बिहार में भयंकर रेल हादसा- सीमेंट लदी मालगाड़ी के कई डिब्बे बथुआ नदी में गिरे, 17 बोगियां पटरी से उतरीं

दुर्घटना में मालगाड़ी के कुल 42 डिब्बों में से 19 डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से 10 डिब्बे बथुआ नदी में गिर गए, जबकि अन्य डिब्बे पलट गए या एक-दूसरे पर चढ़ गए। कुछ रिपोर्टों में

Dec 28, 2025 - 09:55
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बिहार में भयंकर रेल हादसा- सीमेंट लदी मालगाड़ी के कई डिब्बे बथुआ नदी में गिरे, 17 बोगियां पटरी से उतरीं
AI Image

बिहार के जमुई जिले में 27 दिसंबर 2025 की देर रात एक बड़ा रेल हादसा हुआ। पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत जसीडीह-झाझा मुख्य रेल खंड पर सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह घटना टेलवा बाजार हॉल्ट के पास पुल संख्या 676 पर बथुआ नदी के पुल के समीप हुई। मालगाड़ी जसीडीह से झाझा की ओर जा रही थी और अप ट्रैक पर चल रही थी।

दुर्घटना में मालगाड़ी के कुल 42 डिब्बों में से 19 डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से 10 डिब्बे बथुआ नदी में गिर गए, जबकि अन्य डिब्बे पलट गए या एक-दूसरे पर चढ़ गए। कुछ रिपोर्टों में तीन डिब्बे नदी में गिरने और कई अन्य बेपटरी होने की बात कही गई है। हादसे के समय रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच का समय बताया गया है। इस घटना से इलाके में जोरदार धमाका हुआ और सीमेंट लदी बोगियां बिखर गईं। हादसे के कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर यह खंड महत्वपूर्ण है, जिससे कई यात्री और मालगाड़ियां प्रभावित हुईं। जसीडीह और झाझा स्टेशनों पर ट्रेनें खड़ी हो गईं। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत राहत और बहाली कार्य शुरू किया। आसनसोल, मधुपुर और झाझा से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया।

रेलवे की ओर से दुर्घटना की पुष्टि की गई और बहाली कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है और जांच चल रही है। सौभाग्य से इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि यह मालगाड़ी थी और इसमें कोई यात्री नहीं थे। ठंड और धुंध के कारण शुरुआती राहत कार्यों में कुछ कठिनाई आई। मालगाड़ी में सीमेंट का बड़ा जखीरा लदा हुआ था, जो पटरी से उतरने के बाद आसपास बिखर गया। पुल के नीचे नदी में गिरे डिब्बों से सीमेंट का सामान पानी में मिल गया। यह हादसा बिहार-झारखंड सीमा क्षेत्र के निकट हुआ, जहां यह रेल खंड दोनों राज्यों को जोड़ता है। रेलवे ने इस मार्ग पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन बहाली में समय लग सकता है।

घटना के बाद रेलवे के उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया और तकनीकी टीमों ने साइट का निरीक्षण शुरू किया। बहाली कार्य में क्रेन और अन्य उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। इस तरह के हादसों से रेल यातायात पर लंबे समय तक असर पड़ता है, खासकर व्यस्त दिल्ली-हावड़ा रूट पर। रेलवे ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों या रद्द ट्रेनों की जानकारी देने का निर्देश दिया। यह हादसा 2025 के अंत में भारतीय रेलवे में हुई प्रमुख घटनाओं में से एक है, जहां मालगाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल उठे। अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम की जांच की जाएगी। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट पर रहा।

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