Hapur : पिलखुवा की स्काई ट्रेडिंग फर्म पर जीएसटी चोरी का आरोप, 7 करोड़ से ज्यादा का फर्जीवाड़ा
राज्य कर अधिकारी खंड-चार अरविंद शर्मा ने बताया कि शहजाद ने अपनी फर्म का जीएसटी पंजीकरण 25 सितंबर 2017 को लिया था। बाद में 25 मई 2019 को गाजियाबाद रें
पिलखुवा में राज्य कर विभाग ने जीएसटी पंजीकरण का गलत इस्तेमाल कर करोड़ों की चोरी और नकली कागजात से धोखा देने का मामला पकड़ा है। विभाग ने स्काई ट्रेडिंग कंपनी (जीएसटी नंबर 09FNJPS4741H1ZG) के मालिक शहजाद (रमपुरा-1, पिलखुवा का रहने वाला) के खिलाफ पिलखुवा थाने में सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
राज्य कर अधिकारी खंड-चार अरविंद शर्मा ने बताया कि शहजाद ने अपनी फर्म का जीएसटी पंजीकरण 25 सितंबर 2017 को लिया था। बाद में 25 मई 2019 को गाजियाबाद रेंज-बी की टीम ने व्यापार स्थल की तलाशी ली तो केवल छोटे स्तर का कबाड़ का काम मिला। वहां न तो हिसाब-किताब के कागज मिले और न ही कोई असली माल था। फर्म मालिक की मां और भाई ने भी माना कि शहजाद कबाड़ की दुकान पर मजूरी करता है और किसी बड़े धंधे से उसका लेना-देना नहीं है।
विभाग की तहकीकात में पता चला कि आरोपी ने कई नकली फर्मों से खरीदारी दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का गैरकानूनी फायदा उठाया। फिर इन्हीं फर्मों को झूठी बिक्री बताकर करोड़ों का टैक्स चूना लगाया। फर्म के बैलेंस शीट, बैंक लेन-देन, दुकान का किराया और अन्य सबूत पेश नहीं किए गए। सारा खेल सिर्फ कागजी बिलों और ई-वे बिलों पर चल रहा था, जिससे सरकार को बड़ा नुकसान हुआ।
सीजीएसटी/एसजीएसटी कानून की धारा 16(2)(सी) और 74 के तहत जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 64.14 लाख, 2018-19 में 5.08 करोड़ और 2019-20 में 1.31 करोड़ की चोरी हुई। कुल नुकसान 7 करोड़ रुपये से ऊपर का है।
राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त जयप्रकाश ने कहा कि शहजाद ने बिना असली व्यापार के नकली बिल और ई-वे बिल जारी कर गलत तरीके से क्रेडिट दिया। मामले की गंभीरता देखते हुए आरोपी पर धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने और टैक्स चोरी के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब आगे की कदम उठा रही है।
Also Click : Lucknow : एस आई आर डी मे विभिन्न विषयो पर विशेषज्ञो द्वारा दिया जा रहा है प्रशिक्षण
What's Your Reaction?











