Hardoi : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विधिक जागरूकता शिविर, नवजात शिशु स्तनपान और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा
शिविर में नवजात शिशुओं को माता का स्तनपान कराने, मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमता से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों, और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से
हरदोई : जिले के शाहाबाद तहसील में 4 अगस्त 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदोई के तत्वावधान में एक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित हुआ। जिला न्यायाधीश संजीव शुक्ला और अपर जिला जज भूपेंद्र प्रताप के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति की सचिव व तहसीलदार संध्या यादव के निर्देशन में यह शिविर हुआ। शिविर की अध्यक्षता अधिवक्ता नामिका ने की।
शिविर में नवजात शिशुओं को माता का स्तनपान कराने, मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमता से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों, और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से बचाव के विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिवक्ता नामिका ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शाहाबाद में मानसिक रोग और बौद्धिक अक्षमता से ग्रस्त लोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। डॉ. ममता गुप्ता ने नवजात शिशुओं को स्तनपान के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि मां का दूध शिशु के लिए केवल पोषण ही नहीं, बल्कि जीवन की आधारशिला है। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, पेट की समस्याओं को रोकता है, और माताओं में गर्भाशय व स्तन कैंसर की संभावना कम करता है। उन्होंने सलाह दी कि पहले छह महीने तक शिशु को केवल मां का दूध देना चाहिए।
लीगल एड क्लिनिक के पीएलवी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने मानसिक रोग और बौद्धिक अक्षमता से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्प्रभाव और इससे बचाव के उपाय बताए। साथ ही, राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान और निःशुल्क विधिक सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी। महिलाओं को पंपलेट वितरित कर जागरूक किया गया। शिविर में स्टाफ नर्स, स्थानीय महिलाएं, और अन्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन जिले में स्वास्थ्य और कानूनी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।
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