इंडिगो एयरलाइंस संकट: 550+ फ्लाइट्स रद्द, यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने गुरुवार को 550 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे प्रमुख हवाई
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने गुरुवार को 550 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे प्रमुख हवाई अड्डों पर हाहाकार मच गया। पिछले तीन दिनों में कुल 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, और हजारों यात्री फंस गए हैं। मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और दिल्ली जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्री घंटों इंतजार कर रहे हैं, नारेबाजी कर रहे हैं और भोजन-पानी की कमी की शिकायतें कर रहे हैं।संकट की वजह: पायलटों की कमी और नए नियमों का असरइंडिगो की इस दुर्दशा का मुख्य कारण नवंबर 1 से लागू हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नए नियम हैं, जो पायलटों और क्रू मेंबर्स के आराम और ड्यूटी घंटों को नियंत्रित करते हैं। इन नियमों के तहत रात्रि उड़ानों पर पाबंदियां लगाई गई हैं, जिसके चलते एयरलाइन को क्रू की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि रोस्टर प्लानिंग में "गलत आकलन" हुआ, जिससे यह संकट बढ़ गया।इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों को पत्र लिखकर कहा, "हमारे नेटवर्क की जटिलता के कारण यह व्यवधान तेजी से फैल गया। सामान्य स्थिति बहाल करने में समय लगेगा।" एयरलाइन ने DGCA को आश्वासन दिया है कि फरवरी 10 तक संचालन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा, लेकिन अगले 2-3 दिनों तक कटौती जारी रहेगी।प्रभावित एयरपोर्ट्स: आंकड़ों में हाहाकार
- मुंबई: 85 उड़ानें रद्द, कुल 118 प्रभावित।
- बेंगलुरु: 73 उड़ानें रद्द, यात्री सामान ढूंढते नजर आए।
- हैदराबाद: 68 उड़ानें रद्द, यात्रियों ने नारेबाजी की।
- दिल्ली: 30 से अधिक रद्द, शुक्रवार को 225 आगमन-प्रस्थान प्रभावित।
- चेन्नई: 31 उड़ानें रद्द।
कुल मिलाकर, गुरुवार को 550+ उड़ानें रद्द हुईं, जबकि शुक्रवार को 400 और रद्द की गईं। इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस छह प्रमुख एयरपोर्ट्स पर घटकर महज 8.5% रह गया।यात्रियों का गुस्सा: "पानी-खाना तक नहीं मिला"हैदराबाद एयरपोर्ट पर यात्रियों ने "इंडिगो हाय-हाय" के नारे लगाए। एक यात्री ने बताया, "हम 10-12 घंटे से फंसे हैं, न पानी मिला न खाना। ट्रेन का टिकट ले लेते तो बेहतर होता।" अहमदाबाद से वाराणसी जाने वाले एक पैसेंजर ने कहा, "देर रात तक इंतजार के बाद उड़ान रद्द, सामान भी नहीं मिला।" सिंगापुर के उच्चायोग ने भी ट्वीट कर अपनी उड़ान रद्द होने पर निराशा जताई।शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर लिखा, "एयरलाइन डुओपॉली के कारण यात्री परेशान। विमानन मंत्री संसद में बयान दें।" कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे "सरकार की एकाधिकार नीति का नतीजा" बताया।सरकार का सख्त रुख: DGCA ने दिए निर्देशसिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने इंडिगो अधिकारियों के साथ बैठक की और नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "नए नियमों के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, फिर भी यह स्थिति कैसे बनी?" DGCA ने एयरलाइन को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- क्रू भर्ती बढ़ाएं।
- रोस्टर पुनर्गठन करें।
- सुरक्षा योजना सुधारें।
- हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट दें।
मंत्री ने एयरपोर्ट्स को निर्देश दिया कि फंसे यात्रियों को हर संभव मदद दें, जैसे भोजन, पानी और वैकल्पिक यात्रा। एयरलाइन को रात्रि उड़ान नियमों में छूट की मांग भी करनी पड़ी है।क्या होगा आगे?इंडिगो ने यात्रियों से माफी मांगी और कहा कि वे वैकल्पिक उड़ानें बुक करने या रिफंड लेने में मदद कर रहे हैं। हालांकि, शेयर बाजार में कंपनी के शेयर 6% गिर चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट एयरलाइन उद्योग की कमजोरियों को उजागर करता है। यात्रियों से अपील है कि अपनी उड़ान की स्थिति इंडिगो ऐप या वेबसाइट पर चेक करें।यह संकट विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को प्राथमिकता देने का महत्वपूर्ण सबक है, लेकिन यात्रियों की परेशानी अभी भी बरकरार है।
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