Special Article: ऑपरेशन सिंदूर व राफेल पर एक टेंडर से  विपक्ष हुआ बेनकाब 

भारतीय वायुसेना की एक खबर से ऐसी सभी ताकतें बेनकाब हो गई हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तानी झूठ के आधार पर

By INA News Desk
Jun 26, 2026 - 12:15
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Special Article: ऑपरेशन सिंदूर व राफेल पर एक टेंडर से  विपक्ष हुआ बेनकाब 
ऑपरेशन सिंदूर व राफेल पर एक टेंडर से  विपक्ष हुआ बेनकाब 
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लेखक: मृत्युंजय दीक्षित

भारतीय वायुसेना की एक खबर से ऐसी सभी ताकतें बेनकाब हो गई हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तानी झूठ के आधार पर भारत विरोधी बयानबाजी कर रही थीं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों को मार गिराने का पाकिस्तान का झूठ जिसको राहुल गाँधी के नेतृत्व में विपक्ष ने लपक लिया था मनोहर कहानी साबित हुआ है। भारतीय वायुसेना के  एक आधिकारिक दस्तावेज ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की पोल खोल दी है। वायुसेना द्वारा जारी किए गए नए टेंडर से यह साफ हो गया है कि  फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 विमान पूरी तरह से सुरक्षित हैं और देश की सेवा में तैनात हैं। 
भारतीय वायुसेना ने  फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 राफेल विमानों के रखरखाव  के लिए टेंडर जारी किया है। अभी तक पाकिस्तानी मीडिया यह अफवाह फैलाने में मगन था कि पाकिस्तान ने चीन की मदद से एक किल चेन तैयार की थी जिसमें राफेल लड़ाकू विमान के पायलटों को अपने बचाव में कोई कदम उठाने का अवसर नहीं मिला और चीन से मिले जे -10सी लड़ाकू विमान में लगी पीएल- 15 मिसाइलों ने राफेल को मार गिराया। अब भारतीय वायुसेना के टेंडर दस्तावेज ने इस झूठ की हवा निकाल दी है।  
पाकिस्तान द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल मार गिराए जाने के झूठ को लेकर भारत के विपक्ष ने जमकर राजनीति करी थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व उनके नेतृत्व वाला विपक्ष भारत सरकार से सवाल पूछ रहा था कि कितने राफेल गिरे? उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से लेकर सपा नेता अखिलेश यादव तक सभी भारतीय सेना का मनोबल तोड़ने  में लगे थे । क्या यह सभी नेता अब देश की जनता के सामने आकर माफी मांगेंगे? कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा था कि जिस राफेल की नीबू - मिर्च के साथ पूजा की गई थी क्या वे उड़ भी पाए थे?
जून 15, 2026 को भारतीय वायुसेना ने अपने पूरे राफेल बेड़े के लिए पांच महीने का ब्रिज सपोर्ट पैकेज (रखरखाव और तकनीकी सहायता ) मांगा है । इस दस्तावेज में स्पष्ट लिखा है कि यह रख रखाव सभी 36 राफेल विमानों के लिए है।ऑपरेशन सिंदूर में राफेल विमानों ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों मे एकदम सटीक हमले किए थे।राफेल में लगी घातक मिटियोर व स्कैल्प मिसाइलों और आधुनिक स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के सामने पाकिस्तानी वायुसेना टिक नहीं पाई थी। 
ब्रिज सपोर्ट टेंडर के दस्तावेज में दर्ज 36 का आंकड़ा यह संकेत देता है कि भारतीय वायुसेना के सभी 36 राफेल विमान पूरी तरह सुरक्षित हैं और परिचालन स्थिति में है। इसी आधार पर यह दावा किया  गया कि राफेल को लेकर उठे सभी सवालों और अफवाहों पर यह दस्तावेज स्पष्टता देता है। इस दस्तावेज के सामने आ जाने के बाद पाकिस्तानी सेना  प्रमुख मुनीर व कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के सपनों में एक बार फिर राफेल ही आएंगे। ऑपरेशन सिंदूर व राफेल को लेकर राहुल गांधी तथा इंडी गठबंधन के नेताओं की झूठ वाली बयानबाजी की पोल खुल चुकी है। राहुल गांधी एंड कंपनी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर कभी कोई बयान नहीं दिया और न ही पाकिस्तान की निंदा की क्योंकि इससे उनका मुस्लिम वोट बैंक नाराज हो जाता। 
राहुल गांधी ऑपरेशन सिंदूर पर अपने देश विरोधी बयानों से पाकिस्तानी मीडिया और संसद के नायक बन गये। क्या इस रिपोर्ट व टेंडर के  के बाद राहुल गाँधी देश की जनता से माफी मांगेंगे? राफेल राजनीति में यह राहुल गांधी की लगातार दूसरी पराजय है क्योंकि भारत -फ्रांस समझौते के बाद जब से राफेल को लेकर ही राहुल गाँधी ने चौकीदार चोर है कैंपेन चलाया था और 2019 का लोकसभा चुनाव इसी नारे के साथ लड़ा था जिसमें कांग्रेस की भारी पराजय हुई थी। 
भारतीय वायुसेना का यह टेंडर ऐसे समय में जारी हुआ है जब भारत अपनी वायु सेना की ताकत को और मजबूत करने के लिए फ्रांस की दसौ एविएशन से 114 अतिरिक्त राफेल फाइटर जेट  खरीदने की प्रक्रिया पर तेजी से काम कर रहा है। संभावना है कि इन विमानों का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही किया जाएगा। यह विमान पहले से शामिल राफेल की तुलना से अधिक घातक व उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस होंगे।

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