इमरान खान जिंदा हैं- अदियाला जेल प्रशासन ने खारिज की मौत की अफवाहें, बहनों को मिलने से रोका जाना बना विवाद का केंद्र। 

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अफवाहों ने पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था। ये अफवाहें

Nov 27, 2025 - 12:23
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इमरान खान जिंदा हैं- अदियाला जेल प्रशासन ने खारिज की मौत की अफवाहें, बहनों को मिलने से रोका जाना बना विवाद का केंद्र। 
इमरान खान जिंदा हैं- अदियाला जेल प्रशासन ने खारिज की मौत की अफवाहें, बहनों को मिलने से रोका जाना बना विवाद का केंद्र। 

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अफवाहों ने पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था। ये अफवाहें इतनी तेजी से फैलीं कि उनके समर्थक जेल के बाहर प्रदर्शन करने लगे। लेकिन 26 नवंबर 2025 को रावलपिंडी की अदियाला जेल प्रशासन ने स्पष्ट बयान जारी कर इन अफवाहों को बेबुनियाद बताया। प्रशासन ने कहा कि इमरान खान जेल के अंदर ही हैं, उनकी सेहत पूरी तरह ठीक है और उन्हें सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। यह बयान जियो न्यूज की रिपोर्ट के आधार पर आया, जिसमें जेल अधिकारियों ने कहा कि खान का कोई स्थानांतरण नहीं हुआ है और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है। ये अफवाहें मुख्य रूप से इसलिए फैलीं क्योंकि इमरान की तीनों बहनों को पिछले 23 दिनों से उनसे मिलने की इजाजत नहीं मिली। कोर्ट के आदेश के बावजूद परिवार को रोका गया, जिससे चिंताएं बढ़ गईं।

इमरान खान की गिरफ्तारी 9 मई 2023 को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के अंदर नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) द्वारा हुई थी। वे अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी थे। इसके बाद से वे अदियाला जेल में बंद हैं, जो पाकिस्तान की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक है। 2023 के अगस्त से उनकी कैद लगातार जारी है। विभिन्न मामलों में सजाएं सुनाई गईं, जिनमें जनवरी 2024 में सिफर केस (राज्य रहस्य लीक करने का आरोप) में 10 साल, तोशाखाना केस (भ्रष्टाचार) में 14 साल, मार्च 2024 में इद्दत मैरिज केस (अवैध विवाह) में 7 साल और जनवरी 2025 में अल-कादिर ट्रस्ट केस में 14 साल की सजा शामिल है। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव से सत्ता से हटने के बाद से वे आतंकवाद और भ्रष्टाचार के कई मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उनकी पत्नी बुशरा बीबी भी इनमें से कुछ मामलों में सजा काट रही हैं।

अफवाहों का दौर 23 नवंबर 2025 के आसपास शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि इमरान को जेल के अंदर ही मार दिया गया है। कुछ पोस्ट्स में आर्मी चीफ आसिम मुनीर और आईएसआई को जिम्मेदार ठहराया गया। ये दावे अनधिकृत थे और पाकिस्तान के बालूचिस्तान विदेश मंत्रालय जैसे खातों से फैले। लेकिन जेल प्रशासन ने 26 नवंबर को इनका खंडन किया। अधिकारियों ने कहा कि खान जेल में ही हैं और उनकी सेहत अच्छी है। जेल सुपरिंटेंडेंट ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि खान का एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट जेल से संचालित नहीं हो रहा। जेल नियम 265 के तहत कैदियों को राजनीतिक चर्चा की अनुमति नहीं है, और खान व उनके आसपास के स्टाफ की नियमित तलाशी ली जाती है।

इमरान की बहनों नूरीन खान (नियाजी), अलीमा खान और उजमा खान ने इन अफवाहों को हवा दी। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने हफ्ते में दो बार मिलने की इजाजत दी थी, लेकिन 23 दिनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया। 25 नवंबर को जब वे जेल के बाहर मिलने पहुंचीं, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। बहनों ने कहा कि पुलिस ने उनके बाल खींचे, उन्हें जमीन पर पटका और पीटा। साथ ही पीटीआई समर्थकों पर भी हमला किया गया। नूरीन ने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन था, लेकिन पुलिस ने बर्बरता दिखाई। उन्होंने पंजाब आईजीपी से कार्रवाई की मांग की। यह घटना वायरल हो गई, जिससे गुस्सा भड़क गया। पीटीआई ने कहा कि परिवार और नेताओं को तुरंत पहुंच दी जाए, और खान की सेहत पर पारदर्शिता लाई जाए।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि इमरान को जेल में विशेष सुविधाएं मिल रही हैं, जैसे डबल बेड, वेलवेट गद्दा, कस्टम मेन्यू, टेलीविजन और व्यायाम उपकरण। आसिफ ने मजाक में कहा कि उनकी वॉशिंगटन एरिना वाली स्पीच को जेल के लाउडस्पीकर पर चलाया जा सकता है। उन्होंने अपनी पुरानी जेल यात्रा से तुलना की और कहा, भगवान से डरो, समय किसी का गुलाम नहीं। पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने कहा कि इमरान को सत्ता में लाने वाले लोग असली अपराधी हैं, और उन पर जवाबदेही होनी चाहिए। शरीफ ने कहा कि इमरान अकेले दोषी नहीं, उनके संरक्षक ज्यादा बड़े अपराधी हैं।

पीटीआई ने इन अफवाहों को सरकार की साजिश बताया। पार्टी ने कहा कि यह खान की लोकप्रियता को कम करने की कोशिश है। 2025 के सर्वे में खान पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय राजनेता बने हुए हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद भी समर्थन बढ़ा। जेल में उनकी दिनचर्या सख्त है। वे पढ़ाई, लेखन और नमाज में समय बिताते हैं। भोजन सादा है, लेकिन सुरक्षा कारणों से अन्य कैदियों से कम संपर्क। स्वास्थ्य चिंताएं कभी-कभी उठती हैं, लेकिन जेल प्रबंधन कहता है कि पर्याप्त देखभाल हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर ImranKhanZinda ट्रेंड हुआ। समर्थकों ने जेल के बाहर प्रदर्शन किए। एक पोस्ट में लिखा, इमरान जिंदा है, सच्चाई जिंदा रहेगी। लेकिन कुछ ने अफवाहों को प्रोपगैंडा कहा। जेल प्रशासन ने कहा कि ऐसी अफवाहें बेकार हैं। पीटीआई ने जांच की मांग की। यह घटना पाकिस्तान की राजनीति को और गरमा रही है। खान की रिहाई की मांग तेज हो गई। सरकार ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया चलेगी।

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