Hardoi International Yoga Day: हरदोई में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास, अमित चौहान ने दैनिक जीवन में योग अपनाने की अपील की
हरदोई में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अमित चौहान सहित 150 से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर योग को दिनचर्या बनाने का संकल्प लिया।
हरदोई जिले में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के 150 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लेकर इसे सफल बनाया। स्थानीय जनभागीदारी से आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य और मानसिक शांति के प्रति जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम के आयोजक और मुख्य वक्ता अमित चौहान ने उपस्थित सभी नागरिकों का अभिनंदन करते हुए योग के महत्व को समझाया। उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि वे योग को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखकर अपने जीवन का स्थायी हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और निरोग समाज का निर्माण हो सके।
हरदोई में आयोजित यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक अभियान का एक हिस्सा था, जिसमें समाज के हर वर्ग को एक साथ लाने का प्रयास किया गया। सुबह के समय आयोजित इस विशेष सत्र में अनुभवी योग प्रशिक्षकों की देखरेख में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को न केवल शारीरिक व्यायाम सिखाए गए, बल्कि मानसिक संतुलन और एकाग्रता बढ़ाने वाले ध्यान सत्रों का भी आयोजन किया गया। इस सामूहिक प्रयास ने स्थानीय स्तर पर योग के प्रति एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है।
योग शिविर की शुरुआत सुबह बेहद शांत और ऊर्जावान माहौल में हुई। कार्यक्रम में जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, स्थानीय निवासियों की संख्या बढ़ती गई। विशेष बात यह रही कि इस बार मातृशक्ति और बच्चों ने बहुत बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। योग सत्र के दौरान सबसे पहले प्रार्थना और हल्के व्यायाम (शिथिलीकरण क्रियाएं) कराए गए, जिसके बाद सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वज्रासन और कपालभाति जैसे महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास सामूहिक रूप से किया गया।
इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे, जिनमें पवन कुमार, रामगोपाल उपाध्याय, जे.के. शर्मा, सदन शर्मा, शंभू, वी.के. शर्मा, सतीश शर्मा और आर.के. चौहान शामिल थे। इन सभी प्रबुद्ध नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया। सभी ने एक साथ चटाई पर बैठकर अनुशासित तरीके से हर आसन को पूरा किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित चौहान ने कहा कि योग हमारी सनातन संस्कृति की सबसे अमूल्य और दिव्य धरोहर है। यह केवल शरीर को बीमारियों से दूर रखने का कोई भौतिक साधन नहीं है, बल्कि यह हमारी बुद्धि, मन और आत्मा को संतुलित व जागृत करने का एक माध्यम है। उन्होंने गीता के श्लोक "योगः कर्मसु कौशलम्" का संदर्भ देते हुए समझाया कि योग हमें जीवन के हर क्षेत्र में अपने कार्यों को पूरी कुशलता और श्रेष्ठता के साथ करने की शक्ति देता है।
उन्होंने जनता से विशेष अनुरोध किया कि वे "करो योग – रहो निरोग" के नारे को सार्थक करें। कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता की भावना बढ़ती है और स्वास्थ्य के प्रति सजगता आती है।
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