दिल्ली सरकार की मुफ्त लैपटॉप योजना, 1200 मेधावी छात्रों को i7 लैपटॉप और 175 स्कूलों में ICT लैब।
Delhi Government: दिल्ली सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 10वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 1200 मेधावी छात्रों को मुफ्त i7 लैपटॉप देने ...
दिल्ली सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 10वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 1200 मेधावी छात्रों को मुफ्त i7 लैपटॉप देने की घोषणा की है। यह पहल मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना के तहत शुरू की गई है, जिसके लिए 7.5 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके साथ ही, सरकार ने 175 सरकारी स्कूलों में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) लैब स्थापित करने का भी फैसला किया है, जिनमें प्रत्येक में 40 डेस्कटॉप कंप्यूटर होंगे। ये निर्णय 22 जुलाई, 2025 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इन फैसलों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ये कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हैं और दिल्ली के छात्रों को डिजिटल युग में आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
- मुफ्त लैपटॉप योजना का विवरण
मुख्यमंत्री डिजिटल शिक्षा योजना के तहत, दिल्ली सरकार 10वीं कक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले 1200 मेधावी छात्रों को i7 प्रोसेसर वाले लैपटॉप मुफ्त में देगी। ये लैपटॉप उन छात्रों को दिए जाएंगे जो 11वीं कक्षा में विभिन्न विषयों में प्रवेश लेंगे। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे तकनीकी युग में अपनी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सकें। इस योजना के लिए 7.5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, और इसे 2025-26 शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा। यह योजना हर साल दोहराई जाएगी, जिससे हर साल नए मेधावी छात्रों को लाभ मिल सके।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह योजना उन छात्रों को प्रोत्साहित करेगी जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने कहा, “ये लैपटॉप छात्रों को डिजिटल बाधाओं के बिना अपनी पढ़ाई और सपनों को पूरा करने में मदद करेंगे।” यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो डिजिटल साक्षरता और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देती है। इस योजना के तहत छात्रों का चयन 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के परिणामों के आधार पर किया जाएगा।
- 175 स्कूलों में ICT लैब की स्थापना
दिल्ली सरकार ने शिक्षा में तकनीकी आधार को मजबूत करने के लिए 175 सरकारी स्कूलों में ICT लैब स्थापित करने का फैसला किया है। प्रत्येक लैब में 40 डेस्कटॉप कंप्यूटर होंगे, जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के मानकों के अनुसार होंगे। इन लैबों के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, और इन्हें 2025-26 शैक्षणिक सत्र में शुरू किया जाएगा। अगले चरण में 2026-27 में 175 और लैब स्थापित किए जाएंगे, और बाकी स्कूलों को बाद के चरणों में शामिल किया जाएगा। कुल 544 स्कूलों को 350 स्कूल भवनों में प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है, खासकर उन स्कूलों को जहां सुबह और शाम की पालियों में अलग-अलग स्कूल चलते हैं।
इन लैबों का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा और कंप्यूटर कौशल प्रदान करना है। प्रत्येक लैब में आधुनिक डिजिटल संसाधन होंगे, जैसे इंटरनेट कनेक्टिविटी, सॉफ्टवेयर, और अन्य उपकरण। परियोजना की निगरानी के लिए एक प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट बनाई गई है, जो निर्माण और कार्यान्वयन की प्रक्रिया पर नजर रखेगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने हाल ही में एक निजी संगठन के साथ कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के तहत 100 ICT लैब स्थापित करने के लिए समझौता किया है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के 1,074 सरकारी स्कूलों में से एक भी स्कूल में कार्यशील कंप्यूटर लैब नहीं था। उन्होंने कहा, “AAP सरकार ने शिक्षा क्रांति का दावा किया, लेकिन वास्तव में कोई कंप्यूटर लैब काम नहीं कर रहा था।” उन्होंने यह भी कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत 2015 से 2019 तक 907 स्कूलों में बनाए गए कंप्यूटर लैब भी निष्क्रिय थे। सूद ने मीडिया को इन दावों की जांच करने की चुनौती दी और कहा कि नई सरकार शिक्षा में सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है।
AAP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूद की टिप्पणियां आधारहीन हैं। पार्टी ने सुझाव दिया कि अगर सूद को अपने दावों पर भरोसा है, तो उन्हें इसकी जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) को मामला सौंपना चाहिए।
दिल्ली सरकार ने हाल के महीनों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य पहल शुरू की हैं। मार्च 2025 में, सरकार ने 2025-26 के लिए 19,291 करोड़ रुपये का शिक्षा बजट आवंटित किया, जिसमें से 750 करोड़ रुपये स्कूल शिक्षा के लिए हैं। इसके तहत 75 नए “मुख्यमंत्री श्री स्कूल” स्थापित किए जाएंगे, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप होंगे और स्मार्ट क्लासरूम, AR/VR लैब, और डेटा साइंस जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम प्रदान करेंगे।
इसके अलावा, सरकार ने 100 नए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भाषा लैब शुरू करने की घोषणा की है, जो अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, और स्पैनिश जैसी भाषाओं में पाठ्यक्रम प्रदान करेंगे। इन लैबों के लिए 21 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। साथ ही, 250 स्कूल पुस्तकालयों को डिजिटल बनाने और 2000 स्मार्ट क्लासरूम शुरू करने की योजना है।
सरकार ने मदान मोहन मालवीय विद्या शक्ति मिशन के तहत 2200 छात्रों को NEET, JEE, और CUET जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करने की भी घोषणा की है। इनमें से 1200 छात्रों को इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के लिए कोचिंग दी जाएगी।
यह योजना दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं। i7 लैपटॉप जैसे आधुनिक उपकरण प्राप्त करने से उनकी पढ़ाई में मदद मिलेगी और वे डिजिटल युग की मांगों के लिए बेहतर तैयार होंगे। ICT लैबों की स्थापना से स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी कौशल को बढ़ावा मिलेगा, जो भविष्य में रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाएगा।
सोशल मीडिया पर इस घोषणा को लेकर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। @CMODelhi ने 22 जुलाई, 2025 को पोस्ट किया, “दिल्ली सरकार अब 1200 मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देगी और 175 स्कूलों में ICT लैब स्थापित करेगी।” @epanchjanya ने लिखा, “यह फैसला दिल्ली के छात्रों के भविष्य को उज्ज्वल करेगा।” हालांकि, कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या ये लैपटॉप वास्तव में जरूरतमंद छात्रों तक पहुंचेंगे।
आशीष सूद के दावों के जवाब में AAP ने कहा कि उनकी सरकार ने 2015 से 2020 तक दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए थे। उन्होंने दावा किया कि 907 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित किए गए थे, और उनकी सरकार ने शिक्षा क्रांति लाई थी। हालांकि, सूद ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ये लैब कार्यशील नहीं थे। यह विवाद दिल्ली की राजनीति में शिक्षा को लेकर चल रही बहस को और गर्म कर रहा है।
दिल्ली सरकार ने शिक्षा सुधारों को और विस्तार देने की योजना बनाई है। अगले चरण में और स्कूलों में ICT लैब स्थापित किए जाएंगे, और स्मार्ट क्लासरूम की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने नरेला में एक शिक्षा हब बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देगा।
दिल्ली सरकार की मुफ्त लैपटॉप योजना और ICT लैब स्थापना का फैसला शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। यह योजना न केवल मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को भी मजबूत करेगी। 7.5 करोड़ रुपये की लागत से 1200 छात्रों को i7 लैपटॉप और 50 करोड़ रुपये की लागत से 175 ICT लैब स्थापित करना दिल्ली के शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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