Sitapur : मानक विहीन अस्पतालों और झोला छाप डॉक्टरों पर प्रशासन मौन, स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
इन फर्जी डॉक्टरों के इलाज से अब तक कई निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, और यह दुखद घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो सीतापुर
सीतापुर : जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली अब जानलेवा साबित हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा पंजीकृत और गैर पंजीकृत अस्पतालों का निरीक्षण नोडल अधिकारियों के माध्यम से किए जाने के बावजूद कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ पा रहा है। अस्पतालों में मिली खामियों के बाद उन्हें अस्थायी रूप से बंद तो कराया जाता है, परंतु केवल दो घंटे बाद ही वे अस्पताल फिर से संचालित होने लगते हैं।यह स्थिति यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही केवल दिखावे की बनकर रह गई है।आजाद अधिकार सेना संगठन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिले में झोला छाप चिकित्सकों का साम्राज्य लगातार फैलता जा रहा है।
इन फर्जी डॉक्टरों के इलाज से अब तक कई निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, और यह दुखद घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारी इन मौतों पर आंखें मूंदे हुए हैं, जैसे उन्हें आम जनता की जान की कोई कीमत ही न हो। यह लापरवाही सीधे-सीधे प्राशासनिक भ्रष्टाचार और मिलीभगत की ओर इशारा करती है।आज़ाद अधिकार सेना ने मांग की है कि जिले में सभी पंजीकृत एवं अपंजीकृत अस्पतालों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो।झोला छाप चिकित्सकों पर सख्त कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए।दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शी निगरानी हेतु स्वतंत्र समिति का गठन किया जाए।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्यवाही नहीं की गई तो आमजन के हित में जनांदोलन किया जाएगा।
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