सम्भल में एएसपी अनुकृति शर्मा की पहल बनी मिसाल, बेहसहाराओं संग मनाई दीपावली — सोशल मीडिया पर जमकर हो रही सराहना।
दीपावली जैसे हर्षोल्लास के पर्व पर जहां लोग अपने परिवार और अपनों के बीच खुशियां मना रहे थे, वहीं सम्भल की एडिशनल एसपी अनुकृति शर्मा ने इस बार त्योहार को कुछ अलग
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल। दीपावली जैसे हर्षोल्लास के पर्व पर जहां लोग अपने परिवार और अपनों के बीच खुशियां मना रहे थे, वहीं सम्भल की एडिशनल एसपी अनुकृति शर्मा ने इस बार त्योहार को कुछ अलग अंदाज में मनाकर एक भावपूर्ण मिसाल पेश की। उन्होंने अपने पुलिस बल के साथ उन लोगों तक पहुंच बनाई जो समाज के हाशिए पर रह रहे हैं, जिनके पास न छत है, न सहारा — और उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा कर सबका दिल जीत लिया।
दरअसल, सम्भल पुलिस दीपावली की रात बेहसहाराओं की तलाश में निकल पड़ी। कांस्टेबल वीरेंद्र को सबसे पहले बबराला कस्बे में रहने वाली माया देवी मिलीं, जो अपनी बेटी के साथ बेहद खराब आर्थिक स्थिति में झोपड़ीनुमा घर में रहती थीं। पहले उनका भी एक मकान था, लेकिन कर्ज के चलते सब कुछ बिक गया। कॉलोनी के लोगों के छोटे-मोटे काम से जो कुछ मेहनताना मिलता था, उसी से किसी तरह गुजर-बसर हो रही थी। इसी क्रम में पुलिस को राजवती नाम की विधवा महिला मिलीं, जिनकी बहू भी विधवा है और दोनों की आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं है। वहीं तीसरी महिला किरण देवी मिलीं, जिनकी बेटी को उसके पति ने घर से निकाल दिया था। बेटी भी दो बच्चों के साथ मां के पास रहती है, जबकि बेटा मजदूरी कर किसी तरह दो वक्त की रोटी जुटाता है। इन सबकी जानकारी जब एएसपी अनुकृति शर्मा को मिली, तो उन्होंने तुरंत खुद मौके पर पहुंचकर महिलाओं के साथ दीपावली मनाई।
पुलिस टीम के साथ उन्होंने मिठाई, कपड़े, और जरूरत का सामान भेंट किया ताकि वे भी इस पर्व को खुशियों के साथ मना सकें। इतना ही नहीं, अनुकृति शर्मा और पुलिसकर्मियों ने इन वृद्ध महिलाओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया — यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। बाद में एएसपी अनुकृति शर्मा ने कांशीराम आवास पहुंचकर वहां रहने वाले गरीब परिवारों और बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। बच्चों को मिठाई और पटाखे बांटे गए, साथ ही उन्होंने बच्चों को दीपावली का धार्मिक महत्व भी बताया — कि भगवान राम जब वनवास पूरा कर रावण वध के बाद अयोध्या लौटे, तब से इस पर्व को प्रकाश के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। अनुकृति शर्मा की यह मानवीय पहल सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है। लोग उनकी नेकदिली और संवेदनशीलता की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। सम्भल पुलिस की यह दीपावली उन लोगों के लिए सच में ‘रोशनी की दीपावली’ बन गई, जिनकी जिंदगी अब तक अंधेरों में थी।
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