रायपुर ODI में भारत की हार- कोहली-गायकवाड़ के शतकों के बावजूद 359 रनों का लक्ष्य बच न सका, राहुल ने ओस और टॉस को ठहराया जिम्मेदार।
रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे ODI मैच में भारतीय टीम
रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे ODI मैच में भारतीय टीम को चार विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने 359 रनों के मजबूत लक्ष्य का पीछा करते हुए 49.2 ओवरों में छह विकेट खोकर 362 रन बना लिए, जिससे तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में पांच विकेट पर 358 रन बनाए थे, जिसमें विराट कोहली और रुतुराज गायकवाड़ ने शानदार शतक लगाए। कप्तान केएल राहुल ने नाबाद 66 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन ओस प्रभावित पिच पर गेंदबाजों को संघर्ष करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका की ओर से एडेन मार्कराम ने 98 गेंदों पर 110 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि मैथ्यू ब्रेट्जके ने 68 और डेवाल्ड ब्रेविस ने 54 रनों का योगदान दिया। यह दक्षिण अफ्रीका का भारत में तीसरा सबसे बड़ा सफल पीछा था, और मैच ने क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच के पल दिए।
मैच की शुरुआत भारत के लिए टॉस से ही विपरीत रही। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो ओस कारक को ध्यान में रखते हुए समझदारी भरा कदम साबित हुआ। भारत को लगातार दूसरे मैच में टॉस हारना पड़ा, जो कप्तान केएल राहुल के लिए निराशाजनक रहा। यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा ने सावधानी भरी शुरुआत की, लेकिन साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने शुरुआती झूलिंग का फायदा उठाया। लुंगी एंगिडी ने अपनी वापसी के बाद चौथे ओवर में चार वाइड फेंके, लेकिन फिर भी भारत ने पहले विकेट के लिए 22 रन जोड़े। रोहित शर्मा ने 50 गेंदों पर 50 रन बनाए, लेकिन मार्को जानसेन ने उन्हें 64 रनों पर आउट कर दिया। इसके बाद विराट कोहली ने क्रीज संभाली, और रुतुराज गायकवाड़ के साथ 195 रनों की शानदार साझेदारी की। यह साझेदारी भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरे विकेट के लिए सबसे ऊंची साझेदारी बनी, जो पहले सचिन तेंदुलकर और दिनेश कार्तिक की 194 रनों की साझेदारी को तोड़ने वाली थी।
विराट कोहली ने 93 गेंदों पर 102 रन बनाए, जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल थे। यह उनका 53वां ODI शतक था, जो रायपुर की पिच पर उनका 11वां लगातार शतक था। कोहली ने अपनी पारी में शुरुआती 20-25 ओवरों में आक्रामकता दिखाई, जब पिच अच्छी थी, और बाद में धीमी हो रही पिच पर भी संयम बरता। रुतुराज गायकवाड़ ने 83 गेंदों पर 105 रन ठोके, जो उनका पहला ODI शतक था। गायकवाड़ ने आठ चौके और चार छक्के लगाए, और कोहली के साथ उनकी साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। वॉशिंगटन सुंदर ने 26 गेंदों पर 26 रन जोड़े, लेकिन रन आउट हो गए। केएल राहुल ने अंतिम ओवरों में तेजी दिखाई, 43 गेंदों पर नाबाद 66 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और तीन छक्के शामिल थे। रविंद्र जडेजा ने 15 गेंदों पर 14 रन जोड़े। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों में नांद्रे बर्गर ने दो विकेट लिए, जबकि एंगिडी और जानसेन ने एक-एक विकेट हासिल किया। भारत का कुल स्कोर 358/5 रहा, जो रायपुर में दूसरा सबसे बड़ा ODI स्कोर था।
दक्षिण अफ्रीका के पीछा में एडेन मार्कराम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। क्विंटन डी कॉक के 12 रनों पर आउट होने के बाद मार्कराम ने टोनी डी जोरजी के साथ पहले विकेट के लिए 80 रनों की साझेदारी की। मार्कराम ने 98 गेंदों पर 110 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और तीन छक्के लगाए। यह उनका पहला ODI चेज में शतक था, और रांची में अपनी पिछली असफलता का बदला लिया। टोनी डी जोरजी ने 42 रन जोड़े। तीसरे विकेट के लिए मार्कराम और मैथ्यू ब्रेट्जके ने 112 रनों की साझेदारी की, जिसमें ब्रेट्जके ने 68 रन बनाए। डेवाल्ड ब्रेविस ने 54 रनों की उपयोगी पारी खेली। केशव महाराज ने अंतिम ओवरों में शांतचित्त रहकर मैच फिनिश किया। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने दो विकेट लिए, जबकि हर्षित राणा, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक विकेट हासिल किया। ओस ने गेंदबाजों को परेशान किया, और गीली गेंद से ग्रिपिंग मुश्किल हो गई। अंपायरों ने गेंद कई बार बदली, लेकिन इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा।
कप्तान केएल राहुल मैच के बाद अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि ओस के कारण दूसरी पारी में गेंदबाजी करना बेहद मुश्किल था, और टॉस ने बड़ा रोल निभाया। राहुल ने हंसते हुए कहा कि लगातार दो टॉस हारने के कारण खुद को कोस रहे हैं। उन्होंने माना कि पिछले मैच में गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार ओस ने सब बिगाड़ दिया। राहुल ने कहा कि यह हार निगलना मुश्किल नहीं है, क्योंकि परिस्थितियां विपरीत थीं। उन्होंने अंपायरों की सराहना की कि उन्होंने गेंद समय-समय पर बदली। राहुल ने टीम से कहा कि उन्हें हमेशा सोचना चाहिए कि क्या बेहतर किया जा सकता था। उन्होंने फील्डिंग में सॉफ्ट रन देने और गेंदबाजी में सुधार की जरूरत बताई। राहुल ने कहा कि यदि तीनों विभागों में थोड़ा सा सुधार हो, तो 20-25 रन का फर्क पड़ सकता है। उन्होंने जोर दिया कि गेंदबाज दिल से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन की-मोमेंट्स में शार्पनेस की कमी रही।
यह मैच भारत के लिए सबक लेकर आया। पहली पारी में बल्लेबाजी अच्छी रही, लेकिन दूसरी पारी में ओस ने रणनीति बिगाड़ दी। दक्षिण अफ्रीका ने रांची में हुई हार का बदला लिया, जहां भारत ने आखिरी ओवरों में जीत हासिल की थी। वहां रोहित शर्मा और विराट कोहली की पारियों ने भारत को मजबूत बनाया था। रायपुर में भी कोहली का शतक व्यर्थ गया, जो उनके करियर में 11वां लगातार शतक था। गायकवाड़ का पहला शतक भी टीम को जीत न दिला सका। दक्षिण अफ्रीका की चेज 359 रनों की तीसरी सबसे बड़ी सफल चेज बनी, जो भारत में हुई पांच 350+ चेज में से एक थी। मार्कराम की पारी ने साबित किया कि वे चेज में मजबूत हैं। केशव महाराज ने तनावपूर्ण अंतिम ओवरों में शांति बनाए रखी। भारत को अब तीसरे ODI में विजय की जरूरत है, जो विशाखापत्तनम में खेला जाएगा।
टीमों की प्लेइंग इलेवन में बदलाव हुए। भारत ने यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, वॉशिंगटन सुंदर, केएल राहुल, रविंद्र जडेजा, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा को उतारा। दक्षिण अफ्रीका ने क्विंटन डी कॉक, एडेन मार्कराम, टेंबा बावुमा, मैथ्यू ब्रेट्जके, टोनी डी जोरजी, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को जानसेन, कॉर्बिन बोश, केशव महाराज, नांद्रे बर्गर और लुंगी एंगिडी को चुना। पिच ने शुरुआत में झूलिंग दी, लेकिन बाद में बल्लेबाजी के लिए अनुकूल रही। मौसम साफ था, तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। मैच में कोई चोट नहीं हुई, लेकिन ओस ने दूसरी पारी को प्रभावित किया।
What's Your Reaction?











