Lucknow News: अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) एंड कंपनी तुष्टिकरण की राजनीति में इतनी नीचे गिर चुकी है....- मंत्री सारंग

समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा इतिहास में वर्णित भारतीय प्रणेताओं पर अभद्र बयानबाजी करना और मुगलों को अपना मसीहा बताने का ट्रेंड चल रहा है। अपने नेताओं के इन बयानों को सही साबित करने के चक्कर में अखिलेश यादव (Akhilesh ...

Mar 28, 2025 - 00:49
Mar 28, 2025 - 01:07
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Lucknow News: अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) एंड कंपनी तुष्टिकरण की राजनीति में इतनी नीचे गिर चुकी है....- मंत्री सारंग

By INA News Lucknow.

पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा गौशाला से दुर्गंध आने से जुड़ा बयान देने के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है। कभी स्वयं को यदुवंशी कहने वाले अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के सुर बदल जाना और गौशाला पर अमर्यादित बयानबाजी करना कहीं न कहीं गैर हिंदू समाज को खुश करने का ट्रम्प कार्ड माना जा रहा है। उनके इस बयान के बाद कुछ लोगों ने कहा है कि कुछ समय पहले खुद को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताने वाले अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा अपने राजनैतिक फायदे व गैर हिंदू समाज को खुश करने और उन्हें अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए ऐसी बयानबाजी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इतना ही नहीं, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सीएम योगी के कपड़ों को लेकर भी टिप्पणी कर दी।

समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा इतिहास में वर्णित भारतीय प्रणेताओं पर अभद्र बयानबाजी करना और मुगलों को अपना मसीहा बताने का ट्रेंड चल रहा है। अपने नेताओं के इन बयानों को सही साबित करने के चक्कर में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का रंग भी दिन-ब-दिन बदलता जा रहा है। किसी भी मुद्दे को उठाकर आखिर में सपा पार्टी सुप्रीमो निष्कलंक भारतीय इतिहास पर शब्द प्रहार करते नजर आते हैं। इसके अलावा वे अपनी पार्टी के नेताओं को भी यही नसीहत देते दिखाई दे रहे हैं।

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कुछ समय पहले अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की पार्टी के ही एक नेता ने छत्रपति शिवाजी पर टिप्पणी की थी और हाल ही में आगरा से सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा को लेकर भी अमर्यादित टिप्पणी कर डाली। इनका बचाव करते भी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) नजर आए। इसके बाद अब अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भगवान श्रीकृष्ण की स्नेही गौ के आश्रय स्थलों (गौशालाओं) पर ऐसी टिप्पणी कर डाली। उनकी यह टिप्पणी निश्चित रूप से हिन्दू समाज को बड़ी ठेस पहुंचाने वाली है। इस बयान से कुछ समय के लिए उनके चहेते और हिन्दू समाज को निशाना बनाने वाले लोग खुश हो सकते हैं लेकिन वे इन बयानों से अपना व अपनी पार्टी का चरित्र लोगों को जरूर दिखला रहे हैं।सनातन धर्म पर आये दिन अभद्र टिप्पणी कर राजनैतिक रोटियां सेंकना आजकल का ट्रेंड सा बन गया है

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस बयान को विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कन्नौज में कहा था कि भाजपा को दुर्गंध पसंद है इसलिए वो लोग गौशालाएं बनवा रहे हैं। इसे लेकर भाजपा हमलावर हो गई है। रवि किशन से लेकर दिनेश शर्मा तक कई दिग्गज सांसदों ने पूर्व मुख्यमंत्री को सख्त हिदायत दी है। बीते दिन कन्नौज में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा वाले दुर्गंध पसंद करते हैं इसलिए गौशाला बना रहे हैं। हम सुगंध पसंद कर रहे थे, इसलिए इत्र पार्क बना रहे थे। सरकार सांड पकड़ रही है या नहीं? यह तो सरकार ही जाने, लेकिन इसके लिए जो पैसा आ रहा है, वो भी ये खा जा रहे हैं।

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने  अखिलेश के बयान पर कहा, 'ये सभी पार्टियां सनातन के विरोध में आवाज उठाती रहती हैं। अखिलेश ने कहा था कि भाजपा को दुर्गंध पसंद है इसलिए वह गौशाला का निर्माण करा रही है और सपा को सुगंध पसंद है इसलिए हम इत्र बनाते हैं। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि इन लोगों को सनातन से लगाव नहीं है और ये सभी सनातन विरोधी हैं। अगर हिंदुस्तान में रहकर कोई सनातन का विरोध करता है तो उसे हिंदुस्तान में राजनीति बंद कर देनी चाहिए। उसे वह भूमि ढूंढ़नी चाहिए, जहां सनातन का अपमान हो सके। यह देश सनातन का अपमान नहीं सहेगा।' 

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के बयान के बाद बीजेपी नेता हमलावर हो गए हैं। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का बयान स्पष्ट नहीं है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा। "अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) क्या कहना चाहते हैं यह स्पष्ट नहीं होता। क्या गाय से दुर्गंध पैदा होती है या उसके गोबर से दुर्गंध पैदा होती है? उनका बयान स्पष्ट नहीं है। मुझे लगता है कि वे कहना कुछ और चाहते हैं लेकिन कह कुछ और रहे हैं।" इसका मतलब है कि बृजभूषण शरण सिंह को अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के बयान में कुछ कमी लग रही है। उन्हें लग रहा है कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) कुछ और कहना चाहते थे। लेकिन कह कुछ और गए। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा। "किसान। खासकर ग्वाल के बेटे को अगर गाय के गोबर से दुर्गंध आने लगे तो समझना चाहिए कि वह अपनी जड़ों और समाज से पूरी तरह कट चुका है। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने लिखा था कि किसान के बेटे को अगर गोबर से दुर्गंध आने लगे तो अकाल तय है।राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता भाई वीरेंद्र की भी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के बयान पर प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि कोई दुर्गंध नहीं होती है, गाय हमारी माता है। हम गौ पालने वाले लोग हैं। उन्होंने (अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)) यह बयान नहीं दिया होगा। इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। इत्र पार्क बनाएं हैं उसके लिए बधाई। उनके (अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)) यहां भी गाय है। ऐसा उन्होंने बोला नहीं तोड़-मरोड़कर बयान चलाया है।

मंत्री सारंग ने कहा कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के विचारों से दुर्गंध आती है और उनका बयान सनातन संस्कृति और गौमाता का अपमान करने वाला है। मंत्री सारंग ने कहा, "गाय सिर्फ एक पशु नहीं है, बल्कि हमारी पूजनीय गौमाता है। सनातन परंपरा में गाय में करोड़ों देवी-देवताओं का वास होता है, लेकिन अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) जैसे नेता इसे केवल राजनीति का मुद्दा समझते हैं। उन्होंने कहा, "जिस परिवार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, जिसने सरेराह कारसेवकों की हत्या करवाई, उस परिवार से और क्या अपेक्षा की जा सकती है?" उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) गौमाता का मजाक उड़ाकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं।सारंग ने कड़े शब्दों में कहा, "हिंदू धर्म, परंपरा, साधु-संतों और सनातन संस्कृति का मजाक उड़ाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति शर्मनाक है और अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) एवं उनकी पार्टी लगातार सनातन धर्म और हिंदू आस्था के खिलाफ बयानबाजी कर रही है। मंत्री सारंग ने आगे कहा, "अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) एंड कंपनी तुष्टिकरण की राजनीति में इतनी नीचे गिर चुकी है कि अब गौमाता का अपमान करने से भी पीछे नहीं हट रही।

यह केवल शर्म की बात नहीं है, बल्कि उनके राजनीतिक हताशा का भी प्रतीक है।" उन्होंने कहा, "सनातन आस्था और हिंदू परंपराओं का अपमान करने वालों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। गौमाता का सम्मान हर सनातनी की जिम्मेदारी है और ऐसे बयानों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, 'इत्र पार्क बनाने के साथ-साथ इत्र का घोटाला भी हो चुका है। गौशाला में आप दुर्गंध और सुगंध क्यों तलाश रहे हो। गौशाला में सनातन की आस्था को तलाशो।।। ये गौमाता है और मां पर टिप्पणी नहीं की जाती।'

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