आरबीआई का बड़ा तोहफा: रेपो रेट में 25 bps की कटौती, अब 5.25% पर; GDP अनुमान 7.3% तक बढ़ा, बाजार में जोरदार उछाल। 

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में 25 आधार

Dec 5, 2025 - 13:29
 0  109
आरबीआई का बड़ा तोहफा: रेपो रेट में 25 bps की कटौती, अब 5.25% पर; GDP अनुमान 7.3% तक बढ़ा, बाजार में जोरदार उछाल। 
आरबीआई का बड़ा तोहफा: रेपो रेट में 25 bps की कटौती, अब 5.25% पर; GDP अनुमान 7.3% तक बढ़ा, बाजार में जोरदार उछाल। 

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की, जिससे यह 5.25 प्रतिशत पर आ गया। यह फैसला कम महंगाई और मजबूत आर्थिक वृद्धि के बीच लिया गया, जिसका असर तुरंत ही शेयर बाजार पर दिखाई दिया। सेंसेक्स 313 अंकों की तेजी के साथ 85,578 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 98 अंकों की बढ़त के साथ 26,132 पर पहुंचा।आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा करते हुए कहा कि एमपीसी ने एकमत से यह निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा, "अक्टूबर नीति के बाद अर्थव्यवस्था में तेजी से डिसइन्फ्लेशन (महंगाई में कमी) देखी गई है। वर्तमान वृद्धि-महंगाई गतिशीलता एक दुर्लभ 'गोल्डीलॉक्स पीरियड' (संतुलित आर्थिक स्थिति) दर्शाती है, जहां वृद्धि मजबूत बनी हुई है।" वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया गया, जबकि खुदरा महंगाई (सीपीआई) का पूर्वानुमान 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2.0 प्रतिशत किया गया।यह कटौती 2025 में चौथा दर विनियमन है, जिससे अब तक कुल 125 आधार अंकों की कमी हो चुकी है। इससे स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) दर 5.0 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) दर 5.50 प्रतिशत पर आ गई।

नीति रुख 'तटस्थ' (न्यूट्रल) बनाए रखा गया है, जो भविष्य में लचीलापन प्रदान करता है।बाजार पर सकारात्मक असर: नीति घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में उत्साह का माहौल दिखा। बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कटौती उधारकर्ताओं के लिए राहत लेकर आएगी, क्योंकि होम लोन और अन्य ईएमआई में कमी संभव है। प्रमुख बैंकों जैसे एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एसबीआई ने पहले ही अपनी होम लोन दरें 7.3-7.9 प्रतिशत के बीच कम की हैं, और अब और कमी की उम्मीद है।

अतिरिक्त उपाय: तरलता बढ़ाने के लिए आरबीआई ने दिसंबर में 1 लाख करोड़ रुपये के ओपन मार्केट ऑपरेशंस (ओएमओ) खरीद और 5 अरब डॉलर के फॉरेक्स स्वैप की घोषणा की। गवर्नर मल्होत्रा ने रुपये की अस्थिरता पर चिंता को खारिज करते हुए कहा, "हमने रुपये को उसके सही स्तर पर पहुंचने दिया है, और बाहरी क्षेत्र पर हम सहज हैं।"विश्लेषकों का मानना है कि यह कटौती आर्थिक सुधार को गति देगी, खासकर रियल एस्टेट और उपभोक्ता खर्च क्षेत्र में। हालांकि, वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच आरबीआई सतर्क बनी रहेगी। यह नीति 2025 के अंत में निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है, जो 2026 में और वृद्धि की उम्मीद जगाती है।

Also Read- शेयर बाजारों में लाल निशान का दौर- सेंसेक्स 85,500 पार कर गिरावट के मूड में, निफ्टी 26,100 पर दबाव में।

 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।