बाबरी विवाद की आग में जला TMC का बागी MLA, हुमायूं कबीर को पार्टी ने किया निलंबित, BJP साजिश का आरोप।
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने अपने बागी विधायक हुमायूं कबीर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कबीर के उस विवादास्पद
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने अपने बागी विधायक हुमायूं कबीर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कबीर के उस विवादास्पद बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने मुरशिदाबाद जिले के बेल्डंगा में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति का निर्माण शुरू करने की घोषणा की थी। यह तारीख 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की 33वीं वर्षगांठ से मेल खाती है, जिससे राज्य में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई। पार्टी ने कबीर पर भाजपा की मदद से मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है। कोलकाता के मेयर और वरिष्ठ TMC नेता फिरहाद हकीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कबीर को पहले तीन बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने पार्टी लाइन का उल्लंघन जारी रखा। हकीम ने सवाल उठाया कि 6 दिसंबर जैसी संवेदनशील तारीख क्यों चुनी गई, जबकि वे स्कूल या कॉलेज का निर्माण भी कर सकते थे।
हुमायूं कबीर, जो मुरशिदाबाद जिले के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से TMC के विधायक हैं, ने नवंबर 2025 के अंत में यह घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद की छोटी प्रतिकृति का शिलान्यास 6 दिसंबर को बेल्डंगा में होगा, और इसमें विभिन्न मुस्लिम नेता भाग लेंगे। कबीर ने दावा किया कि निर्माण में तीन वर्ष लगेंगे, और यह परियोजना वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया के तहत हो रही है। मुरशिदाबाद जिले में मुस्लिम आबादी बहुल होने के कारण यह घोषणा तुरंत राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई। जिले के विभिन्न इलाकों में बाबरी मस्जिद के नाम से पोस्टर और पर्चे बंटने लगे, जिनमें शिलान्यास की जानकारी दी गई। कुछ पोस्टरों को फाड़ दिया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया। कबीर ने कहा कि यह मुसलमानों के लिए भावनात्मक मुद्दा है, क्योंकि बाबरी मस्जिद 400 वर्ष पुरानी संरचना थी जो 1992 में ध्वस्त हो गई।
TMC ने कबीर के बयान से तुरंत खुद को अलग कर लिया। पार्टी के चीफ व्हिप निर्मल घोष ने कहा कि कबीर से संपर्क टूट चुका है, और उनके बयान या कार्य पार्टी से जुड़े नहीं हैं। घोष ने स्पष्ट किया कि कबीर व्यक्तिगत क्षमता में कार्य कर रहे हैं। राज्य मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने भी कहा कि मुस्लिम मुद्दों का समाधान बाबरी मस्जिद के नाम पर मस्जिद बनाने से नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस्लामी विद्वान नाम तय करेंगे, और यह ध्यानाकर्षण का प्रयास लगता है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कबीर की प्रासंगिकता को कम आंकते हुए कहा कि बंगाल के लोग ममता बनर्जी पर भरोसा करते हैं। पार्टी ने आंतरिक रूप से कबीर को कई बार चेतावनी दी थी, जिसमें शो कॉज नोटिस भी शामिल थे। फिरहाद हकीम ने कहा कि कबीर का आचरण पार्टी की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव की नीति के विरुद्ध है। निलंबन का फैसला पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया, और अब कबीर का पार्टी से कोई संबंध नहीं बचेगा।
कबीर का यह बयान कोई पहला विवाद नहीं है। वे पहले भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर हमलावर रहे हैं। मार्च 2025 में उन्होंने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अधिकारी मुरशिदाबाद में प्रवेश न करें, अन्यथा उचित व्यवहार किया जाएगा। इस पर TMC की अनुशासन समिति ने उन्हें तलब किया और पार्टी अनुशासन का पालन करने को कहा। जून 2025 में विवादास्पद टिप्पणियों के लिए उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई, जिसमें कार्रवाई की धमकी थी। नवंबर 2024 में पार्टी ने उन्हें शो कॉज नोटिस जारी किया, जब उन्होंने वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हकीम और कल्याण बनर्जी पर हमला बोला। कबीर ने अभिषेक बनर्जी को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग भी की थी। अप्रैल 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा था कि मुरशिदाबाद में मुस्लिम आबादी 70 प्रतिशत होने के कारण हिंदुओं को भागीरथी नदी में फेंक देंगे। इन सभी घटनाओं से कबीर की छवि बागी नेता की बनी।
निलंबन के बाद कबीर ने कहा कि वे TMC से इस्तीफा देंगे और 22 दिसंबर को नई पार्टी की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि नई पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। कबीर ने मुरशिदाबाद प्रशासन पर आरएसएस एजेंट होने का आरोप लगाया और कहा कि यदि कार्यक्रम रोका गया तो एनएच-34 पर मुस्लिम नियंत्रण हो जाएगा। उन्होंने 2,000 स्वयंसेवकों को तैनात करने का दावा किया ताकि कोई असुविधा न हो। कबीर ने कहा कि यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण होगा, लेकिन सरप्राइज का वादा किया। बंगाल गवर्नर सीवी आनंद बोस ने राज्य सरकार से सवाल किया कि यदि कबीर के बयान कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा। गवर्नर ने अधिकारियों को सलाह दी कि यदि जोखिम हो तो निवारक कार्रवाई करें।
भाजपा ने कबीर के बयान को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का प्रयास बताया। राज्य भाजपा प्रमुख समिक भट्टाचार्य ने कहा कि TMC बंगाल को अराजकता की ओर धकेल रही है। केंद्रीय मंत्री सुकांता मजुमदार ने इसे हिंदुओं के लिए खुला खतरा कहा। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने TMC को तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया और कहा कि कबीर का दर्शन हिंदू भावनाओं का अपमान कर वोट बैंक बनाना है। उन्होंने कबीर के पिछले बयानों का जिक्र किया, जैसे भागीरथी में हिंदुओं को फेंकना। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि TMC बाबरी मस्जिद का नहीं बल्कि बांग्लादेश का आधार रख रही है। उन्होंने कहा कि बाबर के वंशजों का भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं। भाजपा ने कहा कि 2026 चुनावों से पहले TMC वोट बैंक के लिए हिंदू-विरोधी कार्ड खेल रही है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। नेता उदित राज ने कहा कि मस्जिद का शिलान्यास क्यों नहीं हो सकता यदि मंदिर का हो सकता है। लेकिन अधीर रंजन चौधरी ने TMC पर मंदिर-मस्जिद की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी लाभ के लिए धार्मिक बयानबाजी हो रही है। CPI(M) नेता सैकत गिरि ने कबीर की राजनीति को घुमावदार बताया। जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि बाबरी मस्जिद का नाम लेकर सैकड़ों मस्जिदें बनेंगी, लेकिन अयोध्या वाली की अहमियत मिटेगी नहीं। अयोध्या के राम जन्मभूमि ट्रस्ट सदस्य राम विलास वेदांती ने कहा कि भारत में बाबर के नाम पर कोई मस्जिद नहीं बनेगी। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि कोई बाबरी मस्जिद बनाने की हिम्मत नहीं करेगा।
मुरशिदाबाद जिला, जहां अप्रैल 2025 में वक्फ संशोधन कानून पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान झड़पें हुईं, पहले से ही संवेदनशील है। कबीर का कार्यक्रम पुलिस अनुमति के बिना हो रहा है, जिससे कानूनी सवाल उठे हैं। TMC ने 6 दिसंबर को कोलकाता में संघटी दिवस के रूप में रैली आयोजित की है, जिसमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी भाग लेंगे। यह रैली बाबरी विध्वंस के खिलाफ है, और छात्र-युवा विंग द्वारा आयोजित है। कबीर को रैली में आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने अलग कार्यक्रम का ऐलान कर दिया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह घटना 2026 विधानसभा चुनावों से पहले ध्रुवीकरण का प्रयास है। मुरशिदाबाद में अल्पसंख्यक बहुल इलाका होने से वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। TMC का कहना है कि कबीर का बयान पार्टी की शांति नीति के विरुद्ध है।
Also Read- Lucknow: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रूपांतरण की रफ्तार तेज: अगले चरण की व्यापक समीक्षा सम्पन्न।
What's Your Reaction?











