लखीमपुर खीरी में प्रभारी मंत्री की बैठक में भाजपा विधायक योगेश वर्मा को कुर्सी न मिलने पर नाराजगी, सभागार छोड़कर बाहर निकले। 

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल की समीक्षा बैठक के दौरान भाजपा के सदर विधायक योगेश वर्मा को बैठने के

By INA News Desk
Jan 12, 2026 - 14:52
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लखीमपुर खीरी में प्रभारी मंत्री की बैठक में भाजपा विधायक योगेश वर्मा को कुर्सी न मिलने पर नाराजगी, सभागार छोड़कर बाहर निकले। 
लखीमपुर खीरी में प्रभारी मंत्री की बैठक में भाजपा विधायक योगेश वर्मा को कुर्सी न मिलने पर नाराजगी, सभागार छोड़कर बाहर निकले। 

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल की समीक्षा बैठक के दौरान भाजपा के सदर विधायक योगेश वर्मा को बैठने के लिए कुर्सी न मिलने पर नाराजगी हुई। विधायक ने गुस्से में सभागार छोड़कर बाहर चले गए। घटना रविवार दोपहर को हुई जब मंत्री जिले में पहुंचे थे। बैठक का निर्धारित समय तीन बजे था लेकिन बाद में इसे ढाई बजे कर दिया गया। इस बदलाव के कारण अधिकारी और पत्रकार समय से पहले पहुंच गए लेकिन मंत्री काफी देर से आए।

करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद कई लोग सभागार से बाहर निकल गए। जब मंत्री पहुंचे तो अचानक भीड़ बढ़ गई और उपलब्ध कुर्सियां कम पड़ गईं। इसी बीच सदर विधायक योगेश वर्मा को कोई कुर्सी उपलब्ध नहीं हुई। इस स्थिति से नाराज होकर उन्होंने सभागार छोड़ दिया और बाहर चले गए। विधायक के बाहर निकलने से प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।

अधिकारियों ने तुरंत विधायक के पास जाकर उन्हें मनाया और वापस सभागार में बुलाया। उनके लिए बैठने की व्यवस्था की गई। इसके बाद विधायक वापस बैठक में शामिल हो गए। पूरी घटना का वीडियो कैद हुआ जो बाद में तेजी से फैला। बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन कुर्सी विवाद ने इसे चर्चा में ला दिया।

यह घटना बैठक के प्रबंधन में हुई खामी को दर्शाती है जहां समय पर बदलाव और देरी से अव्यवस्था हुई। मंत्री के देर से पहुंचने से लोग इंतजार करते रहे और जब मंत्री आए तो कुर्सियों की कमी हो गई। विधायक योगेश वर्मा लखीमपुर सदर क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करते हैं और बैठक में उनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है।

प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने जिले में विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी थी। कुर्सी न मिलने की घटना के बाद व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया गया। अधिकारी विधायक को मनाने में सफल रहे और बैठक सामान्य रूप से चली।

घटना ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठाए। ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक होता है। विधायक के नाराज होकर बाहर जाने से बैठक में थोड़ी देर के लिए व्यवधान आया लेकिन मनाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।

लखीमपुर खीरी जिले में प्रभारी मंत्री की ऐसी बैठकें नियमित रूप से होती हैं जहां विकास परियोजनाओं की प्रगति देखी जाती है। इस बार समय बदलाव और देरी ने स्थिति को प्रभावित किया। विधायक योगेश वर्मा की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि छोटी बातें भी नाराजगी का कारण बन सकती हैं।

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