Deoband : दारुल उलूम के शूरा सदस्य मौलाना अंजर हुसैन के निधन पर शोक, देवबंद की दीनी संस्थाओं में की गई मगफिरत की दुआ
दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ के छात्रों ने पवित्र कुरआन का पाठ कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और समाज के प्रति उनके द्वारा दी गई महान धार्मिक व सामाजिक सेवाओं को याद किया।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में स्थित विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ सहित विभिन्न दीनी इदारों में दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा (प्रबंधक कमेटी) के वरिष्ठ सदस्य मौलाना अंजर हुसैन मियां के निधन पर गहरे दुख का व्यक्त किया गया। इस दुखद मौके पर विभिन्न संस्थाओं में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन कर उनके लिए मगफिरत (मोक्ष) की दुआएं मांगी गईं। दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ के छात्रों ने पवित्र कुरआन का पाठ कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और समाज के प्रति उनके द्वारा दी गई महान धार्मिक व सामाजिक सेवाओं को याद किया।
इस शोक कार्यक्रम के दौरान दारुल उलूम के कुलपति मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, उपकुलपति अब्दुल खालिद मद्रासी और दारुल उलूम वक्फ के कुलपति सुफियान सहित शकेब कासमी मुख्य रूप से मौजूद रहे। दूसरी ओर दारुल उलूम फारुकिया में आयोजित एक अन्य शोकसभा में संस्था के प्रमुख नूरुलहुदा कासमी ने मौलाना अंजर मियां को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह बेहद सरल और सादगी पसंद इंसान थे। उन्होंने धार्मिक शिक्षा के क्षेत्र में जो अमूल्य योगदान दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रार्थना सभाओं में शामिल सभी लोगों ने उनके चले जाने को दीनी तालीम के क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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