पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन डिनर: राहुल-खरगे को न्योता न मिलने पर विवाद, शशि थरूर की निर्मला सीतारमण से बातचीत वाली तस्वीर ने बढ़ाई सियासी हलचल।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दूसरे दिन राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्य भोज ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दूसरे दिन राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्य भोज ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया। 5 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुरmu द्वारा आयोजित इस भोज में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर शामिल हुए, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को न्योता नहीं मिला। थरूर को बाहरी मामलों पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के पद पर आमंत्रित किया गया था। भोज के दौरान थरूर की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें दोनों नेता मुस्कुराते हुए दिखे। यह तस्वीर भोज स्थल पर ली गई थी और इसमें अन्य केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर और पीयूष गोयल भी नजर आए। कांग्रेस ने इस चयनात्मक आमंत्रण को प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया, जबकि थरूर ने कहा कि वे अपनी आधिकारिक भूमिका में उपस्थित हुए। पुतिन की यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित थी, लेकिन डिनर ने आंतरिक राजनीति को सुर्खियों में ला दिया।
पुतिन की दो दिवसीय यात्रा 4 दिसंबर 2025 को दिल्ली पहुंचने के साथ शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलम एयर फोर्स स्टेशन पर उनका स्वागत किया। 5 दिसंबर को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत समारोह हुआ, उसके बाद हैदराबाद हाउस में 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में कई समझौते हुए, जिनमें आर्थिक सहयोग के लिए विजन 2030 शामिल था। द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया। रक्षा, ऊर्जा और सांस्कृतिक क्षेत्रों पर चर्चा हुई। आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता पर सहमति बनी। शाम को राष्ट्रपति भवन में राज्य भोज आयोजित किया गया, जो पुतिन के सम्मान में था। इस भोज में लगभग 150 अतिथि शामिल हुए, जिनमें केंद्रीय मंत्री, राजनयिक और कुछ विपक्षी नेता थे। भोज पूर्णतः शाकाहारी था, जिसमें भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों की विविधता दिखाई गई। पुतिन को प्रधानमंत्री मोदी के बगल में स्थान दिया गया।
राष्ट्रपति भवन के डिनर हॉल में आयोजित इस भोज की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो गईं। अतिथियों की सूची में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह शामिल थे। कांग्रेस की ओर से शशि थरूर को आमंत्रण मिला, जो बाहरी मामलों पर संसदीय समिति के प्रमुख हैं। थरूर ने संसद भवन परिसर के बाहर मीडिया से कहा कि वे निश्चित रूप से भोज में जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह परंपरा रही है कि ऐसी समितियों के प्रमुखों को विदेशी मेहमानों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता है। थरूर ने कहा कि वे इस आमंत्रण को सम्मान मानते हैं और उपस्थित होंगे। यह परंपरा हाल के वर्षों में थोड़ी कम हो गई थी, लेकिन पुतिन के भोज के लिए इसे फिर से अपनाया गया। थरूर की उपस्थिति ने पार्टी के अंदर बहस छेड़ दी, क्योंकि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को आमंत्रण नहीं भेजा गया।
कांग्रेस ने इस चयनात्मक आमंत्रण को प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार ने सभी प्रोटोकॉल तोड़े हैं। उन्होंने बताया कि विपक्ष के नेताओं को आमंत्रित न करने का फैसला आश्चर्यजनक है। खेड़ा ने कहा कि जब पार्टी के शीर्ष नेता आमंत्रित नहीं हैं, तो एक सांसद का आमंत्रण स्वीकार करना समझ से परे है। उन्होंने थरूर से अपील की कि वे समझें कि यह खेल किस तरह खेला जा रहा है। खेड़ा ने कहा कि आमंत्रण भेजा गया और स्वीकार भी किया गया, लेकिन नेताओं के न आमंत्रित होने पर विवेक का इस्तेमाल होना चाहिए। राहुल गांधी ने संसद भवन में पत्रकारों से कहा कि विदेशी मेहमानों से विपक्ष के नेताओं की मुलाकात की परंपरा रही है। उन्होंने बताया कि वाजपेयी और मनमोहन सिंह सरकारों में यह होता था, लेकिन अब सरकार असुरक्षा के कारण ऐसा नहीं होने देती। राहुल ने कहा कि वे भारत का दूसरा दृष्टिकोण देते हैं, लेकिन सरकार विदेशी मेहमानों को इससे दूर रखती है।
भोज के दौरान ली गई तस्वीरों में शशि थरूर को निर्मला सीतारमण से बात करते देखा गया। यह तस्वीर डिनर हॉल में ली गई, जहां थरूर मुस्कुराते हुए सीतारमण से हाथ मिला रहे थे। पृष्ठभूमि में अन्य अतिथि नजर आ रहे थे। एक अन्य तस्वीर में थरूर एस जयशंकर और पीयूष गोयल से बात कर रहे थे। ये तस्वीरें भोज के दौरान न्यूज एजेंसी द्वारा ली गईं और बाद में जारी की गईं। तस्वीरों में थरूर की व्हाइट शेरवानी और सीतारमण की साड़ी स्पष्ट दिख रही थी। भोज का माहौल औपचारिक था, जहां अतिथि टेबल पर बैठे थे। पुतिन को भारतीय व्यंजनों की थाली परोसी गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के शाकाहारी व्यंजन शामिल थे। थरूर ने भोज के बाद कहा कि वे अपनी समिति की भूमिका में उपस्थित हुए और किसी राजनीतिक संदेश का हिस्सा नहीं बने। तस्वीरों का प्रसारण भोज के तुरंत बाद हुआ, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस भोज की परंपरा विदेशी मेहमानों के सम्मान में रही है। आमतौर पर विपक्ष के नेताओं को आमंत्रित किया जाता है, लेकिन इस बार सूची में बदलाव देखा गया। थरूर को समिति प्रमुख के रूप में शामिल किया गया, जो संसदीय परंपरा का हिस्सा माना जाता है। कांग्रेस ने कहा कि यह निर्णय आश्चर्यजनक है और सरकार की रणनीति को दर्शाता है। पवन खेड़ा ने कहा कि थरूर को यह समझना चाहिए कि जब नेता आमंत्रित नहीं हैं, तो स्वीकार करना उचित नहीं। थरूर ने कहा कि वे परंपरा का पालन कर रहे हैं और पार्टी के निर्णय से अलग अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राहुल गांधी ने विदेशी यात्राओं का जिक्र किया, जहां उन्हें विदेशी अधिकारियों से मिलने से रोका जाता है। उन्होंने कहा कि यह असुरक्षा का संकेत है। मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की, लेकिन विस्तार से नहीं।
भोज के अतिथियों में केंद्रीय मंत्री प्रमुख थे। निर्मला सीतारमण ने थरूर से बातचीत में द्विपक्षीय व्यापार पर चर्चा की। तस्वीर में दोनों नेता करीब खड़े दिखे। एस जयशंकर ने रूस के साथ संबंधों पर थरूर से बात की। पीयूष गोयल भी उपस्थित थे। पुतिन ने भोज में भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की। राष्ट्रपति मुरmu ने स्वागत भाषण दिया। भोज के बाद पुतिन ने विदाई ली। थरूर की उपस्थिति ने पार्टी के अंदर मतभेद को सामने ला दिया। कांग्रेस ने कहा कि यह विभाजनकारी रणनीति है। थरूर ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। तस्वीरों ने इस घटना को और चर्चित बना दिया।
पुतिन की यात्रा के दौरान अन्य कार्यक्रम भी हुए। राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। दिल्ली विश्वविद्यालय ने रूसी विश्वविद्यालय के साथ समझौता किया। रूसी नागरिकों के लिए ई-वीजा सुविधा बढ़ाई गई। भोज इन कार्यक्रमों का हिस्सा था। थरूर ने कहा कि रूस के साथ संबंध मजबूत हैं। तस्वीरों में थरूर की निर्मला सीतारमण से बात स्पष्ट दिखी। यह तस्वीर भोज हॉल से ली गई। कांग्रेस ने कहा कि आमंत्रण का चयन राजनीतिक है। राहुल और खरगे की अनुपस्थिति ने बहस छेड़ी। थरूर ने कहा कि वे आधिकारिक भूमिका में गए।
राज्य भोज की सूची में परिवर्तन देखा गया। विपक्ष के शीर्ष नेताओं को बाहर रखा गया। थरूर को समिति के कारण शामिल किया गया। तस्वीरों का प्रसारण तुरंत हुआ। निर्मला सीतारमण से बातचीत औपचारिक थी। एस जयशंकर से भी चर्चा हुई। पुतिन का भोज शाकाहारी था। अतिथियों की संख्या 150 थी। कांग्रेस ने प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाया। थरूर ने परंपरा का हवाला दिया। राहुल ने असुरक्षा का जिक्र किया। मल्लिकार्जुन खरगे ने समर्थन दिया। तस्वीर ने सियासी हलचल बढ़ाई। भोज यात्रा का अंतिम प्रमुख कार्यक्रम था।
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