मेनका गांधी का तीखा बयान: पटाखे जलाने वाले देशद्रोही, दिवाली पटाखे दिल्ली प्रदूषण का मुख्य कारण।

बीजेपी नेता मेनका गांधी ने दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के संदर्भ में पटाखों के इस्तेमाल पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पटाखे जलाने

Jan 6, 2026 - 14:38
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मेनका गांधी का तीखा बयान: पटाखे जलाने वाले देशद्रोही, दिवाली पटाखे दिल्ली प्रदूषण का मुख्य कारण।
मेनका गांधी का तीखा बयान: पटाखे जलाने वाले देशद्रोही, दिवाली पटाखे दिल्ली प्रदूषण का मुख्य कारण।

बीजेपी नेता मेनका गांधी ने दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के संदर्भ में पटाखों के इस्तेमाल पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पटाखे जलाने वाले लोग देशद्रोही हैं। मेनका गांधी ने दावा किया कि दिवाली के पटाखे ही दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण हैं और पराली जलाने या वाहनों से होने वाले प्रदूषण के दावे झूठे हैं। उन्होंने बताया कि दिवाली से तीन दिन पहले तक हवा साफ रहती है लेकिन दिवाली से लेकर नए साल तक सांस लेना मुश्किल हो जाता है। मेनका गांधी ने कहा कि सिर्फ दिल्ली में दिवाली पर 800 करोड़ रुपये के पटाखे फूटते हैं तो इसका क्या असर होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया में ग्रीन पटाखा जैसी कोई चीज नहीं होती। बीजेपी नेता ने आगे कहा कि पटाखे सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाले वही लोग हैं जो सरकार पर सबसे ज्यादा आरोप लगाते हैं। उन्होंने विभिन्न अवसरों जैसे दिवाली, शादियां, नए साल और क्रिकेट मैचों पर पटाखे फोड़ने की आलोचना की। मेनका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्रीन पटाखों की अनुमति देने पर भी सवाल उठाए और कहा कि ग्रीन पटाखे नाम की कोई चीज नहीं है।

यह बयान ऐसे समय में आया जब दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब से बहुत खराब श्रेणी में थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली में सुबह 8 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 260 के स्तर पर था जो खराब श्रेणी में आता है। शहर कई दिनों से ग्रैप-3 और ग्रैप-4 नियमों के तहत रहा है। मेनका गांधी ने कहा कि पटाखों के कारण लोग इस जहरीली हवा से परेशान हैं और यह बारिश आने तक नहीं जाएगी। उन्होंने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध की वकालत की और कहा कि पटाखे फोड़ने वालों को देश विरोधी कहा जाना चाहिए क्योंकि सभी इससे प्रभावित होते हैं। बयान में उन्होंने अन्य स्रोतों जैसे पराली और वाहनों को प्रदूषण का मुख्य कारण मानने को अस्वीकार किया। मेनका गांधी का कहना था कि दिवाली से पहले हवा सामान्य रहती है और त्योहार के बाद ही समस्या शुरू होती है। उन्होंने पटाखों को दिल्ली के प्रदूषण का सबसे बड़ा योगदानकर्ता बताया।

यह टिप्पणी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच आई जहां एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित हुईं और लोग सांस की तकलीफ से जूझ रहे थे। मेनका गांधी ने ग्रीन पटाखों की अवधारणा को खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ नाम है और वास्तव में कोई फर्क नहीं पड़ता। बीजेपी नेता ने पटाखों के इस्तेमाल को विभिन्न मौकों पर होने वाली समस्या बताया। उन्होंने कहा कि लोग पटाखे फोड़ते हैं लेकिन प्रदूषण के लिए अन्य कारणों को जिम्मेदार ठहराते हैं। मेनका गांधी ने साफ हवा के लिए पटाखों पर रोक लगाने की मांग की। दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को देखते हुए यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि शहर सर्दियों में हर साल प्रदूषण से जूझता है। मेनका गांधी ने पटाखों को मुख्य कारण बताते हुए अन्य कारकों को कम महत्व दिया। उन्होंने कहा कि 800 करोड़ के पटाखों से होने वाला नुकसान बहुत बड़ा है।

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