Lucknow : विकसित उत्तर प्रदेश @2047- उच्च शिक्षा कॉनक्लेव में नवाचार और गुणवत्ता पर चर्चा

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी संस्था

Nov 20, 2025 - 22:49
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Lucknow : विकसित उत्तर प्रदेश @2047- उच्च शिक्षा कॉनक्लेव में नवाचार और गुणवत्ता पर चर्चा
Lucknow : विकसित उत्तर प्रदेश @2047- उच्च शिक्षा कॉनक्लेव में नवाचार और गुणवत्ता पर चर्चा

लखनऊ। विकसित उत्तर प्रदेश @2047– संकल्प से समृद्धि तक राज्य स्तरीय अभियान के तहत योजना भवन में उच्च शिक्षा कॉनक्लेव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने किया।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी संस्थाओं को एकजुट होकर काम करना होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है। इसका मुख्य तत्व शिक्षा को संस्कार और रोजगार से जोड़ना है। प्रदेश में विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ी है। हर मंडल में विश्वविद्यालय खोलने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे शिक्षा का प्रसार होगा। गुणवत्ता सुधार से राज्य के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में भी सुधार आया है।उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में उच्च शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण है। कॉनक्लेव में आत्मनिर्भरता, नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल लॉकर, स्मार्ट क्लास, शोध और एआई जैसी तकनीकों के विस्तार पर चर्चा हुई। राज्य के विश्वविद्यालय चुनौतियों को उपलब्धियों में बदल सकते हैं। यह कॉनक्लेव इसी दिशा में मजबूत कदम है।

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य में शिक्षा की निर्णायक भूमिका है। 2047 तक उत्तर प्रदेश के कम से कम 10 विश्वविद्यालयों को विश्व की शीर्ष 500 रैंकिंग में लाने का लक्ष्य है। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय मानक अपनाने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ जीएन सिंह ने भारत की आर्थिक संभावनाओं, तकनीकी अपनाने और यूरोपीय विश्वविद्यालयों से सहयोग की जरूरत बताई। वैश्विक मानकों वाली शिक्षा प्रणाली बनाने के लिए नवाचार और गुणवत्ता वाले शोध को प्रमुख बताया।

मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ केवी राजू ने उच्च शिक्षा के लिए कार्य योजना, मासिक निगरानी, कार्यकुशलता, स्टार्टअप नवाचार केंद्र, सीएसआर फंडिंग और शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाने के उपाय सुझाए।

मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार प्रो डीपी सिंह ने भारतीय ज्ञान प्रणाली, शिक्षा पद्धति, सहयोगी शोध मॉडल और शैक्षिक नेतृत्व की भूमिका पर विचार रखे। तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों की क्षमता को पुनर्जीवित कर आधुनिक तकनीक से वैश्विक गुणवत्ता हासिल की जा सकती है।

कॉनक्लेव में एक्सेस विद क्वालिटी एंड इंक्लूजन, फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज, इंडस्ट्री पार्टनरशिप, एम्प्लॉयबिलिटी, रिसर्च, फाइनेंसिंग ऑफ हायर एजुकेशन, ग्लोबल टैलेंट, पीपीपी मॉडल तथा इंडियन नॉलेज सिस्टम जैसे विषयों पर नौ पैनलों में चर्चा हुई। कुलपतियों और विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए सुझाव और रोडमैप दिए।

कार्यक्रम के अंत में प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने धन्यवाद दिया। विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के उच्च शिक्षा विजन पर आगे की रणनीति तय की गई। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और अधिकारी उपस्थित रहे।

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