Lucknow : खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत 13 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, स्थानीय किसानों को मिलेगा रोजगार का बड़ा अवसर
जिन प्रमुख इकाइयों को आगे बढ़ाने की सहमति दी गई है, उनमें बिस्कुट, टॉफी, पास्ता, नूडल्स, डेयरी उत्पाद, सोलर पावर प्लांट और दाल प्रसंस्करण जैसी इकाइयां शामिल हैं। समिति ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इन उद्योगों
लखनऊ स्थित खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत गठित एप्रेज़ल समिति की बैठक अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी एल मीणा की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में 14 नए और एक पुराने स्थगित प्रस्ताव सहित कई परियोजनाओं पर गहन चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद कुल 13 प्रस्तावों को राज्य स्तरीय समिति के पास अंतिम अनुमति के लिए भेजने का निर्णय लिया गया।
जिन प्रमुख इकाइयों को आगे बढ़ाने की सहमति दी गई है, उनमें बिस्कुट, टॉफी, पास्ता, नूडल्स, डेयरी उत्पाद, सोलर पावर प्लांट और दाल प्रसंस्करण जैसी इकाइयां शामिल हैं। समिति ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इन उद्योगों के लिए कच्चा माल प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय किसानों और दूध उत्पादकों से ही खरीदा जाएगा। साथ ही, संबंधित इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और नक्शा पास कराने जैसे जरूरी प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। जहाँ जरूरी हो, वहां उद्योगों को 100 स्थानीय किसानों से कच्चा माल लेने की सूची भी देनी होगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जो इकाइयां पहले से चल रही हैं, उन्हें अपनी उत्पादन क्षमता और पिछले दो वर्षों के टैक्स रिटर्न की जानकारी देनी होगी। एक प्रस्ताव को मानव उपयोग के लिए सही न पाए जाने पर रद्द कर दिया गया। इसके अलावा नीति के दायरे में फल-सब्जी प्रसंस्करण, शहद, मसाला और मछली चारा निर्माण जैसे क्षेत्रों को भी जोड़ने पर सहमति बनी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
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