Lucknow : अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025: सहकारिता को नई दिशा देने पर गोष्ठी के बाद पांच मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सहकारिता विभाग के राज्यमंत्री जेपीएस राठौर, पीसीयू
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 और 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन पर उत्तर प्रदेश सहकारी यूनियन लिमिटेड तथा उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन सहकारिता भवन स्थित उत्तर प्रदेश सहकारी यूनियन सभागार में हुआ। गोष्ठी का विषय था भारत की सहकारिता के लिए संरचित रोडमैप, राष्ट्रीय सहकार नीति परितंत्र तथा युवाओं, महिलाओं एवं कमजोर वर्गों को सहकारी उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाना।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सहकारिता विभाग के राज्यमंत्री जेपीएस राठौर, पीसीयू अध्यक्ष सुरेश गंगवार, यूपीआरएनएसएस अध्यक्ष प्रेम सिंह शाक्य, आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगेश कुमार, अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक (प्रशासन/बैंकिंग) अनिल कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पीसीयू श्रीकांत गोस्वामी, प्रबंध निदेशक यूपीआरएनएसएस वीके सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक और जिला सहकारी बैंक लाभ में चल रहे हैं तथा सहकारी संस्थाओं में पूंजी संग्रहण में व्यापक वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद वितरण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, गेहूं-धान खरीद, पेट्रोल पंप संचालन तथा विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में सहकारिता की बढ़ती भूमिका को आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों को सहकारिता से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सहकारिता विभाग की स्थिति काफी खराब थी। योगी सरकार बनने के बाद विभाग लगातार प्रगति कर रहा है। सहकारी समितियों के 50 लाख सदस्यों ने 500 करोड़ रुपये की धनराशि एकत्र की है, जो चमत्कार से कम नहीं है। साख पर ही अर्थव्यवस्था चलती है। साख मजबूत होने से सब कुछ बेहतर होता है। वर्तमान में सहकारिता की साख बढ़ रही है और बैंकों की स्थिति मजबूत हुई है। विभागों की प्रगति के आधार पर ही वित्तीय सहायता दी जाती है।
राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि सहकारिता जनविश्वास का आधार है। उत्तर प्रदेश में सहकारी समितियों ने वित्तीय सुदृढ़ीकरण, गोदामों के आधुनिकीकरण, कंप्यूटरीकरण, सौर ऊर्जा उपयोग और खाद वितरण में डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा दिया है। प्रदेश में 50 लाख से अधिक नए सदस्य जुड़े हैं तथा जमा पूंजी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने पहली बार 1 से 30 सितंबर 2023 तक पी पैक्स सदस्यता महाभियान शुरू किया, जिसमें 30 लाख नए सदस्य बने और 70 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ। दूसरे चरण में 22 लाख से अधिक नए सदस्य बने और 41.02 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल मिला। कुल 650 करोड़ रुपये किसानों ने जिला सहकारी बैंकों में जमा किए हैं। यह किसानों की सहकारी बैंकों पर बढ़ती विश्वसनीयता का प्रमाण है। इस सहकारिता जनआंदोलन से प्रदेश में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
एम-पैक्स में नई गतिविधियां एवं सेवाओं का विस्तार हो रहा है। मॉडल बायलॉज लागू होने के बाद 161 एम-पैक्स जन औषधि केंद्र के रूप में कार्यरत हैं। 6515 एम-पैक्स प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में किसानों को लाभ पहुंचा रहे हैं और 5198 एम-पैक्स जन सुविधा केंद्रों के रूप में चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सीएससी ट्रांजेक्शन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगेश कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सहकारिता सप्ताह के महत्व तथा आगामी योजनाओं पर जानकारी दी। प्रदेश की 969 सहकारी समितियों में यूपीआई क्यूआर कोड लागू हो गया है। बाकी सभी एम-पैक्स को क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे सहकारी समितियों के व्यवसाय में पारदर्शिता बढ़ेगी। आगामी वर्षों में सभी सहकारी समितियों को सौर ऊर्जा से आच्छादित किया जाएगा, जो ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और विकसित भारत के लक्ष्य में सहायक होगा।
प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड विनोद कुमार सिंह ने बताया कि ई-एमबी तथा ई-बिल सॉफ्टवेयर तैयार कर सभी नए निर्माण कार्यों के भुगतान में यह व्यवस्था अपनाई जा रही है।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर क्षितिज अवस्थी (भारतीय प्रबंधन संस्थान) ने राष्ट्रीय सहकार नीति के पांच प्रमुख स्तंभों, सहकारिता के आधुनिकीकरण, सुशासन, क्षमता विकास और ग्रामीण विकास में सहकारिता की भूमिका पर प्रस्तुति दी। प्रोफेसर डॉ अर्पणा सेंगर ने युवाओं, महिलाओं एवं कमजोर वर्गों को सहकारी उद्यमिता से जोड़ने, पारंपरिक कारीगरों के उत्थान तथा महिला स्वावलंबन पर विचार रखे।
इस अवसर पर सहकारिता मासिक पत्रिका के विशेषांक का विमोचन किया गया। उत्तर प्रदेश सहकारी यूनियन के पांच मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें धर्मेंद्र कुमार पांडेय को जालौन, अजीत यादव को आगरा, अनिकेत गिरी को मुजफ्फरनगर, अलका को अमरोहा एवं नितिन कुमार को मेरठ में सहकारी कामदार के पद पर नियुक्ति दी गई। जनता दुर्घटना बीमा योजना के तहत पात्र आश्रितों को 50,000 रुपये के चेक वितरित किए गए। उत्तर प्रदेश सहकारी यूनियन के नए लोगो का उद्घाटन तथा उत्तर प्रदेश प्रबंधन प्रणाली पोर्टल का शुभारंभ भी हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, विशेषज्ञ, प्रतिनिधि सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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