नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा आज समापन की ओर बढ़ रहा है, जो भारत-रूस के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को नई मजबूती प्रदान करने वाला साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 4-5 दिसंबर को आयोजित इस दौरे के दौरान दोनों देशों के नेता द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा कर रहे हैं। यह पुतिन का 2022 में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद भारत का पहला राज्यिक दौरा है, जो वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच दोनों राष्ट्रों की अटूट मित्रता का प्रतीक बन गया है।
23वां भारत-रूस शिखर सम्मेलनपुतिन गुरुवार शाम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया – एक दुर्लभ कूटनीतिक इशारा जो दोनों नेताओं के निजी संबंधों को रेखांकित करता है। हवाई अड्डे पर दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे को गले लगाया और लोक कल्याण मार्ग स्थित पीएम आवास पर निजी डिनर आयोजित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में अनुवादित भगवद्गीता भेंट की, जिसे रूसी राष्ट्रपति ने सराहते हुए कहा कि गीता की शिक्षाएं दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं। आज शुक्रवार को दौरे का मुख्य कार्यक्रम राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर आयोजित 23वां भारत-रूस शिखर सम्मेलन रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत के बाद, पुतिन ने महात्मा गांधी की स्मृति स्थली राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय चर्चाओं पर जोर दिया गया।
व्यापार लक्ष्य 100 अरब डॉलर, रक्षा और ऊर्जा में नई साझेदारीचर्चाओं का फोकस द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर रहा, जो वर्तमान में 2025 के अप्रैल-अगस्त में 28.25 अरब डॉलर पर पहुंच चुका है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण कच्चे तेल आयात में कमी आई है, लेकिन रूस ने भारतीय वस्तुओं के अधिक आयात का आश्वासन दिया है। रक्षा क्षेत्र में, जहां रूस भारत का प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ता है, एस-400 मिसाइल प्रणाली और अन्य प्रोजेक्ट्स पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। ऊर्जा के अलावा, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR) पर सहयोग और स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति व मीडिया में समझौतों पर हस्ताक्षर की उम्मीद है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने रूसी समकक्ष एंड्रे बेलूसोव के साथ प्री-समिट वार्ता में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "भारत-रूस मित्रता समय की कसौटी पर खरी उतरी है, जो हमारे लोगों को लाभ पहुंचाती रही है।" वहीं, पुतिन ने कहा कि भारत के तेल खरीद पर लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए अमेरिका की दोहरी नीति की आलोचना की।
यूक्रेन शांति प्रयास और अमेरिकी दबाव के बीच संतुलनयह दौरा यूक्रेन संघर्ष पर शांति प्रयासों के बीच हो रहा है, जहां भारत ने तटस्थ रुख अपनाया है। दोनों नेता वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, भारत की रूस के साथ साझेदारी को मजबूत करने की नीति नई दिल्ली की स्वतंत्र विदेश नीति को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा अमेरिका के साथ संबंधों को प्रभावित किए बिना रूस के साथ आर्थिक बफर बनाने में मददगार साबित होगा।दोपहर में संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी होने के बाद, पुतिन भारतीय उद्योगपतियों को संबोधित करेंगे और राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा आयोजित भोज में भाग लेंगे। शाम को मॉस्को लौटने से पहले, 'रूसी-भारतीय आर्थिक सहयोग के रणनीतिक क्षेत्रों के विकास कार्यक्रम 2030' पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान करेगा, बल्कि बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों की एकजुटता को भी मजबूत करेगा। भारत-रूस मित्रता के 80 वर्ष पूरे होने के करीब, यह यात्रा 'मोदी-पुतिन 2.0' के रूप में इतिहास में दर्ज हो रही है।