Hardoi: बुवाई से पूर्व बीज शोधन को अपनाया जाना नितांत आवश्यक - जिला कृषि रक्षा अधिकारी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया है कि फसलों में प्रति वर्ष कीट/रोग एवं खरपतवार से होने वाली क्षति एवं कृषि रक्षा रसायनों
Hardoi: जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया है कि फसलों में प्रति वर्ष कीट/रोग एवं खरपतवार से होने वाली क्षति एवं कृषि रक्षा रसायनों के अविवेकपूर्ण प्रयोग से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है। जिसके लिये वर्तमान समय मे बुवाई से पूर्व बीज शोधन को अपनाया जाना नितांत आवश्यक है। इससे उत्पादन में वृद्धि होती है तथा कृषकों उत्पादन लागत कम होने से उनकी आय में वृद्धि होने के साथ पर्यावरणीय प्रदूषण भी कम होता है। कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 को बीज वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
जिसमे बीजशोधन का व्यापक महात्व है तथा जनपद हरदोई मे बीजशोधन अभियान-स्वस्थ बीज, समृद्ध किसान का आयोजन 05 जून 2026 से 04 जुलाई 2025 तक समस्त ग्राम पंचायतों मे अभियान चलाकर बीजशोधन हेतु कृषकों को जागरूक किया जाना है। इसके अन्तर्गत बीज जनित रोगों से बचाव के लिये बुवाई से पूर्व 1 किग्रा० बीज शोधित करने के लिये 5-10 ग्राम ट्राइकोडर्मा हारजेनियम का प्रयोग करना चाहिये। अथवा रसायन कार्बेन्डाजिम 50 प्रति०डब्लू०पी० की 3 ग्राम/किग्रा० धान के बीज का उपचार करके नर्सरी डालनी चाहिये। जिससे धान की नर्सरी मे लगने वाले रोग जैसे-भूरा धब्बा, सीड बलाइट इत्यादि मे कमी दिखाई देती है। इसके अतिरिक्त अन्य फसले मूंग/उर्द. मूंगफली, ज्वार, बाजरा एवं मक्का आदि बीजों का बीज उपचार करना चाहिये। उक्त रसायन जनपद की समस्त राजकीय कृषि रक्षा इकाइयों पर 50 प्रति० अनुदान पर उपलब्ध है।
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