Lakhimpur- Kheri : चार दिन से लापता दलित व्यक्ति का शव गन्ने के खेत में मिला, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, खेत में घसीटने के निशान, शरीर पर चोटें
परिजनों का दावा है कि यह साधारण मौत नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर की शाम मुन्ना घर के बाहर आग ताप रहे थे। पत्नी मुन्नी देवी
लखीमपुर खीरी। खमरिया थाना क्षेत्र के डलईपुरवा (महरिया ग्राम पंचायत) निवासी दलित ग्रामीण मुन्ना भार्गव (उम्र लगभग 50 वर्ष) पिछले चार दिनों से लापता थे। सोमवार सुबह जसवंतनगर-मोहम्मदी रोड के पास बांके लाल यादव के गन्ने के खेत में उनका शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। शव गन्ने की पत्तियों से ढका था, मुंह असामान्य रूप से खुला हुआ था, दांत टूटे थे और शरीर पर कई गहरी चोटों के निशान मौजूद थे।
परिजनों का दावा है कि यह साधारण मौत नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर की शाम मुन्ना घर के बाहर आग ताप रहे थे। पत्नी मुन्नी देवी अंदर सामान रखने गईं और लौटीं तो पति गायब थे। रात भर और अगले दिन रिश्तेदारों-आसपास खोजने के बाद भी कोई पता नहीं चला। 28 नवंबर को खमरिया थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई गंभीर तलाश नहीं की।
सोमवार सुबह खेत की ओर जा रहे एक ग्रामीण ने शव देखा और परिजनों को सूचना दी। मृतक के बेटे रानू और ग्रामीणों का कहना है कि जिस खेत में शव मिला, उसे एक दिन पहले ही उन्होंने अच्छी तरह खंगाल लिया था। खेत के पास लगी लाही की फसल में साफ घसीटने के निशान दिख रहे हैं, जिससे साफ जाहिर है कि हत्या कहीं और हुई और रात में शव को यहां लाकर फेंका गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मुंह में कपड़ा ठूंसकर या गला दबाकर हत्या की गई होगी और सबूत मिटाने के लिए शव को खेत में छिपाया गया। क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि यदि समय पर गुमशुदगी की गंभीरता से तलाश की जाती तो शायद यह नौबत न आती।
सूचना मिलते ही खमरिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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