Gonda : तरबगंज अंधे कत्ल का खुलासा: मां-बेटे ने मिलकर बेटी की हत्या की, दोनों गिरफ्तार, कार की डिग्गी में शव रखकर बंद कर घुमाया, फिर गाड़ी चढ़ाई
पुलिस के अनुसार आरोपी मनीष 16 नवंबर की रात गोरखपुर से घर लौटा था। घर पहुंचते ही उसने अपनी छोटी बहन को किसी लड़के से फोन पर बात करते देख लिया। गुस्से में उसने फो
गोण्डा। तरबगंज थाना क्षेत्र में 17 नवंबर को पीडी बंधा मार्ग किनारे मिली अज्ञात युवती की लाश के मामले को पुलिस ने महज कुछ दिनों में सुलझा लिया। चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि मृतका की अपनी मां निर्मला देवी और सगे भाई मनीष ने मिलकर की थी। दोनों को बस्ती जिले के वाल्टरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हुई बलेनो कार भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी मनीष 16 नवंबर की रात गोरखपुर से घर लौटा था। घर पहुंचते ही उसने अपनी छोटी बहन को किसी लड़के से फोन पर बात करते देख लिया। गुस्से में उसने फोन छीनकर तोड़ दिया और मारपीट शुरू कर दी। मां निर्मला देवी ने रस्सी लाकर दी। दोनों ने मिलकर लड़की का हाथ-पैर बांधा, उसे बोरे में बंद किया और कार की डिग्गी में डाल दिया। रात में सूनसान जगह पर ले जाकर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद तरबगंज क्षेत्र में शव को सड़क किनारे फेंका और दुर्घटना का रूप देने के लिए कार से कार चढ़ा दी। फिर दोनों बस्ती लौट गए।
एसपी विनीत जायसवाल के निर्देशन में एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय व सीओ तरबगंज उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में बनी पुलिस व सर्विलांस-एसओजी की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी, तकनीकी सबूत और खुफिया जानकारी के आधार पर कुछ ही दिनों में पूरे मामले को सुलझा लिया।
मामले के तेजी से खुलासे और गिरफ्तारी पर एसपी ने टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। दोनों आरोपी मनीष पुत्र स्व. चंद्रप्रकाश और निर्मला देवी पत्नी स्व. चंद्रप्रकाश निवासी परसा जागीर गनेशपुर, थाना वाल्टरगंज (बस्ती) को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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