राज ठाकरे 20 वर्ष बाद शिवसेना भवन पहुंचे, उद्धव ठाकरे और संजय राउत के साथ मनसे-शिवसेना (यूबीटी) का बीएमसी चुनाव के लिए संयुक्त घोषणापत्र जारी। 

महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे 20 वर्षों के बाद शिवसेना भवन पहुंचे। यहां

Jan 5, 2026 - 15:28
Jan 5, 2026 - 16:39
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राज ठाकरे 20 वर्ष बाद शिवसेना भवन पहुंचे, उद्धव ठाकरे और संजय राउत के साथ मनसे-शिवसेना (यूबीटी) का बीएमसी चुनाव के लिए संयुक्त घोषणापत्र जारी। 
राज ठाकरे 20 वर्ष बाद शिवसेना भवन पहुंचे, उद्धव ठाकरे और संजय राउत के साथ मनसे-शिवसेना (यूबीटी) का बीएमसी चुनाव के लिए संयुक्त घोषणापत्र जारी। 

महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे 20 वर्षों के बाद शिवसेना भवन पहुंचे। यहां उन्होंने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और वरिष्ठ नेता संजय राउत के साथ आगामी ब्रिहनमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव 2026 के लिए संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। यह घटना 4 जनवरी 2026 को शिवसेना भवन में हुई, जहां दोनों दलों ने गठबंधन की औपचारिक घोषणा की। राज ठाकरे का शिवसेना भवन पहुंचना 2005 में मनसे की स्थापना के बाद पहली बार हुआ, जब उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में असंतोष जताते हुए शिवसेना छोड़ी थी। इस गठबंधन का उद्देश्य बीजेपी के खिलाफ एकजुट होना है, और यह मुंबई की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। संयुक्त घोषणापत्र को 'शब्द ठाकरेंचा' या 'शिवशक्ति वचननामा' नाम दिया गया है, जिसमें मुंबईवासियों और मराठी लोगों के कल्याण पर फोकस किया गया है। घोषणापत्र में 20 प्रमुख बिंदु शामिल हैं, जिसमें किफायती आवास, बुनियादी ढांचे का उन्नयन, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सार्वजनिक परिवहन में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने जैसे वादे हैं। उद्घाटन कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा, और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा पर जोर दिया। यह गठबंधन बीएमसी चुनाव के अलावा ठाणे, कल्याण, नवी मुंबई, नासिक और पुणे जैसे अन्य नगर निगम चुनावों तक विस्तारित हो सकता है।

घोषणापत्र के प्रमुख बिंदुओं में मुंबई की जमीन को मुंबईवासियों के लिए सुरक्षित रखना और निजी बिल्डरों को सौंपने से रोकना शामिल है। एक अलग मुंबई म्यूनिसिपल हाउसिंग अथॉरिटी का गठन और पांच वर्षों में एक लाख किफायती घरों की डिलीवरी का वादा किया गया है। पंजीकृत घरेलू कामगारों को 'स्वाभिमान निधि' योजना के तहत 1500 रुपये मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। कोली मछुआरिन विक्रेताओं के लिए वित्तीय सहायता, लाइसेंसिंग समर्थन और कल्याण उपायों का प्रावधान है, जिसमें सामुदायिक आधारित लाइसेंस ट्रांसफर शामिल है। 'मासाहेब किचन' लॉन्च करके कामकाजी मुंबईवासियों को 10 रुपये में नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रमुख सड़कों पर हर दो किलोमीटर पर स्वच्छ, महिला-अनुकूल शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सेनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और डायपर चेंजिंग सुविधाएं होंगी। कामकाजी माता-पिता और महिला मजदूरों के लिए शहर भर में क्रेच का विस्तार होगा। हर वार्ड में पालतू-अनुकूल बुनियादी ढांचा स्थापित किया जाएगा, जिसमें पेट पार्क, क्लिनिक, एम्बुलेंस और श्मशान शामिल हैं।

बालासाहेब ठाकरे स्वरोजगार वित्तीय सहायता योजना के तहत एक लाख युवाओं को फंडिंग और गिग वर्करों तथा डब्बावालों को ब्याज-मुक्त ई-बाइक लोन प्रदान किया जाएगा। बीएमसी में आवश्यक खाली पदों को भरा जाएगा और मराठी युवाओं के लिए रोजगार, अप्रेंटिसशिप तथा हॉस्टल का सृजन होगा। 700 वर्ग फुट तक के घरों के लिए संपत्ति कर माफ किया जाएगा और पर्यावरण-अनुकूल हाउसिंग सोसायटीज के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे। सार्वजनिक शिक्षा पर मजबूत फोकस होगा, जिसमें बीएमसी स्कूलों की सुरक्षा, जूनियर कॉलेज स्तर तक विस्तार, छात्रों को मुफ्त टैबलेट और बहुभाषी गुणवत्ता शिक्षा का विस्तार शामिल है। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा का बड़े पैमाने पर उन्नयन होगा, जिसमें नए मेडिकल कॉलेज, अस्पताल क्षमता का विस्तार, रोबोटिक सर्जरी और मुफ्त जेनेरिक दवाएं शामिल हैं। इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत किया जाएगा, जिसमें आधुनिक आपदा प्रबंधन, हर वार्ड में मिनी फायर ब्रिगेड और रैपिड मेडिकल रिस्पॉन्स बाइक्स होंगी।

वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, डंपिंग ग्राउंड बंद करना, विकेंद्रीकृत प्रोसेसिंग सेंटर और प्रस्तावित कचरा कर को रद्द करना घोषणापत्र में शामिल है। उच्च गुणवत्ता वाली सड़क बुनियादी ढांचे के लिए ठेकेदारों से 15 वर्ष की गारंटी ली जाएगी और सभी शहर की सड़कों का एकीकृत नियंत्रण बीएमसी के अधीन होगा। किफायती और पर्याप्त पानी की आपूर्ति के लिए डिसेलिनेशन प्रोजेक्ट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सार्वभौमिक पानी अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे। ओपन स्पेस, मैंग्रोव, आरे वन, संजय गांधी नेशनल पार्क की सुरक्षा और किसी भी बिल्डर-चालित अतिक्रमण को अस्वीकार किया जाएगा। किफायती और विस्तारित बेस्ट सेवाएं, जिसमें फ्लैट फेयर बस टिकट, 10,000 इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, महिलाओं और छात्रों के लिए मुफ्त यात्रा, तथा 100 यूनिट मुफ्त बिजली शामिल है। पूर्ण शहर नियोजन प्राधिकार बीएमसी के पास 'एक शहर, एक जिम्मेदारी, एक जवाबदेही' के सिद्धांत के तहत होगा।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने विपक्षी उम्मीदवारों को धमकी देकर निर्विरोध चुनाव कराने के लिए संवैधानिक अधिकार का दुरुपयोग किया है, जो लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने चुनाव आयोग से नार्वेकर को निलंबित करने, उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, निर्विरोध चुनावों को रद्द करने और नए चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने बीजेपी और महायुति नेताओं पर आरोप लगाया कि वे कोस्टल रोड, मिडिल वैतरणा डैम, अस्पताल और कोविड-19 प्रबंधन जैसे प्रोजेक्ट्स का श्रेय ले रहे हैं, जो शिवसेना के शासनकाल में शुरू हुए थे। राज ठाकरे ने सत्ताधारी गठबंधन के 'हिंदू-मराठी' नैरेटिव की आलोचना की और कहा कि हम हिंदू हैं, हिंदी नहीं। उन्होंने महाराष्ट्र को मराठी राज्य बताते हुए कहा कि मुंबई का अगला मेयर मराठी होगा। उन्होंने विकास कार्यों में बाधा डालने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि सत्ता किसी की स्थायी नहीं है। उन्होंने निर्विरोध चुनावों का विरोध किया और बीजेपी की सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल के मामले का हवाला दिया। उन्होंने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक श्रेष्ठता पर जोर दिया और लोकतांत्रिक तथा सांस्कृतिक ढांचे को कमजोर करने के खिलाफ चेतावनी दी। यह गठबंधन 20 वर्षों की प्रतिद्वंद्विता के बाद हुआ है, जो सम्युक्त महाराष्ट्र आंदोलन से तुलना करता है। दोनों नेताओं ने कहा कि यह महाराष्ट्र और उसके लोगों की रक्षा के लिए है। संजय राउत ने इसे महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। गठबंधन में सीट-बंटवारे की चर्चा नहीं हुई, लेकिन अनौपचारिक रूप से शिवसेना (यूबीटी) 135 वार्ड और मनसे 80 वार्ड पर लड़ सकती है। एनसीपी (एसपी) के शामिल होने पर 10-12 सीटें दी जा सकती हैं।

घोषणापत्र में मुंबईवासियों के लिए 'शिवशक्ति का वचन' के रूप में वर्णित है, जो लोकतंत्र, मराठी पहचान और नागरिक शासन पर केंद्रित है। कार्यक्रम में गठबंधन उम्मीदवारों के लिए कार्यशाला भी हुई, जिसमें मुंबई के विकास की दृष्टि प्रस्तुत की गई। यह घटना मुंबई की राजनीति में नया मोड़ लाती है, जहां बीएमसी चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे और परिणाम 16 जनवरी को आएंगे। यह संयुक्त घोषणापत्र और गठबंधन महाराष्ट्र की राजनीति में एकीकरण का संकेत है, जो बीजेपी के खिलाफ मजबूत मोर्चा बनाता है। दोनों दलों ने मराठी लोगों की एकता पर जोर दिया और कहा कि यह लड़ाई महाराष्ट्र की रक्षा के लिए है। राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र किसी झगड़े या प्रतिद्वंद्विता से बड़ा है। उद्धव ठाकरे ने इसे सम्युक्त महाराष्ट्र की लड़ाई से जोड़ा और कहा कि शिवसेना ने मराठी लोगों के लिए संघर्ष किया है। घोषणापत्र में शामिल वादे मुंबई के विकास पर केंद्रित हैं, जैसे कचरा प्रबंधन, पानी आपूर्ति, सड़कें और पर्यावरण संरक्षण। यह गठबंधन अन्य नगर निगम चुनावों तक फैल सकता है, जो महाराष्ट्र की राजनीति को प्रभावित करेगा। घटना में ठाकरे परिवार के सदस्यों की उपस्थिति ने एकता का प्रतीक दिया।

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