पुलिस प्रताड़ना से युवक की मौत पर बवाल: सांसद राकेश राठौर के धरने के बाद झुका प्रशासन, केस दर्ज और नौकरी के वादे पर हुआ अंतिम संस्कार

सीतापुर के खैराबाद में पुलिस प्रताड़ना से युवक की मौत के बाद सांसद राकेश राठौर धरने पर बैठे। प्रशासन द्वारा मांगें मानने के बाद ही पीड़ित परिवार ने शव का अंतिम संस्कार किया।

Jul 16, 2026 - 21:40
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पुलिस प्रताड़ना से युवक की मौत पर बवाल: सांसद राकेश राठौर के धरने के बाद झुका प्रशासन, केस दर्ज और नौकरी के वादे पर हुआ अंतिम संस्कार

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

खैराबाद में युवक की मौत के बाद भड़का जनआक्रोश, प्रशासन और सांसद के बीच बनी सहमति, दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग मंजूर

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के खैराबाद थाना क्षेत्र में पुलिसिया कार्रवाई के दौरान एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद सियासी और सामाजिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। राजापुर चिलवारा गांव के रहने वाले शैलेंद्र पाल की कथित तौर पर पुलिस प्रताड़ना के कारण जान चली गई। इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय सांसद राकेश राठौर रात के समय ही सीधे पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए और उनके आंगन में धरने पर बैठ गए। सांसद के अचानक आंदोलन शुरू करने की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति को संभालने के लिए आनन-फानन में क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी और दो उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आधी रात को ही भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन पीड़ित परिवार और सांसद अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह अड़े रहे।

अगली सुबह होते ही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आम लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगाने की कोशिश की गई, जिस पर सांसद ने पुलिस के रवैये को लेकर कड़ी चेतावनी दी। देखते ही देखते आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए, जिससे परिवार की शोकसभा एक बड़े संघर्ष और जनआंदोलन में बदल गई। इस जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद राकेश राठौर ने सीधे तौर पर व्यवस्था पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में निर्दोष नागरिकों की जान सुरक्षित नहीं है। उन्होंने एलान किया कि इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ेगी।

चर्चा के दौरान उपस्थित वक्ताओं और डॉक्टर बृजबिहारी ने इस दुखद घटना को एक संस्थागत हत्या का रूप बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में आम जनता के साथ दुर्व्यवहार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस के विधानसभा प्रभारी रत्नम राठौर और जिला उपाध्यक्ष (संगठन) शिवप्रकाश सिंह ने भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि संकट की इस घड़ी में पार्टी हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए आखिरकार प्रशासनिक अधिकारियों और सांसद राकेश राठौर के बीच एक लंबी वार्ता का दौर चला। इस बातचीत में प्रशासन ने आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों को स्वीकार कर लिया। सहमति पत्र के अनुसार दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से आपराधिक मुकदमा दर्ज करने, पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को पुलिस विभाग में संविदा के आधार पर नौकरी देने, रहने के लिए आवासीय भूमि का पट्टा आवंटित करने और परिवार को उचित आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का फैसला हुआ। इन सरकारी आश्वासनों और लिखित सहमति के बाद ही परिजनों ने शैलेंद्र पाल के शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सुनीला रावत, अनुप्रिया वर्मा, एहिताशाम बेग, सुनीता चौधरी, सरोजनी गौतम, हसीना खातून, शिखा वर्मा, विष्णु गौतम, डॉक्टर आरपी वर्मा और राजेश पाल सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।

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