Hardoi : हरदोई में चार गंभीर घटनाओं पर पुलिस ने कहा- निष्पक्ष हो रही जांच और कार्रवाई, जनता का भरोसा रहेगा बरक़रार
शाहाबाद थाना क्षेत्र के अहमदनगर गांव निवासी रामप्रसाद ने शिकायत दर्ज की कि रवि राजपूत ने उनकी अवयस्क बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इस शिका
हरदोई जिले में हाल ही में हुई चार अलग-अलग घटनाओं में पुलिस ने कार्रवाई की है। इनमें से कुछ मामलों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप भी लगे हैं। सभी प्रकरणों की निष्पक्ष जांच और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। नीचे चारों प्रकरणों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
प्रकरण 1: शाहाबाद थाना - रवि राजपूत की हिरासत में मौत
शाहाबाद थाना क्षेत्र के अहमदनगर गांव निवासी रामप्रसाद ने शिकायत दर्ज की कि रवि राजपूत ने उनकी अवयस्क बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इस शिकायत के आधार पर शाहाबाद थाने में रवि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें धारा 87 और 137(2) बीएनएस शामिल थीं। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर रवि को हिरासत में लिया। हिरासत के दौरान रवि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई। पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बात की और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
परिजनों की शिकायत पर उप-निरीक्षक वरुण कुमार शुक्ला, डायल-112 के दो पुलिसकर्मियों, अन्य पुलिस कर्मियों और पीड़िता के परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें धारा 3(5), 127(2), और 103(1) बीएनएस शामिल हैं। उप-निरीक्षक वरुण कुमार शुक्ला और निरीक्षक शिवगोपाल यादव को निलंबित कर दिया गया। शव का पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया गया, जिसमें मृतक के परिजन शिव कुमार मौजूद थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी के कारण दम घुटना बताया गया।
पुलिस अधीक्षक ने जिलाधिकारी से इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच का अनुरोध किया, जिसके लिए निर्देश जारी हो चुके हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के पर्यवेक्षण में क्राइम ब्रांच इस मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कर रही है। जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर पीड़िता के पिता रामप्रसाद को धारा 108 और 3(5) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय की हिरासत में भेजा गया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
प्रकरण 2: शाहाबाद थाना - शैलेंद्र पांडेय की हत्या
शाहाबाद थाना क्षेत्र के मूजागढ़ मोहल्ले के पास तालाब में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को निकाला और उसकी पहचान शैलेंद्र पांडेय उर्फ गौरी, उम्र 33 वर्ष, निवासी निहालगंज, शाहाबाद के रूप में हुई। मृतक के पिता रामलाल की शिकायत पर मुंशी खां, पिंटू, अवस्थी, और पवन भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें धारा 115(2) और 140(1) बीएनएस शामिल थीं। जांच के दौरान धारा 103(1), 3(5), और 238 बीएनएस जोड़ी गईं।
पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से बात कर मामले के जल्द खुलासे के लिए निर्देश दिए। पुलिस ने नामजद अभियुक्तों मुंशी खां, पिंटू वर्मा, और पिंटू उर्फ चंद्रप्रकाश मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायालय की हिरासत में भेज दिया। शेष अभियुक्तों की तलाश जारी है। पूछताछ में पता चला कि पिंटू वर्मा मृतक को एक बार में ले गया था, जहां मुंशी खां और अन्य अभियुक्तों ने किसी विवाद के कारण शैलेंद्र के साथ मारपीट की। उसका शव बार से कुछ किलोमीटर दूर तालाब में मिला। मामले की गहन जांच जारी है।
प्रकरण 3: माधौगंज थाना - चंद्रशेखर की मौत
माधौगंज थाना क्षेत्र के जेहदीपुर गांव निवासी बालक राम ने शिकायत दर्ज की कि धर्मपाल, नंद किशोर, बब्लू, गोविंद, और राहुल ने उनके बेटे चंद्रशेखर उर्फ राहुल के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। यह विवाद घर के सामने बने ब्रेकर और रास्ते से गुजरने को लेकर था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और फील्ड यूनिट ने साक्ष्य एकत्र किए। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें धारा 103 बीएनएस शामिल है।
पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण बिजली का झटका लगना बताया गया। इस रिपोर्ट को आगे की जांच के लिए लखनऊ के राज्य चिकित्सा विधि विशेषज्ञ को भेजा गया है। विवेचना जारी है।
प्रकरण 4: कोतवाली शहर - अंशुल की मौत
कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के बिलग्राम रोड पर मैदा मिल के पास अंशुल, उम्र 24 वर्ष, निवासी गुरूगुज्जा का शव मिला। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फील्ड यूनिट ने साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस अधीक्षक ने मौके का दौरा कर जांच के निर्देश दिए। परिजनों ने अंशुल के दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें धारा 103(1) बीएनएस शामिल थी। जांच के दौरान धारा 103(1) को हटाकर धारा 105 बीएनएस जोड़ी गई।
पुलिस ने नामजद अभियुक्त अंकित को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि अंशुल ऑटो में ड्राइवर की बगल वाली सीट पर बैठा था और उसने सिर बाहर निकाला हुआ था। अंकित ने ऑटो को तेजी से चलाते हुए एक ई-रिक्शा को ओवरटेक किया, जिससे अंशुल का सिर ई-रिक्शा से टकरा गया। इस टक्कर से सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई।
हरदोई पुलिस ने कहा कि हम इन सभी घटनाओं को गंभीरता से ले रहे है और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच का आश्वासन देती है। जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए पुलिस हर मामले में कठोर और पारदर्शी कार्रवाई कर रही है।
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