श्रीमद्भागवत कथा- भव्य कलश यात्रा के साथ दिव्य आयोजन का शुभारंभ, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

कमलेश्वर फाउंडेशन एवं कुबेरलाल जनसेवा संस्थान द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। व्यास पूज्य राधा प्रिया ने कथा श्रवण कराई।

By INA News Desk
Jun 21, 2026 - 20:28
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श्रीमद्भागवत कथा- भव्य कलश यात्रा के साथ दिव्य आयोजन का शुभारंभ, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर पीत वस्त्रों में कलश यात्रा निकालतीं महिला श्रद्धालु
  • श्रीमद्भागवत कथा: भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ शुभारंभ, पूज्य राधा प्रिया ने बहाई भक्ति रस की धार
  • कमलेश्वर फाउंडेशन की श्रीमद्भागवत कथा शुरू, सैकड़ों महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा
  • वैदिक मंत्रोच्चार और पीत वस्त्रधारी महिलाओं की कलश यात्रा, देखें वृंदावन की व्यास राधा प्रिया की कथा की झलकियां

रविवार सुबह हरदोई जिले में सुबह 7 बजे से कमलेश्वर फाउंडेशन एवं कुबेरलाल जनसेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में दिव्य श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हो गया। इस धार्मिक अनुष्ठान की प्रथम कड़ी के रूप में स्थानीय श्री राम जानकी मंदिर से एक विशाल एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें पीत वस्त्र धारण किए सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजन के बाद शुरू हुई यह यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल वैभव लॉन पहुंची। इसके बाद वृंदावन धाम से पधारीं प्रख्यात व्यास पूज्य राधा प्रिया ने कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को भक्ति रस का रसपान कराया। आगामी दिनों में 27 जून तक यहां प्रतिदिन भव्य कथा और विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया जाएगा जबकि 22 जून से प्रतिदिन कथा का समय दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक रहेगा।

सनातन संस्कृति में श्रीमद्भागवत कथा को साक्षात श्रीहरि का स्वरूप माना गया है। इसी पावन भावना के साथ कमलेश्वर फाउंडेशन और कुबेरलाल जनसेवा संस्थान द्वारा एक अत्यंत भव्य और दिव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के पहले दिन रविवार को पूरा क्षेत्र पूरी तरह से भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा गया।

इस दिव्य आयोजन की शुरुआत रविवार प्रातः 7 बजे श्री राम जानकी मंदिर से हुई। कथा की प्रथम कड़ी के रूप में आयोजित इस कलश यात्रा में हिस्सा लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में महिला श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर मंदिर परिसर पहुंचीं। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश का विधि-विधान से पूजन कराया गया।

​पूजन संपन्न होने के बाद धर्म ध्वजा लहराते हुए कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा श्री राम जानकी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों से गुजरी। यात्रा आवास विकास से होते हुए सोल्जर बोर्ड चौराहा, नुमाइश चौराहा और बड़े चौराहे पर पहुंची।

इसके बाद सिनेमा चौराहा और धर्मशाला रोड होते हुए यह भव्य यात्रा मुख्य कथा स्थल 'वैभव लॉन' पर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान के भजनों पर झूमते और जयकारे लगाते नजर आए, जिससे माहौल पूरी तरह गुंजायमान हो उठा।

कलश यात्रा के कथा स्थल वैभव लॉन पहुंचने के बाद विभिन्न पूजन क्रम और आरती संपन्न की गई। इसके उपरांत वृंदावन धाम से विशेष रूप से पधारीं कथा व्यास पूज्य राधा प्रिया ने व्यासपीठ संभाला और श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का बखान करते हुए कथा की शुरुआत की।

​कथा के प्रथम दिवस व्यास पूज्य राधा प्रिया ने मनुष्यों को अध्यात्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा: ​"ईश्वरीय सत्ता का सुखद सानिध्य ही हमारे जीवन का वास्तविक और मूल आधार है। जो मनुष्य सांसारिक मायाजाल को छोड़कर भगवान की शरण में आता है, उसका कल्याण सुनिश्चित है।"

​अहंकार के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा कि जहां मनुष्यों के भीतर अभिमान या अहंकार का जन्म होता है, वहां से भगवान रुष्ट होकर चले जाते हैं। इसलिए जीवन में सरलता, सौम्यता और समर्पण का होना अत्यंत आवश्यक है।

कथा के पहले ही दिन पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा नजर आया और भक्तों में भक्ति रस की अविरल धार बहती दिखाई दी। इस गरिमामयी धार्मिक महोत्सव में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में बंधु-बांधव उपस्थित रहे। ​कार्यक्रम में मुख्य रूप से विजय लक्ष्मी सिंह, अमिता मिश्रा मीतू, निरमा देवी, चित्र मिश्रा, चेतना माहेश्वरी, मंजू गुप्ता, रेखा गुप्ता, आभाश कुमार, नागेश्वर, आशीष बाजपेई, संजेश मिश्रा, आकाश द्विवेदी, विपिन मिश्रा, शांतनु सिंह, संजीव मिश्रा, वंदना, सुमन, सपना, रीना, उपासना, सार्थक, अनुराग, कार्तिकेय, मीनू, अर्विता, रिहांश, ईशी सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने परमार्थ का लाभ उठाया।

कमलेश्वर फाउंडेशन एवं कुबेरलाल जनसेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ आगामी दिनों तक निरंतर जारी रहेगा। प्रतिदिन दोपहर के निर्धारित समय से वृंदावन की व्यास राधा प्रिया द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, कृष्ण-रुक्मणी विवाह और सुदामा चरित्र जैसे दिव्य प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।

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