Gonda : अवैध डीईएफ प्लांट का भंडाफोड़, किसानों की अनुदानित यूरिया का हो रहा था काला कारोबार
जिला कृषि अधिकारी सी.पी. सिंह को जब इस गोरखधंधे की जानकारी मिली, तो उन्होंने अपनी टीम के साथ मौके पर धावा बोला। जांच के समय प्लांट बंद मिला, लेकिन बाहर रखे बड़े कंटेनरों से यूरिया की तेज गंध आ रही थी
गोंडा जिले के छपिया विकास खंड के सकदरपुर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (डीईएफ) बनाने वाले एक अवैध प्लांट को पकड़ा है। यहाँ किसानों के लिए आने वाली सरकारी सब्सिडी वाली यूरिया का उपयोग करके डीईएफ तैयार किया जा रहा था। कृषि विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान इस गैरकानूनी काम का पर्दाफाश किया।
जिला कृषि अधिकारी सी.पी. सिंह को जब इस गोरखधंधे की जानकारी मिली, तो उन्होंने अपनी टीम के साथ मौके पर धावा बोला। जांच के समय प्लांट बंद मिला, लेकिन बाहर रखे बड़े कंटेनरों से यूरिया की तेज गंध आ रही थी। संदेह होने पर पुलिस और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में बंद कमरे का ताला तोड़ा गया, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी हैरान रह गए। कमरे के भीतर यूरिया की 36 खाली बोरियां, फर्श पर बिखरी खाद और घोल बनाने के उपकरण बरामद हुए। मौके से पूरा प्लांट सेटअप मिला, जिससे साफ हो गया कि यहाँ बड़े पैमाने पर सरकारी यूरिया का दुरुपयोग किया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी तकनीकी यूरिया के स्थान पर कृषि कार्य के लिए मिलने वाली सस्ती यूरिया का इस्तेमाल कर रहे थे, जो कानूनन अपराध है। मुख्य आरोपी राकेश पाण्डेय फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। प्रशासन ने सभी सामग्री को जब्त कर लिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसानों के हक की खाद का गलत इस्तेमाल करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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