Sambhal: बयानों से नहीं बदलती सियासत: बर्क का पलटवार—पहले अपनी जमीन बचाएं, फिर दूसरों पर उठाएं उंगली।
सम्भल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बीजेपी नेता के उस बयान पर तीखा जवाब दिया है, जिसमें कहा
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बीजेपी नेता के उस बयान पर तीखा जवाब दिया है, जिसमें कहा गया था कि तेजस्वी, ममता के बाद अब अखिलेश यादव की बारी है। बर्क ने साफ कहा कि “अगर सिर्फ कह देने से ही सब कुछ खत्म हो जाता, तो एक चुटकी में सारे विपक्ष को खत्म कर दिया जाता, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।”
उन्होंने बीजेपी नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि “दूसरों पर उंगली उठाने से पहले उन्हें खुद अपनी स्थिति मजबूत करनी चाहिए। पहले यह तय कर लें कि उनकी अपनी सीट सुरक्षित है या नहीं और पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री बनाने वाली भी है या नहीं।” बर्क ने आगे बीजेपी की रणनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि “साम-दाम-दंड-भेद जैसी नीतियों से चुनाव प्रभावित करने की कोशिश ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली। आने वाले समय में जनता विकास के नाम पर वोट करेगी और मजबूत विपक्ष खड़ा करेगी।” धर्म के मुद्दे पर भी बर्क ने बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि “धर्म के नाम पर लोगों को बांटना बीजेपी की राजनीति का हिस्सा बन चुका है। हकीकत यह है कि कोई भी व्यक्ति अपने ही धर्म के खिलाफ नहीं हो सकता। यह सिर्फ ‘डिवाइड एंड रूल’ की रणनीति है, जिससे समाज में फर्क डालकर राजनीतिक फायदा उठाया जाता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश और प्रदेश में सरकारें चलाने वाले ज्यादातर लोग सनातन धर्म से ही जुड़े हैं, ऐसे में किसी एक पक्ष पर धर्म विरोधी होने का आरोप लगाना पूरी तरह भ्रामक है। बर्क के इस बयान ने साफ कर दिया है कि आने वाले चुनावों में सियासी जुबानी जंग और तेज होने वाली है, जहां विकास बनाम धर्म की राजनीति एक बड़ा मुद्दा बन सकती है।
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