों की उम्र 5 से 12 साल के बीच है, और वे पहले से ही अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना कर चुके हैं। वीडियो में दिख रही क्रूरता ने इन बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डाला है। प्रशासन ने बच्चों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने का आश्वासन दिया है, और उनकी काउंसलिंग शुरू की गई है।

  • केयरटेकर का पक्ष:

पूनम गंगवार ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, कुछ सूत्रों के अनुसार, उन्होंने दावा किया है कि बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए हल्की-फुल्की सजा दी गई थी, जो गलत तरीके से वीडियो में प्रस्तुत की गई। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है, लेकिन वीडियो में दिख रही हिंसा को देखते हुए उनके दावे पर सवाल उठ रहे हैं।

  • सोशल मीडिया पर वायरल:

X पर इस वीडियो को कई न्यूज हैंडल्स और व्यक्तियों ने साझा किया है। @IndiaNewsUP_UK ने लिखा, “शाहजहांपुर के राजकीय बाल गृह में बच्चों को यातनाएं देती नजर आई केयरटेकर। डंडे और लात-घूंसे बरसाए गए।” @Matrize_NC ने पोस्ट किया, “शाहजहांपुर के राजकीय बाल शिशु गृह में मासूम बच्चों के साथ क्रूरता का वीडियो सामने आया है।” @TheMuslimMatter ने लिखा, “बच्चे डरे, चीखते और सहमे हुए नजर आ रहे हैं।” इन पोस्ट्स ने इस घटना को व्यापक स्तर पर उजागर किया और प्रशासन पर दबाव बढ़ाया।

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जिला प्रशासन और पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सीडीओ ने बताया कि बाल गृह की कार्यप्रणाली की पूरी जांच की जाएगी, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस ने वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसे एडिट किया गया है। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा के लिए बाल गृह में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। शाहजहांपुर का राजकीय बाल शिशु गृह पहले भी कई बार विवादों में रहा है। बच्चों की देखभाल और सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

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