अगर रिकॉर्डिंग फेक या झूठी साबित हुई तो मुझे जेल भेजे कड़ी करवाई करें, 100% ओरिजिनल है ऑडियो- रोहिणी घावरी

घावरी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर यह रिकॉर्डिंग फेक या झूठी साबित हुई तो वे कड़ी कार्रवाई का समर्थन करेंगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए कहा कि वे भारत लौट

Oct 27, 2025 - 21:20
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अगर रिकॉर्डिंग फेक या झूठी साबित हुई तो मुझे जेल भेजे कड़ी करवाई करें, 100% ओरिजिनल है ऑडियो- रोहिणी घावरी
अगर रिकॉर्डिंग फेक या झूठी साबित हुई तो मुझे जेल भेजे कड़ी करवाई करें, 100% ओरिजिनल है ऑडियो- रोहिणी घावरी

इंदौर की पीएचडी स्कॉलर रोहिणी घावरी ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती और उनके गुरु कांशीराम के रिश्ते को अपमानित करने का आरोप लगाया है। घावरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऑडियो क्लिप शेयर की। इसमें कथित तौर पर चंद्रशेखर आजाद मायावती पर ब्लैकमेल करने और कांशीराम के साथ उनके रिश्ते पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते सुनाई देते हैं। घावरी ने इस ऑडियो को पूरी तरह असली बताया और अगर यह फर्जी साबित होता है तो मायावती और चंद्रशेखर मिलकर खुद उन्हें जेल भेज दें।

घावरी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर यह रिकॉर्डिंग फेक या झूठी साबित हुई तो वे कड़ी कार्रवाई का समर्थन करेंगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए कहा कि वे भारत लौटने के लिए तैयार हैं। घावरी ने एक करोड़ रुपये का इनाम भी घोषित किया। उन्होंने कहा कि जो कोई साबित कर दे कि यह ऑडियो एआई से बना है, उसे यह रकम मिलेगी। घावरी ने एक भावुक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने चंद्रशेखर पर बहुजन आंदोलन को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया।

यह विवाद घावरी और चंद्रशेखर आजाद के बीच पुराना है। घावरी ने पहले चंद्रशेखर पर यौन शोषण, धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। घावरी का दावा है कि चंद्रशेखर ने 2020 में स्विट्जरलैंड में उनकी मुलाकात के दौरान उन्हें प्यार का झांसा दिया। लेकिन बाद में पता चला कि चंद्रशेखर पहले से शादीशुदा हैं। घावरी ने कहा कि चंद्रशेखर ने अपनी पत्नी को बीजेपी और आरएसएस का एजेंट बताया और तलाक की बात की। लेकिन रिश्ता टूटने के बाद उन्होंने घावरी को बदनाम करने की कोशिश की।

चंद्रशेखर आजाद ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि घावरी के दावे राजनीतिक साजिश हैं। चंद्रशेखर के समर्थकों ने दिल्ली पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया गया कि ऑडियो एआई से फर्जी बनाया गया है। पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। चंद्रशेखर ने कहा कि वे कोर्ट में ही जवाब देंगे। उन्होंने घावरी के खिलाफ बिजनौर में एफआईआर भी कराई, जिसमें मानहानि का आरोप है।

सोशल मीडिया पर यह मामला गरमाया हुआ है। एक तरफ घावरी के समर्थक उन्हें साहसी बता रहे हैं। वे कहते हैं कि चंद्रशेखर का चरित्र बहुजन समाज के लिए खतरा है। दूसरी तरफ चंद्रशेखर के समर्थक घावरी पर साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने लिखा कि अगर ऑडियो सही है तो चंद्रशेखर को माफी मांगनी चाहिए। लेकिन अगर फर्जी है तो घावरी को सजा मिलेगी। एक यूजर ने कहा कि दोनों दलित समुदाय से हैं, इसलिए प्रदर्शन कम हो रहे हैं। अन्यथा बड़ा आंदोलन होता।

घावरी स्विट्जरलैंड के जिनेवा में रहती हैं। वे संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि रह चुकी हैं। उनके पिता इंदौर के एक अस्पताल में सफाई कर्मचारी हैं। घावरी ने जनपावर वेलफेयर फाउंडेशन की स्थापना की है। वे शिक्षा और समानता पर काम करती हैं। चंद्रशेखर आजाद भीम आर्मी के संस्थापक हैं। वे नगीना से लोकसभा सांसद हैं। यह विवाद बहुजन समाज में बंटाव पैदा कर रहा है। दोनों पक्ष जांच का इंतजार कर रहे हैं। सच्चाई सामने आने पर ही स्थिति साफ होगी।

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