Hardoi : सांडी में प्राइवेट स्कूल की मनमानी- स्वतंत्रता दिवस पर छुट्टी, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव कलंकित करने का आरोप
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल केवल बच्चों का दाखिला बढ़ाने पर ध्यान देता है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं जैसे शिक्षकों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान
हरदोई : जिले के सांडी कस्बे में स्थित आरपीके पब्लिक स्कूल ने स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर छुट्टी की घोषणा करके अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है। स्कूल ने 14 अगस्त 2025 को चेहल्लुम, 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस और 16 अगस्त 2025 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर तीन दिन का अवकाश घोषित किया है। नोटिस में कहा गया है कि स्कूल 18 अगस्त 2025, सोमवार को नियमित समय पर खुलेगा। अभिभावकों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर छुट्टी करने का निर्णय बच्चों को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से जोड़ने के अवसर को छीन रहा है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि प्राइवेट स्कूल अपनी मनमानी के लिए जाने जाते हैं। आरपीके पब्लिक स्कूल पहले भी विवादों में रहा है। हाल ही में यह सामने आया था कि स्कूल बिना मान्यता के कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई संचालित कर रहा था, जिसके खिलाफ प्रशासन ने मुकदमा दर्ज किया था। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल केवल बच्चों का दाखिला बढ़ाने पर ध्यान देता है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं जैसे शिक्षकों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में विफल रहता है। उदाहरण के तौर पर, स्कूल में पिछले तीन साल से डांस टीचर की नियुक्ति नहीं हुई है, जबकि अभिभावकों से इसके लिए शुल्क लिया जाता है।
स्वतंत्रता दिवस पर छुट्टी की घोषणा ने अभिभावकों के बीच विशेष रूप से रोष पैदा किया है। उनका कहना है कि यह दिन बच्चों को देश के स्वतंत्रता संग्राम, शहीदों के बलिदान और राष्ट्रीय ध्वज के महत्व को समझाने का सुनहरा अवसर होता है। स्कूलों में इस दिन ध्वजारोहण, देशभक्ति गीत, नाटक और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो बच्चों में राष्ट्रीय गौरव की भावना जगाते हैं। लेकिन आरपीके पब्लिक स्कूल ने इस दिन छुट्टी करके बच्चों को इन गतिविधियों से वंचित कर दिया। एक अभिभावक ने कहा, "बच्चों को स्वतंत्रता दिवस का महत्व कैसे समझ आएगा, अगर स्कूल ही इस दिन बंद रहेंगे? यह देश के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाता है।"
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का यह कोई पहला मामला नहीं है। हरदोई जिले में कई स्कूलों पर बिना मान्यता के संचालन, अधिक शुल्क वसूलने और सुविधाओं में कमी के आरोप लगते रहे हैं। सांडी जैसे छोटे कस्बों में शिक्षा का स्तर पहले से ही चुनौतीपूर्ण है, और प्राइवेट स्कूलों की ऐसी हरकतें अभिभावकों का भरोसा तोड़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन अक्सर अभिभावकों की शिकायतों को अनसुना करता है और अपनी मनमानी नीतियों को लागू करता है।
जिला प्रशासन ने हाल के वर्षों में प्राइवेट स्कूलों पर नकेल कसने की कोशिश की है। आरपीके पब्लिक स्कूल के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है, जब यह पाया गया कि स्कूल ने शपथ पत्र के बावजूद बिना अनुमति कक्षाएं संचालित कीं। इसके बावजूद, स्कूल की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही। अभिभावकों ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस मामले की जांच करे और स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर स्कूलों को अनिवार्य रूप से ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए निर्देशित करे।
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