सीकर रोड पर ट्रैफिक रोके जाने के दौरान तेज रफ्तार निजी स्लीपर बस ने एक के बाद एक 8 कारों को रौंदा, मची भारी चीख-पुकार

चश्मदीदों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस की पहली टक्कर लगते ही आगे खड़ी कारें खिलौनों की तरह एक-दूसरे से टकराती चली गईं और कई मीटर तक आगे घिसटती चली गईं। टक्कर का प्रभाव इतना जोरदार था कि कतार में खड़ी एक कार उछलकर सीधे सड़क के बीच बने डि

By INA News Desk
May 24, 2026 - 12:22
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सीकर रोड पर ट्रैफिक रोके जाने के दौरान तेज रफ्तार निजी स्लीपर बस ने एक के बाद एक 8 कारों को रौंदा, मची भारी चीख-पुकार
सीकर रोड पर ट्रैफिक रोके जाने के दौरान तेज रफ्तार निजी स्लीपर बस ने एक के बाद एक 8 कारों को रौंदा, मची भारी चीख-पुकार
  • राजस्थान की राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा के दौरान हुआ भीषण सड़क हादसा, बेकाबू बस ने खड़े वाहनों में मचाया भयंकर कोहराम
  • हादसे के समय बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पुलिस और स्थानीय लोगों ने क्षतिग्रस्त गाड़ियों के गेट तोड़कर घायलों का किया रेस्क्यू

राजस्थान की राजधानी जयपुर के हरमाड़ा थाना इलाके में शनिवार शाम को एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहां सीकर रोड पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले को सुरक्षित रूप से निकालने के लिए तैनात यातायात पुलिसकर्मियों द्वारा ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोका गया था। इसी दौरान एक बेहद तेज रफ्तार में आ रही अनियंत्रित निजी स्लीपर बस ने आगे खड़े वाहनों की लंबी कतार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस जबरदस्त भिड़ंत के कारण वहां खड़े वाहनों में भयंकर कोहराम मच गया। बेकाबू बस की गति इतनी अधिक थी कि उसने एक के बाद एक कुल 8 कारों को बेरहमी से रौंद डाला। इस अचानक हुए हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और चारों तरफ चीख-पुकार गूंजने लगी।

यह पूरी घटना शनिवार शाम करीब 6:15 बजे सीकर रोड पर स्थित सनसिटी के पास घटित हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हरमाड़ा के पास नींदर गांव में एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित राजनीतिक प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। उनके वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पुलिस ने सड़क पर सामान्य यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया था ताकि मुख्यमंत्री का काफिला बिना किसी बाधा के सुरक्षित निकल सके। सड़क पर वाहनों की कतार लगी हुई थी और लोग अपनी गाड़ियों को रोककर काफिले के गुजरने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच जयपुर से सीकर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार प्राइवेट स्लीपर बस पीछे से आई और उसने खड़े वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि मुख्यमंत्री का काफिला इस भीषण टक्कर से महज कुछ मिनट पहले ही उस निश्चित स्थान से सुरक्षित आगे निकल चुका था।

चश्मदीदों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस की पहली टक्कर लगते ही आगे खड़ी कारें खिलौनों की तरह एक-दूसरे से टकराती चली गईं और कई मीटर तक आगे घिसटती चली गईं। टक्कर का प्रभाव इतना जोरदार था कि कतार में खड़ी एक कार उछलकर सीधे सड़क के बीच बने डिवाइडर पर चढ़ गई। कई कारों के आगे और पीछे के हिस्से पूरी तरह से पिचक गए और वे लोहे के मलबे में तब्दील हो गए। कारों के भीतर बैठे लोग इस अप्रत्याशित हमले से पूरी तरह से स्तब्ध रह गए और वाहनों के दरवाजे जाम हो जाने के कारण वे अंदर ही फंस गए। सड़क पर हर तरफ टूटे हुए शीशे, गाड़ियों के बंपर और मलबे बिखर गए, जिससे वहां से गुजरने वाले अन्य राहगीर भी सहम गए। वीआईपी मूवमेंट के दौरान अचानक रोके जाने वाले ट्रैफिक के समय पीछे से आने वाले भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण रखना बेहद आवश्यक होता है। इस तरह के हादसों से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन और निजी बसों के फिटनेस और ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच अनिवार्य की जानी चाहिए।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर तैनात हरमाड़ा थाना पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाई और स्थानीय निवासियों की मदद से तुरंत एक बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए क्षतिग्रस्त वाहनों के पास पहुंचकर उनमें फंसे घायल लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। एक टैक्सी कार की स्थिति इतनी खराब थी कि उसका पिछला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो चुका था और उसमें एक महिला तथा एक युवक बुरी तरह फंसे हुए थे। पुलिस के जवानों ने कड़ी मशक्कत करते हुए कार के पिछले दरवाजे को लात मारकर और लोहे की रॉड की मदद से तोड़ा। कार के भीतर सीटों के बीच गंभीर रूप से दबे हुए युवक को बाहर निकाला गया, जिसके सिर पर काफी गहरी चोट आई थी और वह पूरी तरह लहूलुहान हो चुका था।

इस दर्दनाक सड़क हादसे में कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस और पीसीआर वाहनों की मदद से नजदीकी निजी और सरकारी अस्पतालों में पहुंचाया। घायलों में सांगानेर के रामपुरा इलाके का एक परिवार भी शामिल है, जो अपनी कार से खाटू श्यामजी के दर्शन के लिए जा रहा था। इस परिवार के चार सदस्यों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में से एक युवक की हालत अत्यंत चिंताजनक होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया गया है, जहां न्यूरोलॉजिस्ट और सर्जनों की देखरेख में उसकी गहन चिकित्सा की जा रही है।

पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच और तकनीकी निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि दुर्घटना का मुख्य कारण निजी स्लीपर बस के ब्रेक फेल होना था। यह बस अहमदाबाद से यात्रियों और श्रद्धालुओं को लेकर खाटूश्यामजी दर्शन के लिए रवाना हुई थी और वहां से इसे आगे हरिद्वार जाना था। ढलान और तेज गति होने के कारण जब ड्राइवर ने ट्रैफिक रुकने पर ब्रेक लगाने का प्रयास किया, तो बस का ब्रेक सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका था और वह वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद बस का चालक और उसका स्टाफ भीड़ के गुस्से और पुलिसिया कार्रवाई के डर से मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया है और फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश में कई टीमें रवाना कर दी हैं।

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