मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में ट्रक में भीषण आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान, जांच शुरू।
MP News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 20 जुलाई, 2025 को एक भयावह हादसा हुआ, जब मंडीदीप से नागपुर जा रहे एक ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते...
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 20 जुलाई, 2025 को एक भयावह हादसा हुआ, जब मंडीदीप से नागपुर जा रहे एक ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया, और ट्रक जलकर पूरी तरह खाक हो गया। इस हादसे में ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक ट्रक को बचाना संभव नहीं था।
20 जुलाई, 2025 की रात करीब 2:30 बजे छिंदवाड़ा जिले के नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-547 पर मंडीदीप के पास यह हादसा हुआ। ट्रक, जो मंडीदीप से नागपुर की ओर जा रहा था, किराना सामान और अन्य माल से लदा हुआ था। बताया जाता है कि ट्रक जब मंडीदीप के औद्योगिक क्षेत्र के पास पहुंचा, तभी उसमें अचानक आग की लपटें उठने लगीं। आग इतनी तेजी से फैली कि ड्राइवर और हेल्पर को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। ड्राइवर, जिसकी पहचान रमेश साहू (32 वर्ष) के रूप में हुई, ने तुरंत ट्रक को सड़क किनारे खड़ा किया और हेल्पर के साथ कूदकर अपनी जान बचाई।
स्थानीय लोगों ने आग की लपटें देखकर तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ट्रक को पूरी तरह जलने से नहीं बचाया जा सका। हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति रही, जिसे बाद में पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग कर्मियों ने मिलकर सामान्य किया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक में लदा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
दमकल विभाग की टीम को सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर भेजा गया। छिंदवाड़ा के दमकल अधिकारी संजय राठौर ने बताया कि उनकी टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक ट्रक का अधिकांश हिस्सा जल चुका था। दमकल कर्मियों ने बताया कि ट्रक में किराना सामान के अलावा कुछ ज्वलनशील पदार्थ भी हो सकते थे, जिसने आग को और भड़काने में भूमिका निभाई। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग की तारीफ की, जिन्होंने तेजी से कार्रवाई कर आग को आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोका।
छिंदवाड़ा पुलिस ने इस मामले में तुरंत जांच शुरू कर दी। मंडीदीप पुलिस चौकी के प्रभारी रविंद्र मालवीय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की संभावना जताई जा रही है। ट्रक की बैटरी या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी के कारण आग भड़कने की आशंका है। हालांकि, सटीक कारण जानने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम को बुलाया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पुलिस ने ड्राइवर और हेल्पर के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें उन्होंने बताया कि आग अचानक लगी और उनके पास बचाव का कोई समय नहीं था।
पुलिस ने ट्रक मालिक, जो नागपुर का एक व्यापारी बताया जा रहा है, से भी संपर्क किया है। मालिक ने बताया कि ट्रक में किराना सामान जैसे आटा, चावल, तेल, और अन्य खाद्य पदार्थ लदे थे, जिनका अनुमानित मूल्य 10-12 लाख रुपये था। इस नुकसान ने मालिक को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचाई है।
यह हादसा मध्य प्रदेश में सड़क पर वाहनों में आग लगने की एक और घटना है, जो हाल के महीनों में बढ़ती जा रही है। उदाहरण के लिए:
सिवनी, जुलाई 2025: सिवनी के कुरई घाटी में नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक में आग लग गई थी। इस हादसे में भी ट्रक जलकर खाक हो गया था, और कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया था।
सिंगरौली, फरवरी 2025: सिंगरौली में एक कोयला लोड डंपर ने दो बाइक सवारों को कुचल दिया, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कई वाहनों में आग लगा दी।
इंदौर, जनवरी 2021: इंदौर में एक कार खड़े ट्रक से टकरा गई, जिसके कारण 6 लोगों की मौत हो गई।
इन घटनाओं ने मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा और वाहनों में अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने वाहनों की खराब रखरखाव, इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी, और ज्वलनशील सामानों की अनुचित पैकिंग इस तरह के हादसों के प्रमुख कारण हैं।
इस हादसे का स्थानीय व्यापारियों और माल परिवहन से जुड़े लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। ट्रक में लदा सामान स्थानीय व्यापारियों के लिए था, जो अब पूरी तरह नष्ट हो चुका है। इससे न केवल मालिक को, बल्कि उन व्यापारियों को भी नुकसान हुआ, जो इस सामान की बिक्री पर निर्भर थे। छिंदवाड़ा की मंडी, जो कृषि और किराना सामान के व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है, में इस घटना ने चिंता पैदा की है। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
इसके अलावा, इस हादसे ने दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि दमकल की गाड़ियां मौके पर देरी से पहुंचीं, जिसके कारण ट्रक को बचाया नहीं जा सका। हालांकि, दमकल अधिकारी ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि उनकी टीम को सूचना मिलते ही तुरंत रवाना किया गया था, लेकिन आग की तीव्रता के कारण नुकसान को रोकना मुश्किल था।
पुलिस और फॉरेंसिक टीमें इस हादसे के कारणों की गहन जांच कर रही हैं। प्रारंभिक अनुमान में शॉर्ट सर्किट को प्रमुख कारण माना जा रहा है, लेकिन अन्य संभावनाओं जैसे ज्वलनशील सामान की मौजूदगी या बाहरी कारकों की भी जांच की जा रही है। छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक विनोद चौबे ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भी इस तरह की घटनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि ट्रकों और भारी वाहनों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों, जैसे अग्निशामक यंत्रों, को अनिवार्य किया जाए। साथ ही, पुराने वाहनों की नियमित जांच और रखरखाव पर जोर देना होगा।
छिंदवाड़ा में हुआ यह ट्रक हादसा एक बार फिर सड़क परिवहन में सुरक्षा की कमी को उजागर करता है। ड्राइवर की सूझबूझ और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया।
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