Lucknow: जनपद मुजफ्फरनगर के पर्यटन विकास हेतु 07 परियोजनाओं के लिए 788 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत। 

शुकतीर्थ में स्थित प्राचीन शुुकदेव मंदिर एवं वट वृक्ष आदि का कायाकल्प एवं अवस्थापना सुविधायें सृजित की जायेंगी -जयवीर सिंह

May 6, 2026 - 21:13
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Lucknow: जनपद मुजफ्फरनगर के पर्यटन विकास हेतु 07 परियोजनाओं के लिए 788 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत। 
जनपद मुजफ्फरनगर के पर्यटन विकास हेतु 07 परियोजनाओं के लिए 788 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत। 

लखनऊ: पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में सहारनपुर मण्डल के अधीन आने वाले जनपद मुजफ्फरनगर की विधान सभाओं पर्यटन विकास के लिए 788 लाख रूपये की 07 परियोजनायें स्वीकृत की गयी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्राचीन धरोहरों का कायाकल्प तथा अवस्थापना सुविधायें सृजित करना है। इन परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी यूपीएवीपी को सौपी गयी है। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया है कि सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ धरातल पर उतारे।

यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि मेरठ के मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 51 लाख रूपये, खतौली विधान सभा क्षेत्र में स्थित ग्राम नवला में देवस्थान के पर्यटन विकास के लिए 58 लाख रूपये, मीरापुर के जानसठ में स्थित शिव मंदिर के पास भगवान महर्षि कश्यप जी की स्मारक की स्थापना केे लिए 58 लाख रूपये, मीरापुर में स्थित शुकतीर्थ परिसर के कार्यालय निर्माण हेतु 390 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। 

पर्यटन मंत्री ने बताया कि मीरापुर में शुकतीर्थ मेें प्राचीन शुकदेव मंदिर एवं वटवृक्ष का पर्यटन विकास के लिए 35 लाख रूपये मीरापुर में शुककतीर्थ में रवीदास मंदिर में पर्यटन विकास के लिए 50 लाख रूपये तथा बुढ़ाना विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत मुजफ्फरनगर के कस्बे में स्थित प्राचीन सिध पीठ श्री बाबा काली सिंह मंदिर में बहुउद्देशीय सुविधाओं के विकास के लिए 106 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। 

जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से मेरठ मण्डल के अधीन आने वाले जनपद मुजफ्फरनगर के विभिन्न विधान सभाओं में स्थित प्राचीन धरोहरोंका कायाकल्प एवं संरक्षण किया जा रहा है। जनपद के विभिन्न प्राचीन स्थलों को संरक्षित करने एवं बुनियादी सुविधायें विकसित करने के लिए पर्यटन विकास की परियोजनाओं को संचालित किया जा रहा है। प्राचीन धरोहरों को संरक्षित कर भावी पीढ़ी को सौपना राज्य सरकार का संकल्प है। इसको दृष्टिगत रखते हुए प्राचीन स्थलों का संरक्षण एवं अवस्थापना सुविधाओं के सृजन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।  

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