Sitapur News: खैराबाद में महिलाओं ने लिया ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण, सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी ने बांटे सर्टिफिकेट
सीतापुर के खैराबाद में इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा महिला प्रशिक्षार्थियों को ई-रिक्शा संचालन की ट्रेनिंग दी गई। सीडीओ ने बांटे सर्टिफिकेट।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में नारी सशक्तीकरण और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। खैराबाद स्थित इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) में आयोजित जनरल उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं के लिए संचालित ई-रिक्शा संचालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। इस समापन समारोह में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. दीक्षा जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। सीडीओ ने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिला प्रशिक्षार्थियों को आधिकारिक प्रमाणपत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल और स्वावलंबी भविष्य की कामना की। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें समाज की मुख्य आर्थिक धारा से जोड़ना है। प्रमाणपत्र पाकर महिलाओं के चेहरों पर स्वरोजगार शुरू करने का आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। वर्तमान समय में पर्यावरण अनुकूल परिवहन और महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने जनरल उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत ई-रिक्शा संचालन का विशेष प्रशिक्षण कोर्स आयोजित किया था। इस कोर्स को पूरा करने के बाद अब स्थानीय महिलाएं स्वयं का ई-रिक्शा चलाकर सम्मानजनक आजीविका कमाने के लिए पूरी तरह सक्षम हो चुकी हैं।
खैराबाद स्थित संस्थान परिसर में आयोजित इस समापन समारोह के दौरान प्रशिक्षण की व्यावहारिक और सैद्धांतिक कड़ियों की समीक्षा की गई। संस्थान के प्रशिक्षकों ने बताया कि इस बैच के अंतर्गत महिला प्रशिक्षार्थियों को न केवल ई-रिक्शा चलाने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, बल्कि उन्हें वाहन के रख-रखाव, बैटरी चार्जिंग तकनीक, बुनियादी यांत्रिक समझ और सड़क सुरक्षा नियमों की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह के अंतिम सत्र की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में कौशल विकास (Skill Development) और स्वरोजगार को समसामयिक समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। विशेष रूप से महिला प्रशिक्षार्थियों से संवाद करते हुए सीडीओ ने कहा कि परंपराओं की सीमाओं को लांघकर ई-रिक्शा संचालन जैसे क्षेत्रों में आगे आना बेहद प्रशंसनीय कदम है। यह न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएगा, बल्कि उनके परिवारों के जीवन स्तर और आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेगा।
समारोह के दौरान संस्थान के अधिकारियों ने महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया और राज्य सरकार की अन्य सब्सिडी आधारित ऋण योजनाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया ताकि उन्हें वाहन खरीदने में वित्तीय कठिनाई न हो।
प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद महिला प्रशिक्षार्थियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण ने उनके भीतर का डर पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब वे अपने पैरों पर खड़ी होकर अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा और परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकेंगी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक अंकुर वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आरसेटी सीतापुर लगातार युवाओं और महिलाओं को विभिन्न विधाओं में निशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें उद्यमी बनाने के संकल्प पर काम कर रहा है। समारोह में संस्थान के समस्त शिक्षक, तकनीकी कर्मचारी और सभी सफल प्रशिक्षार्थी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इस अभिनव प्रशिक्षण कार्यक्रम का स्थानीय समाज पर सकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। खैराबाद और आसपास के इलाकों में महिला ई-रिक्शा चालकों के आने से सार्वजनिक परिवहन में महिला यात्रियों की सुरक्षा की भावना सुदृढ़ होगी। इसके अतिरिक्त, हरित और प्रदूषण मुक्त परिवहन (Green Transport) को बढ़ावा मिलेगा। आर्थिक रूप से देखा जाए तो गृहणियों के स्वरोजगारी बनने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रय शक्ति का विकास होगा, जो 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने में मदद करेगा।
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