Lucknow : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- स्वयं सहायता समूह बनेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इनक्यूबेशन सेंटर जहां ब्रांडिंग और पैकेजिंग का काम होगा उन्हें स्वयं सहायता समूहों को सौंपा जाए। अमृत सरोवरों को हरा-भरा रखा जाए और उनमें

Jan 28, 2026 - 22:00
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Lucknow : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- स्वयं सहायता समूह बनेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
Lucknow : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- स्वयं सहायता समूह बनेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

लखनऊ में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने योजना भवन में सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर शोक जताया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। बैठक में सभी ने दो मिनट मौन रखकर शोक प्रकट किया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है और एक करोड़ दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रेरणा कैंटीन का आकार बढ़ाया जाए और उत्पादों को बेचने के लिए अन्य प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराए जाएं। ब्लॉक परिसरों में खाली जगह में दीदियों को स्टॉल दिए जाएं ताकि वे व्यापार कर आमदनी बढ़ा सकें।उन्होंने कहा कि एक जनपद एक उत्पाद की तरह अब एक जनपद एक व्यंजन योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत हर जिले में समूह की दीदियां एक दुकान या कैंटीन खोलेंगी जिसमें सभी 75 जिलों के उत्पाद और व्यंजन उपलब्ध होंगे।

विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश यूरोपीय संघ के साथ भारत के खुले व्यापार समझौते का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद यूरोप के बाजारों में बिक सकेंगे।

उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग की पीएम एफएमई योजना के तहत 826 विकास खंडों में पांच करोड़ रुपये की लागत वाली इकाइयां लगाई जाएंगी जिनमें 35 प्रतिशत सब्सिडी और 90 प्रतिशत सौर ऊर्जा सब्सिडी का प्रावधान है। बुंदेलखंड में 80 हजार महिलाएं बल्नी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ी हैं। प्रदेश में ऐसी पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां हैं और सभी मंडलों में ऐसी कंपनियां स्थापित की जाएंगी।उन्होंने निर्देश दिए कि हर विकास खंड में 25 हजार महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए। इसके लिए गहन मॉनिटरिंग हो और समयबद्ध लक्ष्य तय कर काम पूरा किया जाए। महिलाओं को समूहों से जोड़ने के साथ उन्हें पूरी तरह सक्रिय रखना है। 75 जिलों में कम से कम 75 लाख लखपति दीदी और हर जिले में 100 करोड़पति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया जाए। उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाना है।

उन्होंने कहा कि समूहों के माध्यम से स्कूली ड्रेस बनवाने के प्रयास किए जाएं। शिक्षा विभाग से समन्वय कर अभिभावक ड्रेस खरीद सकें और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। समूहों को किसी हाल में निराश नहीं होने देना है। सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। जहां सबसे ज्यादा सदस्य सक्रिय होंगे वहां प्रशस्ति पत्र दिया जाए। सीएलएफ के नीचे स्तर के भुगतान भी सीधे खातों में किए जाएं। विभाग को आवंटित बजट समय से खर्च किया जाए।

उन्होंने बताया कि इस बार गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में 14 लखपति दीदियां विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। प्रयास करें कि अगली बार हर जिले से लखपति दीदियां इसमें शामिल हों। समूहों में काफी संख्या में दीदियां ई-रिक्शा चला रही हैं इसलिए उनकी चार्जिंग की समस्या न आने दें।

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी बच्चों के लिए टेक होम राशन प्लांट में 202 से अधिक इकाइयां हैं जिनमें से 40 में 90 प्रतिशत सौर सब्सिडी दी गई है। शेष इकाइयों को भी सौर ऊर्जा से जोड़कर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों में दिशा की बैठकें समय से हों। ग्राम चौपाल नियमित आयोजित हों और एक माह पहले कैलेंडर जारी किया जाए। वहां सभी लाभार्थी परक योजनाओं के स्टॉल लगाए जाएं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इनक्यूबेशन सेंटर जहां ब्रांडिंग और पैकेजिंग का काम होगा उन्हें स्वयं सहायता समूहों को सौंपा जाए। अमृत सरोवरों को हरा-भरा रखा जाए और उनमें पानी उपलब्ध कराया जाए। विकसित भारत और स्मार्ट गांव के लक्ष्य पर फोकस करें। गांवों के समग्र विकास से ही विकसित भारत का विजन पूरा होगा। विकसित भारत जी राम जी अधिनियम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।

ग्रामीण आजीविका मिशन में उत्कृष्ट कार्य के लिए वाराणसी, अम्बेडकर नगर, इटावा, बुलंदशहर और संभल के मुख्य विकास अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इन्हीं जिलों के एक-एक ब्लॉक मिशन मैनेजर को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

बैठक में राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विभाग विजयलक्ष्मी गौतम, महानिदेशक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान एल वेंकटेश्वर लू ने भी विचार रखे। मिशन निदेशक दीपा रंजन ने स्वागत करते हुए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों पर प्रकाश डाला। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग गौरीशंकर प्रियदर्शी, विशेष सचिव ग्राम्य विकास विभाग जयनाथ, संयुक्त मिशन निदेशक जन्मेजय शुक्ला और अन्य अधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी मौजूद रहे।

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